विकास का पहिया

इरादा अगर पक्का हो तो सफलता जरूर मिलती है। इसे साबित कर दिखाया है झारखंड (Jharkhand) के गिरिडीह के धुर नक्सलग्रस्त गांव जरूवाडीह की बेटी मनीषा कुमारी ने।

छत्तीसगढ़ का बस्तर (Bastar) जिला, जिसकी पहचान नक्सलवाद (Naxalism) से होती है, उसी बस्तर जिले के एक छोटे से पंचायत की इस पहल ने देश भर में कोरोना के संकटकाल में मिसाल कायम किया है।

सरकार नक्सल प्रभावित इलाकों (Naxal Area) में लोगों बच्चों और युवाओं को शिक्षित बनाने पर जोर दे रही है तो वहीं अब इन बच्चों के खेलकूद की प्रतिभा को निखारने का काम भी किया जा रहा है। बिहार के जमुई के नक्सल प्रभावित इलाकों में सरकार ने बच्चों के बीच कैरमबोर्ड और बैडमिंटन उपलब्ध कराया है।

झारखंड समेत देश के सभी नक्सल प्रभावित राज्यों में अब विकास की बयार बह रही है। इसकी गति को तेज करने के लिए केंद्र सरकार ने कमर कस लिया है। इसके लिए, केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों से प्रस्ताव मांगा है।

विकास के दुश्मन नक्सलियों (Naxals) ने जानबूझ कर गांव वालों को अंधेरे में रहने के लिए मजबूर कर रखा था। लेकिन अब 'सौभाग्य योजना' के तहत यहां के गांवों में सोलर होम लाईट की सुविधा पहुंचाई गई है।

छत्तीसगढ़ का बस्तर इलाका लाल आतंक का गढ़ रहा है। दशकों से यह इलाका नक्सलियों (Naxalites) की दहशत के साए में है। यहां के कई इलाके ऐसे हैं जहां लोगों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं पहुंच पाई हैं।

झारखंड के गिरिडीह जिले के अति नक्सलवाद प्रभावित पारसनाथ पहाड़ के तलहटी में बसे सुरही गांव में सीआरपीएफ (CRPF) के सिविक एक्शन प्रोग्राम (Civic Action Program) के तहत मेडिकल कैम्प का आयोजन किया गया।

नक्सलवाद से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस ने बस्‍तर के धुर नक्सल प्रभावित गांव में कैंप (Police Camp) खोला था। यह पुलिस कैंप बस्तर के बोडली गांव में इस साल के शुरुआत में खोला गया था।

छत्तीसगढ़ के बस्तर का वह इलाका जहां कभी नक्सलियों (Naxals) की गोलियों की आवाज गूंजती थी वहां अब विकास की लहर दौड़ रही है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

सामुदायिक पुलिसिंग के तहत सीआरपीएफ (CRPF) की 22वीं बटालियन की ओर से झारखंड के हजारीबाग और चतरा जिले के सीमावर्ती इलाके के अनगडा पंचायत में सामग्री वितरण शिविर का आयोजन किया गया।

सीआरपीएफ (CRPF) की 195वीं वाहिनी ने एक अनूठे अभियान की शुरुआत की है। जिसके तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के स्कूली छात्रों को सीआरपीएफ कैम्प का भ्रमण कराया जा रहा है।

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