विकास का पहिया

नक्सल प्रभावित गांवों के बच्चों को 10वीं की पढ़ाई के लिए कहीं दूर नहीं जाना होगा। इसलिए 19 स्कूलों को अपग्रेड किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ अभियान जारी है। इस बीच सुकमा पुलिस ने एक नया अभियान शुरू किया है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बीजापुर (Bijapur) जिले के धुर नक्सल प्रभावित इलाकों (Naxal Areas) में सालों से बंद पड़े स्कूल अब खुल गए हैं।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) का धुर नक्सल प्रभावित (Naxal Area) दंतेवाड़ा (Dantewada) जिला विकास की राह पर लगातार आगे बढ़ रहा है। जिले का पहला लोहे का पुल कुआकोंडा में बनकर तैयार हो गया है।

बस्तर (Bastar) से नक्सलवाद (Naxalism) धीरे-धीरे खत्म होने के कागार पर है। आज यहां को सुदूर इलाकों में लगातार विकास हो रहा है। नक्सलवाद के कमजोर होने के साथ ही सरकार और प्रशासन यहां के पर्यटन स्थलों के विकास में भी जुट गया है।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ ताबड़तोड़ अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में कई नक्सली मारे जा चुके हैं और बड़ी संख्या में नक्सलियों ने सरेंडर किया है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgar) में नक्सल प्रभावित (Naxal Affected) बीजापुर और सुकमा जिलों की सीमा पर स्थित तर्रेम गांव में दशकों बाद एक बार फिर बिजली की रोशनी पहुंची है।

नक्सल (Naxalites) प्रभावित इलाकों में सड़क निर्माण होने से यहां विकास हो पाएगा और सरकारी योजनाएं आसानी से क्रियान्वित हो पाएंगी।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बीजापुर (Bijapur) जिले के धुर नक्सल प्रभावित इलाकों (Naxal Area) में तेजी से विकास हो रहा है। यहां लगातार सड़कों को निर्माण हो रहा है।

झारखंड (Jharkhand) के नक्सल प्रभावित (Naxal Area) खूंटी जिले में महिलाओं का खेती की ओर रूझान बढ़ा है। ये महिलाएं बहुत ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं हैं पर इनमें कुछ कर दिखाने का जज्बा है।

बिहार (Bihar) के नक्सल प्रभावित (Naxal Area) गया जिले के डुमरिया के बाघपुर, औरवाटाड़, पनछंदा गांव से करीब ढाई सौ एकड़ भूमि आबाद हो गई है। इस पर हर तरह के फसल उपजाए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में नक्सलियों की कमर तोड़ने के लिए सरकार और प्रशासन लगातार काम कर रही है। इसके लिए यहां के नक्सल प्रभावित इलाकों (Naxal Area) के विकास पर जोर दिया जा रहा है।

झारखंड (Jharkhand) के गिरिडीह (Giridih) के धुर नक्सल प्रभावित पारसनाथ इलाके में नक्सलियों (Naxalites) को जड़ से उखाड़ने के लिए विकास पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।

रांची जिले के अनगड़ा प्रखंड के राजाबेडा पंचायत के अंतर्गत आने वाले तिरला कोचा के ग्रामीणों ने पहाड़ से रिसने वाले पानी को अपनी समस्या का समाधान करने का साधन बना लिया।

खबर है कि नक्सली (Naxalites) इन विकास कार्यों के दौरान लेवी वसूलने की फिराक में है, इसलिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और सुरक्षाबल पूरी तरह से अलर्ट हैं।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बलोदा बाजार जिले के परसदा में 23 लाख के विकास कार्यों की शुरुआत हुई। ग्राम परसदा (क) में खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन ने 23 लाख 50 हजार के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया।

कंक्रीट के पुल के निर्माण में बहुत समय लगता है। इस बीच नक्सली निर्माण में बाधा पहुंचाने की कोशिश करते रहते हैं। स्टील के पुलिया में पहले से तैयार लोहे के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ना भर होता है।

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