विकास का पहिया

घाटी में बच्चों के लिए घरों में लगेंगी स्पेशल क्लासेज परीक्षा से पहले पाठ्यक्रम पूरा करना है लक्ष्य माता-पिता नहीं...

आज एक छोटी सी पहल ने पूरे गांव की तस्वीर बदल दी है। यहां के सैकड़ों परिवार आर्थिक तंगी से उबर कर खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। यह संभव हुआ है गांव की महिलाओं द्वारा शुरू किए गए कुटीर उद्योग से।

मध्य प्रदेश के मवई विकासखंड के नक्सल प्रभावित मोतीनाला क्षेत्र में 132 केवी विद्युत उप केंद्र स्थापित करने की स्वीकृति मिल गई है।

जंगल है तो झारखंड (Jharkhand)  है। जंगल ही इस क्षेत्र की पहचान है। पिछले कुछ सालों से पूरे देश में...

छत्तीसगढ़ के नक्सलग्रस्त जिले बीजापुर के कुटरु गांव को राष्ट्रीय स्तर पर बाल मित्र पंचायत पुरस्कार मिला है। केंद्रीय पंचायती-राज मंत्रालय ने कुटरु गांव को यह पुरस्कार देने की घोषणा की है।

सामुदायिक रेडियो 10 से 15 किलोमीटर के दायरे के इलाके में लो फ्रीकेंवसी में काम करने वाले एफएम रेडियो स्टेशन हैं। सीआरएस कृषि संबंधी सूचनाओं, मौसम का पूर्वानुमान और फसल संबंधी जानकारियों के लिए उपयोगी साबित होते हैं।

झारखंड के नक्सल प्रभावित वैसे राज्य जहां संचार सेवाओं का पहुंचना दुभर था अब वहां फोन कनेक्टिविटी बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी गई है। दरअसल नक्सली हमेशा से ही विकास के विरोधी रहे हैं।

सरकार विकास योजनाओं से जन-जन को जागरूक करने के लिए झारखंड सरकार ने एक नई पहल की है। राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में टेलीविजन के माध्यम से सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए सरकार मुफ्त में डीडी रिसीवर बांटेगी।

पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने आइटीआइ में दाखिला नियम को सरल करने के साथ ही आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को विशेष सुविधा देने का फैसला लिया है।

नक्सलियों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाले इलाकों में 30 नए पुलिस कैंप खोले जाएंगे। पहले से 22 कैंप हैं। पहले चरण में 780 और दूसरे चरण के लिए 751 गांवों का चयन किया गया है।

झारखंड के नक्सल प्रभावित इलाकों की बेहतरी की दिशा में केंद्र सरकार ने एक नया कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 220 नये डाकघर खोलने की मंजूरी दी है। इन सभी डाकघरों में कोर बैंकिंग, माइक्रो एटीएम सहित अन्य तरह की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे विभिन्न सामाजिक और आर्थिक उपायों का सकारात्मक और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ा है। आंकड़े इसकी गवाही देते हैं।

एक तो थानों की दूरी ऊपर से लोगों में जागरुकता की कमी और साथ ही इन क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा न होने का कारण ऐसा होता है। इसके अलावा नक्सलियों के डर की वजह से भी लोग थाने तक कम पहुंच पाते हैं।

The government is looking to fill critical gaps in public infrastructure and services of emergent nature in the most LWE affected districts. This Scheme is for 3 years i.e. from 2017-18 to 2019-20 with an outlay of INR 3000 crore.

इस योजना के तहत सरकार की कोशिश होती है कि नक्सली हिंसा प्रभावित इलाकों में रहने वाले युवाओं में कौशल का विकास किया जाए ताकि वो रोजगार पाने में सक्षम बन सके।

For the holistic development of Left Wing Extremist (LWE) affected areas, various schemes are being implemented by the line ministries and departments. Some of the major development initiatives are being undertaken in the areas of skill development.

इस गांव के स्कूल में आठवीं तक की पढ़ाई होती है। इसके आगे की पढ़ाई के लिए लड़कियों को 17 किमी दूर लातेहार जिला मुख्यालय आना पड़ता है।

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