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दशमी का बड़ा भाई अभी भी नक्सलियों (Naxali) के बहकावे में जंगलों की खाक छान रहा है। दशमी ने अपने बड़े भाई से अपील किया है कि वो भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट आए।

किशोर कुमार (Kishore Kumar) की शुरुआत एक अभिनेता के रूप में फिल्म 'शिकारी' (1946) से हुई। इस फिल्म में उनके बड़े भाई अशोक कुमार ने प्रमुख भूमिका निभाई थी।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में 8 लाख के इनामी नक्सली (Naxal) भल्ला ने सरेंडर कर दिया। वह भैरमगढ़ एरिया कमेटी के प्लाटून नंबर 13 का डिप्टी कमांडर था। भल्ला ने सीआरपीएफ के डीजी और दंतेवाड़ा जिले के एसपी अभिषेक पल्लव के सामने अपनी बहन के जोर देने पर सरेंडर कर दिया।

राज्यसभा सांसद अमर सिंह (Amar Singh) का 2 अगस्त (शनिवार) को सिंगापुर के एक अस्पताल में निधन हो गया है। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। अमर सिंह पिछले लगभग 6 महीने से सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में भर्ती थे।

मोहम्मद रफी (Mohammad Rafi) की आवाज के बिना हिंदी संगीत की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उनके शास्त्रीय संगीत पर आधारित गीतों की अद्भुत दुनिया है।

एक इंजीनियर, रॉकेट वैज्ञानिक, मिसाइल मैन, शिक्षक और याद आने वाले सबसे प्रेरक राष्ट्रपति - अबुल पाकिर जैनुलाबदीन अब्दुल कलाम (Abdul Kalam) इन सब से भी बढ़कर थे।

गिरिडीह पुलिस को नक्सलियों (Naxals) के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस (Police) ने यहां 24 जुलाई को एक खूंखार महिला नक्सली को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार महिला नक्सली भाकपा माओवादी संगठन की एरिया कमांडर (Woman Naxali Commander) है। पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने इस बात की जानकारी दी।

गिरफ्त में आए नक्सली का नाम नंदा कुंजाम है और वह मलंगिर एरिया कमेटी के पिरनार पंचायत कमेटी का अध्यक्ष था।

लाल आतंक का गढ़ कहलाने वाले बस्तर के अंदरूनी इलाकों में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अपने नक्सली साथियों के स्मारक (Naxali Memorial)  बनवा रहे हैं। लेकिन, दंतेवाड़ा पुलिस Police) ने अंदरूनी गांवों में अपना सूचना तंत्र इतना मजबूत कर लिया हैं कि अब नक्सलियों के स्मारक बनते ही पुलिस को तुरंत सूचना मिल रही है।

आप जब भी मनोज कुमार (Manoj Kumar) को याद करेंगे तो उनसे ज्यादा उनकी फिल्मों के दूसरे चरित्र ज्यादा याद आते हैं, जो उनसे ज्यादा सशक्त दिखाई देते हैं उनकी सबसे ज्यादा लोकप्रिय फिल्म 'उपकार' का उदाहरण लीजिए। उपकार को याद करने पर मनोज कुमार नहीं, प्राण ज्यादा याद आते हैं। वह ईमानदार, भावुक, साहसी और अपंग चरित्र।

मुंबई में आनंद बख्शी मुलाकात फिल्म 'बड़ा आदमी' (1956) के निर्देशक भगवान दादा से हुई, जो गीतकार ढूँढ़ रहे थे और उन्होंने आनंद (Anand Bakshi) से कहा कि वह उनकी फिल्म के लिए गीत लिख दें। इसके लिए वह उनको रुपए भी देने को तैयार हैं। लेकिन उन्हें तब तक गीतकार के रूप में संघर्ष करना पड़ा जब तक सूरज प्रकाश की फिल्म 'मेहंदी लगी मेरे हाथ' (1962) और 'जब-जब फूल खिले' (1965) परदे पर नहीं आई।

दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल थाना क्षेत्र के हिरोली ग्राम पंचायत के 11 नक्सलियों (Naxalites) ने 22 जुलाई को सरेंडर (Surrender) कर दिया। इन नक्सलियों ने दंतेवाड़ा जिले में नक्सल उन्मूलन के तहत चलाए जा रहे 'लोन वर्राटू' अभियान के तहत नक्सली विचारधारा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया है।

इरादा अगर पक्का हो तो सफलता जरूर मिलती है। इसे साबित कर दिखाया है झारखंड (Jharkhand) के गिरिडीह के धुर नक्सलग्रस्त गांव जरूवाडीह की बेटी मनीषा कुमारी ने।

दंतेवाड़ा में पोस्टेड CRPF के डीआईजी डीएन लाल इन दिनों चर्चा में हैं। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में डीएन लाल एक देशभक्ति गाना गा रहे हैं, जिसे लोगों की खूब तारीफ मिल रही है।

कश्मीर के मालबाग में आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हुए जवान कुलदीप उरांव का पार्थिव शरीर शनिवार को उनके घर पहुंचा। वो झारखंड के साहेबगंज के रहने वाले थे। कुलदीप सीआरपीएफ की 118 वीं बटालियन में तैनात थे।

छत्तीसगढ़ का बस्तर (Bastar) जिला, जिसकी पहचान नक्सलवाद (Naxalism) से होती है, उसी बस्तर जिले के एक छोटे से पंचायत की इस पहल ने देश भर में कोरोना के संकटकाल में मिसाल कायम किया है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा (Dantewada) जिले में प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान 'लोन वराटू' (घर वापस आइए) के तहत एक-एक लाख के 4  इनामी सहित 18 नक्सलियों (Naxals)  ने आत्मसमर्पण (Surrender) किया है।