Naxali

गिरफ्तार नक्सली गुड्डू फिलहाल कई थानों के दर्जनों मामलों में मोस्ट वांटेड है। इस नक्सली ने ही साल 2005 में जहानाबाद जेल ब्रेक कांड जैसी बड़ी घटना को अंजाम दिया था। तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी।   

इन गिरफ्तार नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ चिंतलनार और जगरगुण्डा इलाके में सड़कों को नुकसान पहुंचाने, बारूदी सुरंग लगाने और अन्य नक्सली गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।

माओवादी वेट्टी हुंगा माओवादियों (Maoists) की जनताना स्कूल में शिक्षक था। वहीं कुंजाम हड़मा मिलिशिया प्लाटून का सदस्य है। गिरफ्तार माओवादियों के खिलाफ पुलिस टीम पर हमला, हत्या और हत्या का प्रयास समेत कई मामले दर्ज हैं।

गिरफ्तार नक्सली (Naxals) योगेंद्र इनामी कमांडर पिटू राणा का बेहद खास आदमी है। लेकिन वह होली होली के अवसर पर घर आया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार नक्सली सोनू के खिलाफ जमुई जिले के विभिन्न थानों में 5 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिसकी वजह से वह जिले के टॉप टेन नक्सलियों (Naxals) की सूची में शामिल है।

जंगलों में छानबीन कर रहे सी-60 के जवानों पर 60-70 की संख्या में मौजूद नक्सलियों (Naxalites) ने गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले के जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया।

पुलिस ने तीन नक्सलियों (Naxalites) को सदर थाना क्षेत्र के उदयपुरा मोड़ के नजदीक से गिरफ्तार किया। वहीं टीपीसी नक्सली को जिले के सदर थाना क्षेत्र के खुर्द गांव से हिरासत में लिया।

एक अन्य घटना में सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत पोदुम गांव से इनामी नक्सली (Naxali) दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष बोदा राम माड़वी (35) को गिरफ्तार किया।

झारखंड के जिन कुख्यात नक्सलियों (Naxals) के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलेगा, उनमें अनल दा उर्फ पति राम मांझी, अजय महतो उर्फ टाइगर, कृष्णा दा उर्फ कृष्णा हांसदा जैसे कुख्यात के नाम शामिल हैं।

ये नौजवान पश्चिमी इलाकों के कई कुख्यात नक्सलियों (Naxali) को पहचानते हैं और संपर्क में भी हैं। इतना ही नहीं, ये नक्सलियों (Naxali) के असलहे और अन्य सामग्री भी छुपाने का काम करते थे।

गिरफ्तार नक्सली पर मुरहू इलाके में स्थानीय बीजेपी नेता के परिवार के तीन लोगों की हत्या करने का भी आरोप है। इस नक्सली (Naxalite) के खिलाफ अलग-अलग थानों में करीब 22 मामले दर्ज हैं।

डीआईजी ने इस बैठक से नक्सलियों (Naxali) से अपील की कि वे समाज की मुख्य धारा में लौट आयें और अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन बसर करें।

एक दूसरी घटना में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और एसटीएफ के ज्वाइंट टीम ने जिले के पामेड़-तिपापुरम मार्ग से पांच किलोग्राम का बारूदी सुरंग बरामद किया है।

जंगल में सर्च ऑपरेशन कर रहे सुरक्षाबलों को देखते ही नक्सलियों ने उनपर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। जिसमें चार नक्सली मार गिराये गये।

इस धमाके के बाद वहां मौजूद मृतक पदम के साथी नक्सली फरार हो गये। कहा जा रहा है कि मृतक नक्सली पदम आईईडी बम लगाने में माहिर था।

कटेकल्याण में डीआरजी के टीम को गस्त में रवाना किया गया था। ये टीम जब जियाकोरता गांव के जंगल में थी तभी नक्सलियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

इस पूर्व नक्सली (Naxali) ने कबूल किया कि जेल से छूटने के बाद उसने खेती-बाड़ी से अपनी जीविका चलाने की  भरपूर कोशिश की लेकिन महज खेती पर आश्रित रहने के कारण उसके सामने रोजी-रोटी की समस्या पैदा हो गई थी।

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