सच के सिपाही

चीनी सेना भारत से 'हैंड टू हैंड' में मुकाबला नहीं कर पाई थी। इसमें कई चीनी सैनिक ढेर हुए थे। हमारे जवानों ने बेहद धारधार हथियार खुखरी का इस्तेमाल किया था।

युद्ध के 50 साल बाद भी इस गांव के लोग अपने लोगों से नहीं मिल पाए हैं, क्योंकि कब्जे के बाद पाक में रहने वाले और इन गांव में रहने वाले लोगों का संपर्क समाप्त हो गया।

अमेरिका पाकिस्तान का साथ देने के लिए साफ इनकार कर चुका था, ऐसे में पाकिस्तान को चीन की याद आई। पाकिस्तान ने चीन से युद्ध में मदद देने के लिए कहा।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1965 में भीषण युद्ध (War of 1965) लड़ा गया था। भारत ने 1962 में चीन के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। युद्ध में हार मिली तो पाकिस्तान को लगा कि भारत कमजोर है और कश्मीर हड़पने का यही सही वक्त है।

सीआरपीएफ (CRPF) अफसर प्रकाश रंजन मिश्रा का नाम सुनते ही नक्सली (Naxalites) कांप उठते हैं। वे सीआरपीएफ के उन चुनिंदा जवानों में से एक हैं जिन्होंने अबतक 100 से ज्यादा नक्सलियों को मौत के घाट उतारा है।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में भीषण लड़ाई (War of 1971) लड़ी गई थी। युद्ध में हमारे वीर सपूतों ने ऐसा पराक्रम दिखाया था जिसे याद कर दुश्मन देश आज भी कांप उठता होगा।

शंभूराम (Shambhuram) की बहादुरी के किस्से उनके इलाके के लोग आज भी एक दूसरे को सुनाते हैं। उन्होंने इस युद्ध में दुश्मनों को धूल चटाई थी।

Indian Army: जवानों को शत्रु पर फायर अटैक, दुश्मन के इलाके में उतरना, कई तरह की जांबाज गतिविधियों आदि के बारे में सिखाया जाता है।

वह अपने साथी जवानों के साथ पाकिस्तानी घुसपैठियों द्वारा कब्जे वाली तोलोलिंग पहाड़ी की सीधी चट्टान पर रेंगते-रेंगते उस जगह पहुंचे थे जहां दुश्मन ने कई बंकर बना रखे थे।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में भीषण युद्ध लड़ा गया था। युद्ध में पाकिस्तान को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तान कश्मीर हड़पने की फिराक में था लेकिन हमारे वीर जवानों के आगे उसका ये सपना कभी पूरा नहीं हो सका।

भारत और चीन के बीच एक मात्र युद्ध 1962 में लड़ा गया था। हमेशा से विस्तारवादी की नीति पर काम करने वाला चीन उस दौरान भी भारत के कब्जे वाले इलाकों को हड़पना चाहता था, जिसमें वह कामयाब भी हुआ।

India Pakistan Kashmir Issue: आजादी के तुरंत बाद कश्मीर के राजा ने भी भारत के साथ विलय को मंजूरी दी थी, और फिर पाकिस्तान के पैरों तले जमीन खिसक गई थी।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1948 के बीच कश्मीर को लेकर भीषण युद्ध (War  of 1948)  छिड़ा था। भारतीय सेना (Indian Army) ने इस युद्ध मे पाकिस्तान को बुरी तरह से हराया था।

पाकिस्तान और भारत के बीच 1965 में भीषण युद्ध (War of 1965) लड़ गया था। चीन से 1962 में हार के बाद पाकिस्तान भारत को कमजोर समझ रहा था। पाकिस्तान ने सोचा था कि चीन से मिली करारी हार के बाद भारत कमजोर है।

बंटवारे के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा को लेकर तनाव बना रहता था। पाकिस्तानी सेना अक्सर सीमा लांघकर भारतीय क्षेत्र में घुस आया करती थी।

सैन्य मोर्चे पर हमारे सैनिक कमजोर थे। वे तैयार नहीं थे, उन्हें सरहद पर भेजा गया। उनके पास दूसरे विश्वयुद्ध के दौर की बंदूकें थीं, चीनियों के पास एके-47 थीं।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1965 में भीषण युद्ध (War of 1965) लड़ा गया। युद्ध में भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना पर भारी पड़ी। भारत को जीत हासिल हुई और पाकिस्तान एक बार फिर हार कर घुटनों पर बैठने पर मजबूर हुआ।

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