Naxali

नक्सली मगरू कुछ महीने पहले गढ़चिरौली जिले के बर्गी में सशस्त्र पुलिस चौकी पर हमले और उप-सरपंच रामा तलंदी की हत्या में भी शामिल था।

नक्सली अक्कीराजू (Naxali Akkiraju) माओवादियों के आंध्र-उड़ीसा बॉर्डर स्टेट कमेटी का सचिव रह चुका है। छत्तीसगढ़ से लगी आंध्र प्रदेश और उड़ीसा की सीमा पर नक्सल गतिविधियों की निगरानी कर रहा था।

सोमवार दोपहर अचानक नैरो पहाड़ी में सुरक्षाबलों की घेराबंदी देख आसपास इलाके में डर व्याप्त हो गया। स्थानीय लोग किसी बड़ी घटना को लेकर चिंतित हो गये थे।

दो महिला नक्सलियों (Naxalites) सहित कुल 11 नक्सलियों (Naxalites) ने सरेंडर किया है। इन सभी ने माओवादियों की खोखली विचारधारा, भेदभाव पूर्ण व्यवहार, शोषण, अत्याचार और अमानवीय कार्यों से तंग आकर ये फैसला लिया है।

सरेंडर करने वाले नक्सलियों (Naxalites) को प्रशासन की पुनर्वास नीति के तहत सहायता राशि और अन्य सुविधाएं दी जाएगी।

फरार कैदी कृष्ण मोहन झा शंख जोन का पूर्व नक्सली जोनल कमांडर (Naxali Zonal Commander) रह चुका है। वह अभय जी उर्फ विकास जी के नाम से भी जाना जाता है।

पुलिस को पूछताछ में गिरफ्तार नक्सली (Naxali) से कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। जिससे जिले के नक्सली गतिविधियों के रोकथाम और शांतिपूर्ण पंचायत चुनाव सम्पन्न कराने में सहायता मिलेगी।

नक्सली (Naxalites) मौके से भागने में सफल रहे। हालांकि इस दौरान सुरक्षाबलों ने मौका-ए-वारदात से एक बन्दूक, छह कारतूस, चार डेटोनेटर, दो वॉकी-टॉकी रेडियो सेट, वर्दी और पोस्टर जब्त किए गए।

एसपी लिंडा के निर्देश पर छापेमारी टीम आनंदपुर थाना काहेतर के बोरोतिका भुईया टोला में छापेमारी की। जहां पर एक निर्माणाधिन मकान से 3 लोगों को अवैध हथियारों के साथ पकड़ा।

गिरफ्तार नक्सली ने ही विधानसभा चुनाव 2020 में नक्सल पर्चा, बैनर साटकर दहशत फैलाने की योजना थी। वोटरों को भी डराने-धमकाने-बहकाने की साजिश रची गई थी।

नक्सली राजेंद्र (Naxalite) खिलाफ नक्सली कांड, हत्या व आर्म्स एक्ट के तहत आधा दर्जन केस दर्ज हैं। वहीं, पिपरा गांव में 2004 में हुए हत्याकांड व 2008 में हुए तिहरे हत्याकांड में भी वह नामजद अभियुक्त है।

सरकार जहां एक ओर नक्सलियों का प्रभाव कम करने के लिए रणनीति बनाने पर जोर दे रही है, वहीं इस इलाके में कारोबार के विस्तार पर खास ध्यान दे रही है।

सक्रिय नक्सलियों (Naxalites) की घर वापसी के लिए लोन वर्राटू अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 110 इनामी नक्सली सहित कुल 412 नक्सलियों ने सरेंडर किया है।

नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षाबलों ने एक नक्सली दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष 35 वर्षीय सुखराम कवासी को गिरफ्तार किया है।

पुलिसिया पूछताछ में गिरफ्तार शख्स ने खुद की पहचान नक्सली कमांडर प्रद्युमन शर्मा उर्फ कुंदन उर्फ साकेत उर्फ लुल्ला बताया। प्रद्युमन साल 2003-04 से ही नक्सली संगठन के लिए काम कर रहा था।

ये नक्सली साल 2019 में इन्ड्रीपाल गांव में हुये एनकाउंटर में भी शामिल था,  जिसमें सुरक्षाबलों ने एक नक्सली (Naxali) को मार गिराया था, लेकिन फिर वहां से ये भाग निकलने में सफल रहा था।

गिरफ्तार माओवादियों (Maoists) के खिलाफ सड़क खोदकर मार्ग अवरुद्ध करने, हत्या के मामले में शामिल होने और नक्सली बैनर पोस्टर लगाने के आरोप हैं।

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