सच के सिपाही

युद्ध के दौरान कर्नल अपनी टीम के साथ आगे बढ़ रहे थे। तभी उनका पैर बारूदी सुरंग के नीचे आ गया था। जैसे ही विस्फोट हुआ उनके एक पैर के चिथड़े उड़ गए थे।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में भीषण युद्ध (War of 1971) लड़ा गया था। इस युद्ध में पाकिस्तान को बुरी तरह से हराया गया था। यह युद्ध पाकिस्तान से बांग्लादेश की आजादी के लिए लड़ा गया था।

पाकिस्तान को इस युद्ध में बुरी तरह से हार का मुंह देखना पड़ा था। पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना (Indian Army) के शौर्य को यादकर पाकिस्तान आज भी थर-थर कांप उठता होगा।

युद्ध ऊंची पहाड़ियों पर लड़ा गया था लिहाजा दुश्मन को हराने के लिए वायु सेना का बखूबी इस्तेमाल किया गया। मिग-27 से कब्जे वाले इलाकों पर बम गिराए गए थे।

कारगिल युद्ध को पाकिस्तान ने धोखे से अंजाम दिया था। पाकिस्तान की इस हरकत का भारतीय सेना ने माकूल जवाब दिया था। भारतीय सेना ने हर मोर्चे पर पाकिस्तान को फेल किया था।

'परमवीर चक्र' विजेता मनोज कुमार पांडेय (Captain Manoj Kumar Pandey) ने शहादत से पहले अपने दोस्त को एक खत लिखा था। उन्होंने युद्ध के दौरान अपने अनुभवों को दोस्त के साथ साझा किया था।

भारत और चीन के बीच 1962 में युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में चीन ने हमें हरा दिया था लेकिन भारतीय सेना (Indian Army) शानदार प्रदर्शन किया था।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले के बाद नक्सलियों के चंगुल से रिहा हुए सीआरपीएफ के कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मनहास ने अपने अनुभव के बारे में बताया है।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में कारगिल युद्ध (Kargil War) लड़ा गया था। इस युद्ध में पाकिस्तान ने भारत को धोखा दिया था। पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना ने बखूबी प्रदर्शन कर जीत हासिल की थी।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में भीषण युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ भारतीय सेना का शौर्य बेहद ही शानदार था। भारतीय वीर सपूतों ने दुश्मनों को बुरी तरह से नेस्तनाबुद कर दिया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में भीषण युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में रिटायर्ड एयर वाइस मार्शल आदित्य विक्रम पेठिया (Aditya Vikram Pethia) ने भी हिस्सा लिया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में लड़े गए युद्ध (War of 1971) के दौरान पाकिस्तान ने हमारे 54 सैनिकों को युद्ध बंदी बना लिया था। पाकिस्तान आज तक यह बात स्वीकार नहीं करता, लेकिन हमारे पास इसके पर्याप्त सबूत हैं।

खेत्रपाल 14 अक्टूबर-1950 को जन्मे थे। वे 13 जून-1971 को पूना हॉर्स में भर्ती हुए इसके बाद तीन दिसंबर को युद्ध में शामिल हो गए थे। यानी सेना में शामिल होने के 6 महीने बाद ही देश के लिए जंग लड़ी।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में  लड़े गए कारगिल युद्ध (Kargil War) के दौरान कैप्टन अमोल कालिया (Captain Amol Kalia) ने बेहद ही शानदार प्रदर्शन किया था।

kargil war: डोला राम ने 10वीं की परीक्षा राजकीय उच्च विद्यालय नित्थर से पास की थी। उनमें देश सेवा का जज्बा था। इस जज्बे को उन्होंने पूरा भी किया।

पीरू सिंह ने न सिर्फ अपनी टीम के साथ दुश्मन सेना पर धावा बोला बल्कि ऊंचाई पर तैनात पाकिस्तानी सेना के पास पहुंचने में सफलता पाई थी।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1947-48 में भीषण युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में भारतीय सेना (Indian Army) हर मोर्चे पर सफल साबित हुई थी। पाकिस्तानी सेना को धूल चटाकर ही भारतीय सेना ने सांस ली थी।

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