Jammu kashmir

संदिग्ध आतंकी (Terrorist) इजहार के पकड़े जाने से कांधला में हड़कंप मच गया था। इजहार के पकड़े जाने के तुरंत बाद उसके भाई नूर मोहम्मद ने मीडियो से कहा कि वह जम्मू में पिछले कई साल से फल का कारोबार करते हैं।

भारत–पाक सीमा के पार सियालकोट जिले के शकरगढ़ इलाके में ड्रोन आतंकी साजिश का कंट्रोल रूम स्थापित है। जिसकी कमान पाकिस्तान सेना के एक ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारी के पास है।

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के पुंछ जिले के मनकोट सेक्टर में 24 जुलाई को नियंत्रण रेखा (LoC) पर हुए माइन ब्लास्ट (Mine Blast) हुए में एक जवान शहीद हो गया है।

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के बांदीपोरा के शोकबाबा जंगल इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ (Terrorist Encounter) में 2 आतंकी ढेर हो गए हैं।

एएनटीएफ इंटरपोल की भी मदद लेने की कोशिश करेगी जिससे कि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हो और यह पता चल सके कि यहां देश के भीतर ड्रग्स तस्करी (Drug Smuggling) के धंधे में कौन–कौन शामिल है।

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में आतंकी घुसपैठ (Terrorists Infiltration) की खबरें आए दिन सुनने को मिलती हैं। अब जम्मू के अखनूर सेक्टर में 21 जुलाई की देर रात आतंकियों की घुसपैठ की खबर आई है।

जम्मू संभाग के पुंछ जिले के जावेद खालिद, सोफी की बेटी के मंगेतर हैं और सोफी की करीबी मखदूमी ने एसएमसी चुनाव लड़ा था, लेकिन वह असफल रही थीं। सोफी एक पूर्व आतंकी है, जो एसएमसी में नौकरी पाने में कामयाब रहा।

सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) देश की सुरक्षा और आम लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहती है। इतना ही नहीं यह बल पर्यावरण संरक्षण के लिए भी तत्पर है। आए दिन CRPF की ओर से वृक्षारोपण अभियान चलाया जाता है।

बीते दो सालों में कश्मीर (Kashmir) की तस्वीर काफी बदल गई है। आतंकवाद और अलगाववाद लगातार कमजोर हो रहा है। सरकार और सुरक्षाबलों की लगातार कोशिशों की वजह से आम कश्मीरी उनसे जुड़ाव महसूस करने लगा है।

इस एनकाउंटर के बाद सुरक्षाबलों ने आस-पास के इलाकों में भी आतंकवादियों (Militants) की तलाशी तेज कर दी है। घटनास्थल के नजदीकी इलाकों में आतंकवादियों को तलाशा जा रहा है। 

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में सांबा जिले के जतवाल में चार संदिग्ध लोगों को देखा गया। वे वर्दी पहने हुए थे और उनके हाथों में बैग थे। संदिग्ध लोगों को इलाके में देखे जाने के बाद से सुरक्षाबलों ने यहां तलाशी अभियान शुरू कर है।

अंग्रेजों से आजादी के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच 1947-48 के दौरान युद्ध लड़ा गया था। पाकिस्तान कश्मीर (Kashmir) हड़पने की फिराक में था लेकिन भारतीय वीरों ने ऐसा नहीं होने दिया।

जम्मू एयरपोर्ट के एयरपोर्ट स्टेशन (Air Force Station) पर हमले के लिए लाइट ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। जिसने हमले के लिए एलओसी के नजदीक मंगला से ड्रोन ने उड़ान भरी थी।

पाकिस्तान (Pakistan) फिलहाल भारत सरकार द्वारा शुरू किये गये जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के परिसीमन को लेकर बेहद परेशान है।

राज्य (Jammu Kashmir) में सुरक्षा के भी चाक-चौबंद इंतजाम किये गये हैं। किसी भी आतंकी घटनाओं से निपटने के लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।

पुलिस को आतंकवादियों (Terrorists) के मददगारों के सक्रिय होने की सूचना मिली थी। जिसके आधार पर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की ज्वाइंट टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1948 के बीच कश्मीर को लेकर भीषण युद्ध (War  of 1948)  छिड़ा था। भारतीय सेना (Indian Army) ने इस युद्ध मे पाकिस्तान को बुरी तरह से हराया था।

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