विकास का पहिया

जवानों ने ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों की वस्तुएं बांटी और और खाना खिलाया। जवानों ने मेडिकल कैंप भी लगाया, जिसमें ग्रामीणों को दवाइयां बांटी गईं।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दंतेवाड़ा (Dantewada) जिले के धुर नक्सल प्रभावित इलाके (Naxal Area) में जल्द ही सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा। जिले के पालनांर से बड़ेबेडमा तक सात किलोमीटर सड़क बनाने की मंजूरी मिल गई है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) का नक्सल प्रभावित सुकमा (Sukma) जिला कोरोना टीकाकरण के मामले में राज्य में सबसे आगे और देश के टॉप टेन में है। यह जानकारी यूनिसेफ (UNICEF) की ओर से दी गई है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा (Dantewada) जिले में अब नक्सली हमलों (Naxal Attack) में घायल जवानों के इलाज में देरी नहीं होगी।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में बीते नौ दिनों के अंदर 18 जिलों में 5,220 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्यों की शुरुआत हुई है। अब तक रायपुर जिले में सबसे ज्यादा 561 और राजनांदगांव में 556 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात मिली है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दंतेवाड़ा के मिचावर के पास फूल नदी पर 15 सालों से अधूरा पड़ा पुल निर्माण का काम पूरा हो चुका है।

झारखंड (Jharkhad) के नक्सल प्रभावित (Naxal Area) खूंटी जिले के बिरबांकी प्रखंड में विकास धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। इस इलाके के विकास के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है।

Naxalites News: अब 600 जवानों की निगरानी में 4 पुल बनाए जा रहे हैं, जिससे 100 गांवों में राशन पहुंचने में आसानी होगी।

झारखंड (Jharkhand) में सारंडा के नक्सल प्रभावित सुदूरवर्ती गांवों के शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए समय-समय पर इन्हें प्रशिक्षण दिए जाने की व्यवस्था की जाएगी।

कोरोना (Coronavirus) महामारी की वजह से अनाथ हो चुके बच्चों के लिए झारखंड (Jharkhand) में योजना शुरू की गई है। ऐसे अनाथ बच्चों का जीवन अच्छा हो और वे पढ़ लिखकर एक योग्य नागरिक बनें, इसके लिए प्रोजेक्ट शिशु की शुरुआत हुई है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में 7 जून से सरकार ने 'वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना' शुरू की है। रायपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने एक वर्चुअल कार्यक्रम में इस योजना की शुरुआत की।

नक्सल प्रभावित इलाकों (Naxal Area) में विकास के लिए सरकार और प्रशासन लगातार प्रयास कर रही है। विकास आने से ही इन इलाकों को नक्सलवाद से मुक्ति मिल सकेगी और यहां के लोग सुकून का जीवन जी सकेंगे।

झारखंड (Jharkhand) सड़क का नेटवर्क तैयार होगा। इसके लिए राज्य को केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से एक बड़ी सौगात मिली है।

नक्सलियों (Naxalites) का गढ़ कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के अबूझमाड़ के कोहकामेटा में पक्की सड़क एक सपने की तरह था। लेकिन नरायणपुर जिले के इस धुर नक्सल प्रभावित इलाके (Naxal Area) की तस्वीर पिछले 3 सालों में बदल गई है।

Naxalites News: अधिकारियों ने बैठक की है और विशेष केंद्रीय सहायता योजना (Special Central Aid Scheme ) की समीक्षा की है।

लाल आतंक (Red Terror) का गढ़ कहे जाने वाले बस्तर (Bastar) के नक्सल प्रभावित इलाकों (Naxal Area) में एक ऐसा दौर था जब यहां तक पहुंच पाना ही मुश्किल था। न सड़कें थीं, न कोई वाहन और ऊपर से नक्सलियों (Naxalites) का खौफ।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बीजापुर (Bijapur) जिले के धुर नक्सल प्रभावित इलाकों (Naxal Area) में नक्सली दहशत से विकास नहीं हो पा रहा था, बेरोजगारी और अशिक्षा थी। बच्चों की शिक्षा के लिए सुविधाएं उपलब्ध नहीं थी।

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