Jammu kashmir

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के युवाओं में अब नया बदलाव देखने को मिल रहा है। वे अब हिंसा नहीं, बल्कि विकास का रास्ता चुन रहे हैं। इस बात का उदाहरण हैं श्रीनगर के गाजी अब्दुल्ला (Ghazi Abdullah)।

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पुंछ जिले में सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने हथियारों का जखीरा बरामद किया। जानकारी के मुताबिक, पुंछ जिले में एक तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने 4 अक्टूबर को हथियार और गोला बारूद बरामद किए।

घाटी (Kashmir) के युवा अब आतंकवाद से दूर जा रहे हैं। वे सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं और अपने भविष्य को संवार रहे हैं। आज कश्मीर में युवा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल में भी आगे जा रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में सुरक्षाबल आतंकियों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं। एनकाउंटर में आतंकी (Terrorist) मारे जा रहे हैं। साथ ही आतंकियों की धर-पकड़ भी जारी है।

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पुलवामा (Pulwama) जिले को हम सब आतंक के गढ़ के रूप में जानते हैं। लेकिन इस जिले का एक गांव देश भर में इसकी अलग पहचान की इबारत लिख रहा है।

परवेज अहमद चोपन, मुदासिर अहमद पंडित, मोहम्मद शफी शेख और बुरहान दीन वनी उर्फ बुरहान और आतंकियों (terrorists) के 3 गुर्गों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में आतंकी (Terrorists) हालात बिगाड़ने की फिराक में हैं। घाटी को दहलाने के इरादे से वे किसी न किसी हिंसक वारदात को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। हालांकि, भारतीय सुरक्षाबल पूरी तरह मुस्तैद हैं।

कश्मीर घाटी (Kashmir) में सुरक्षाबलों की सख्ती देखकर अब आतंकियों (Terrorists) के पसीने छूट रहे हैं। जवानों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों से आतंकियों के पैर उखड़ने लगे हैं।

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) के 3 आतंकियों (Terrorists) को सुरक्षाबलों ने गिरफ्तार किया है। इन आतंकियों के पास से भारी मात्रा में गोला और बारूद भी बरामद किए गए हैं।

ये घुसपैठिया बीएसएफ (BSF) को चुनौती दे रहा था और भागने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद बीएसएफ ने जवाबी कार्रवाई की और उसे ढेर कर दिया।

पाकिस्तान (Pakistan) अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। ताजा मामला राजौरी जिले का है जहां मंगलवार को पाकिस्तान ने एक बार फिर सीजफायर का उल्लंघन किया।

घाटी के कई ऐसे गिरोह सक्रिय हैं जो कम उम्र के नौजवानों (Kashmiri Youth) को गुमराह कर उन्हें घर से लापता होने और फिर आतंकी संगठन में शामिल होने के लिए उकसाते हैं।

केंद्र सरकार के मुताबिक, बीते 9 महीने में पाकिस्तान (Pakistan) ने LoC पर 3186 बार सीजफायर तोड़ा है, जोकि बीते 17 सालों में सबसे ज्यादा है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस को 15 सितंबर को आतंकियों (Terrorists) के खिलाफ एक और कामयाबी मिली है। पुलिस के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के अवंतिपोरा इलाके से अल बद्र संगठन के दो आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है।

सरकार जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के कठुआ में सीमावर्ती क्षेत्रों में सीमा रेखा (Zero Line) पर खेती करने की तैयारी कर रही है। 18 साल के लंबे अंतराल के बाद यह कदम उठाया जा रहा है।

दक्षिण कश्मीर के पुलवामा (Pulwama) जिले में 15 सितंबर की सुबह आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ (Terrorist Encounter) शुरू हो गई है।

भारतीय सेना (Indian Army) व सुरक्षाबलों को जहां आतंकवाद से भी जूझना पड़ रहा है, वहीं घर से भाग रहे नौजवानों पर रोक न लग पाने के कारण भी एक बड़ी चिंता बनी हुई है।

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