Kargil War

पाकिस्तान हर बार झूठ बोलता है और ऐसा ही इस युद्ध के बाद किया था। पाकिस्तान ने शुरुआत में कहा था कि उसके सिर्फ 375 सैनिक मारे गए हैं।

कारगिल में पाक सैनिकों की घुसपैठ की सबसे पहले खबर देने वालों में जाट रेजिमेंट के शहीद कैप्टन सौरभ कालिया थे। 1999 में कारगिल में पाकिस्तानियों की घुसपैठ का पता कैप्टन सौरभ कालिया और उनकी टीम ने लगाया था।

Kargil War: 1999 में मनोज पांडे ने अपनी मां से वादा किया था कि 25 जून को जन्मदिन पर घर आएंगे। पर मई में दुश्मनों ने देश पर हमला कर दिया।

Indian Army: सरहद पर ड्यूटी के दौरान जवानों के दिमाग में बस दिमाग में यह होता है कि सब कुछ शक से देखें, अलर्ट रहें और दुश्मन को घुसने न दें।

Indian Army: जवान जंगलों में बंकर बनाकर रहते हैं। बंकर किसी भी हमले से तो बचाता ही है साथ ही दुश्मनों को इन बंकरों को ढूंढना भी आसास नहीं होता।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में लड़े गए कारगिल युद्ध (Kargil War 1999) में भारतीय सेना (Indian Army) ने दुश्मनों को भगा-भगाकर मारा था।

युद्ध में नायक दीपचंद ने भी हिस्सा लिया था। उन्होंने युद्ध से जुड़े उन दिनों के अपने अनुभव को साझा किया है। उन्होंने यह भी बताया था कि जंग के दौरान सैनिकों को खाने पीने की मदद कैसे मिल रही थी।

Kargil War 1999: इस युद्ध में पाकिस्तान ने न केवल अपने 700 सैनिक गंवा दिए बल्कि ऐसी मनोवैज्ञानिक मार भी खाई. जिससे वह आज तक उबर नहीं पाया है।

Kargil War: कारगिल युद्ध में राजपूताना राइफल्स की वीरता बेमिसाल रही थी। कारगिल युद्ध लड़ चुके पूर्व सैनिक दिनेश कुमार ने अपने अनुभव को साझा किया है।

बंकरों के माध्यम से किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए सेना अपना मोर्चा संभाल सकती है। दुश्मनों की संदिग्ध हरकतों पर इसके जरिए तीखी नजर रखी जाती है।

विक्रम बत्रा (Captain Vikram Batra) का जन्म 9 सितंबर 1974 को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पालमपुर में घुग्गर गांव में हुआ था।

दुश्मन की एक नजर पड़ते ही ताबड़तोड़ फायरिंग होने लगती थी। दुश्मनों को रात में टारगेट किया जाता था ताकि उन्हें यह पता न चल सके कि आखिरकार अचानक हमला कहां से हो गया।

एक पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके दूसरा भारत के कब्जे वाला कश्मीर। इसके बाद 1950 में भारत-पाक विषम परिस्थितियों में थे, तो मौके का फायदा उठाकर चीन ने पूर्वी कश्मीर पर धीरे-धीरे नियंत्रण कर लिया।

परिवार की बेटियों और बहुओं ने रुद्रेश्वर (Rudreshwar Sahu) के पार्थिव शरीर को कंधा दिया और उन्हें मुखाग्नि दी। यह देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे।

भारत को 1947 में अंग्रेजों से आजादी के बाद अपनी थलसेना, वायुसेना और नौसेना मिली। सेना आजादी के बाद लड़े गए हर युद्ध में अहम भूमिका निभाते हुए दुश्मनों से टक्कर ली और जीत भी दिलाई।

कारगिल युद्ध (Kargl War) में भारत ने पाकिस्तान को हराकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। भारत ने दिखा दिया था कि उनकी जमीन पर कब्जा करने की चाह रखने वालों को किस तरह से नेस्तनाबूद किया जाएगा।

भारतीय सेना (Indian Army) ने अपने शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए तोलोलिंग चोटी को जीत लिया था, जिससे युद्ध की बाजी पलट गई थी।

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