Naxali

नक्सली सुखराम (Naxalite) फिर से दहशत फैलाने कर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में जंगल में पहुंचा था। लेकिन जवानों ने उसे समय रहते गिरफ्तार कर लिया।

सुरक्षाबल के जवान जब चिह्नित स्थल पर पहुंचे तो वहां से नक्सली (Naxals) नदारद थे। हालांकि सघन तलाशी के दौरान जंगल से बड़ी संख्या में विस्फोटक बरामद किया गया।

सुरक्षाबलों ने घटनास्थल की तलाशी ली तब वहां से तीन नक्सलियों (Naxalites) का शव, तीन देसी हथियार, पांच पिट्ठू, तीन किलोग्राम का एक बारूदी सुरंग और अन्य सामान बरामद किया गया।

नक्सली विमल (Naxali Vimal) के अधिकार छीनने के बाद संगठन के सेंट्रल कमिटी सदस्य मिथिलेश मेहता को बूढ़ा पहाड़ का नया मुखिया बनाया गया है। वह करीब छह महिने पहले बिहार में चकरबंधा से निकल कर बूढ़ा पहाड़ आया है।

दोनों महिलाओं के नाम बत्ती उसेण्डी और नमनी मंडावी है। ये दोनों महिला नक्सली पिछले सात सालों से आदरे जनमिलिशिया संगठन के सदस्य के तौर पर जुड़ी हुई थीं।

25 जून को  छपरा जिले के परसा थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव निवासी रामानंद राय को दो नकाबपोश अपराधियों ने डेरनी थाना क्षेत्र के खजौली में संचालित उनके ईंट भट्ठा पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी।

भेलवाघाटी थाना पुलिस ने 16 साल से फरार चल रहे जिस हार्डकोर नक्सली मुंशी मांझी उर्फ मुंसी मुर्मू (Naxali Munshi Manjhi)को गिरफ्तार किया था,

कंक्रीट के पुल के निर्माण में बहुत समय लगता है। इस बीच नक्सली निर्माण में बाधा पहुंचाने की कोशिश करते रहते हैं। स्टील के पुलिया में पहले से तैयार लोहे के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ना भर होता है।

गिरफ्तार दोनों नक्सली पिछले तीन साल से फरार चल रहे थे। दोनों नक्सलियों को भंडरा थाना में सीएलए एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लोहरदगा मंडल कारागृह भेज दिया गया है।

मृतक की पत्नी के अनुसार, उनका पति बेकसूर था। ऐसे में नक्सलियों (Naxalites) से उन्हें और उनके बच्चों को भी जान का खतरा हो सकता है। मृतक की पत्नी ने पुलिस सुरक्षा की मांग की है।

नक्सली गणेश साव पर सिमडेगा में एक कांड सहित बिहार के कई थानों में कुल 17 अपराधिक मामले दर्ज हैं। गणेश साव के पास से लेवी मांगने का पर्चा और मोबाइल जब्त किया गया है।

पुलिस अधीक्षक अमित रेणु के अनुसार नक्सलियों (Naxalites) ने पुलिस को निशाना बनाने के लिए यह बम पुलिया में लगाया था, लेकिन गुप्त सूचना के आधार पर बम को बरामद कर इसे निष्क्रिय कर दिया गया

नक्सली (Naxali) किशन का आतंक चतरा जिले के अलावा हजारीबाग, रांची, रामगढ़ और पलामू जिलों में भी था। झारखंड के कई जिलों के अलग-अलग थानों में इस नक्सली कमांडर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है।

संगठन में स्थानीय आदिवासी नौजवान कभी भी एरिया कमेटी से ऊपर प्रमोट नहीं किए जाते। केंद्रीय नेतृत्व में केवल आंध्र प्रदेश, तेलंगाना व केरल जैसे राज्यों के ही नक्सलियों (Naxalites) का बोल-बाला है।

जांच में इन तीनों नक्सलियों ने कुछ भी बड़ा खुलासा नहीं किया, लेकिन इनके पास से जब्त भारी तादात में हथियार कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं, ऐसे में अब एनआईए को इस जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पुलिस ने जब अपनी छानबीन शुरू की, तो घुसपैठिये के रूप 21 वर्षीय मजरूल उर्फ अनिस उर्फ बबलू पिता मुश्ताक अंसारी का नाम सामने आया।

लक्ष्मीपुर थाने की पुलिस गिरफ्तार नक्सली वीरेंद्र (Naxalite) के कारनामों की पड़ताल कर रही है। वहीं उसके अन्य साथी लालो दास को थानाध्यक्ष मृत्युंजय पंडित ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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