विकास का पहिया

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की अर्थव्यवस्था कृषि प्रधान है। राज्य में 80 प्रतिशत की आबादी खेती-किसानी के कामों से जुड़ी हुई है। यहां के किसान और खेतिहर मजदूर अधिक आय के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं।

नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में विकास कार्य जोरों पर है। राज्य में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ अब खेल के क्षेत्र में भी बेहतरी आ रही है। इसी कड़ी में धमतरी स्थित एकलव्य खेल मैदान को और बेहतर बनाया जाएगा।

नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में विकास को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। सरकार ने बोधघाट बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना (Bodhghat Irrigation Project) को आगे बढ़ाने के लिए तेजी से काम शुरू कर दिया है।

छत्तीसगढ़ के गांवों में रहने वाले लोगों को कच्ची सड़क पर नहीं चलना होगा। धरसा विकास योजना के तहत कच्चे रास्तों को पक्का किया जाएगा।

भारत में सल्फर डाइऑक्साइड (Sulfur Dioxide)  उत्सर्जन में 2018 के मुकाबले 2019 में करीब छह फीसदी की उल्लेखनीय कमी आई है। बीते चार साल में सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जन में आई यह सबसे बड़ी कमी है।

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) सालों से आतंकवाद (Terrorism) का दंश झेलता आ रहा है। इसकी मिट्टी खून-खराबा और हिंसा की गवाह बनती रही है। लेकिन अब यहां उम्मीद की नई किरण दिख रही है।

नक्सल प्रभावित राज्य छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में विकास की रफ्तार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने 6 अक्टूबर को एक के बाद एक कई योजनाओं की शुरुआत की।

एक वक्त था जब झारखंड (Jharkhand) में लाल आतंक (Naxalism) का बोलबाला था। लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से हो रही कोशिशों की वजह से अब स्थिति बदल रही है।

झारखंड (Jharkhand) में वन संपदा के साथ-साथ खनिज संपदाओं का भी अकूत भंडार है। लेकिन नक्सलवाद से ग्रस्त होने के कारण इसके विकास की गति धीमी पड़ गई। पर सरकार और प्रशासन की ओर से लगातार किए जा रहे प्रयासों से बीते 5 सालों में हालात बेहतर हुए हैं।

घाटी (Kashmir) के युवा अब आतंकवाद से दूर जा रहे हैं। वे सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं और अपने भविष्य को संवार रहे हैं। आज कश्मीर में युवा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल में भी आगे जा रहे हैं।

2016 में ITBP ने इन लड़कियों को प्रशिक्षित करने की ठानी थी। ये वो समय था, जब इन लड़कियों को हॉकी (Hockey) के बेसिक्स के बारे में बहुत जानकारी नहीं थी।

Jharkhand: इस गांव की खासियत ये है कि यहां की महिलाओं ने जागरुकता फैलाकर इसे नशा मुक्त बनाया है। यहां के लोग खूब मेहनत करते हैं और खुशहाल जिंदगी बिताते हैं।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में सरकार और प्रशासन लाल आतंक को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए कमर कस चुकी है। इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश सरकार साल 2020 के आखिर तक आठ नए पुलिस कैंप (Police Camp) खोलेगी।

गांधी जी के जन्म दिवस यानी 2 अक्टूबर के मौके पर नक्सल प्रभावित (Naxal Area) बस्तर में नई शांति प्रक्रिया की शुरुआत होने जा रही है। इसमें एक अनूठी ई-रैली का आयोजन किया गया, जिसका नाम दिया है- 'चुप्पी तोड़ो'।

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पुलवामा (Pulwama) जिले को हम सब आतंक के गढ़ के रूप में जानते हैं। लेकिन इस जिले का एक गांव देश भर में इसकी अलग पहचान की इबारत लिख रहा है।

Chhattisgarh: पुलिस कैंप के खुलने से राज्य में नक्सलियों पर दबाव बढ़ेगा और नक्सली घटनाओं में कमी आएगी। राज्य में विकास कार्य भी सही ढंग से हो पाएंगे।

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के नक्सल प्रभावित (Naxal Area) मीरजापुर जिले में विकास की बयार बहने लगी है। जिले के सुदूर उत्तर-पूर्व दिशा में विंध्य पर्वत श्रृंखला के शेरवां के पहाड़ पर स्थित रामसागर स्थल के विकास के लिए शासन के निर्देश पर पर्यटन विभाग द्वारा कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

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