Indian Army

भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में कारगिल युद्ध (Kargil War) लड़ा गया था। इस युद्ध में पाकिस्तान ने भारत को धोखा दिया था। पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना ने बखूबी प्रदर्शन कर जीत हासिल की थी।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में भीषण युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ भारतीय सेना का शौर्य बेहद ही शानदार था। भारतीय वीर सपूतों ने दुश्मनों को बुरी तरह से नेस्तनाबुद कर दिया था।

लेफ्टिनेंट कर्नल क्यू खान ने कहा कि कश्मीर घाटी और कई जगहों से सैनिकों के साथ आगे बढ़ने वाले सैन्य काफिले में झंडे को लाल से नीला कर दिया गया है।

सोमवार को ही भारतीय सेना को 31 नए रिलीजियस टीचर्स (Religious Teacher) मिले हैं। ये सभी लोग बतौर जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) शामिल हुए हैं।

Indian Army Recruitment: भारतीय सेना में नौकरी पाने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए बड़ा मौका है। भारतीय सेना यूपी के 12 जिलों में भर्ती कर रही है।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में भीषण युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में रिटायर्ड एयर वाइस मार्शल आदित्य विक्रम पेठिया (Aditya Vikram Pethia) ने भी हिस्सा लिया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में लड़े गए युद्ध (War of 1971) के दौरान पाकिस्तान ने हमारे 54 सैनिकों को युद्ध बंदी बना लिया था। पाकिस्तान आज तक यह बात स्वीकार नहीं करता, लेकिन हमारे पास इसके पर्याप्त सबूत हैं।

भारत लगातार ये कोशिश कर रहा है कि चीन (China) के साथ जारी मतभेदों को शांति से हल किया जाए लेकिन चीन लगातार उकसाने वाली हरकतें कर रहा है।

खेत्रपाल 14 अक्टूबर-1950 को जन्मे थे। वे 13 जून-1971 को पूना हॉर्स में भर्ती हुए इसके बाद तीन दिसंबर को युद्ध में शामिल हो गए थे। यानी सेना में शामिल होने के 6 महीने बाद ही देश के लिए जंग लड़ी।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में  लड़े गए कारगिल युद्ध (Kargil War) के दौरान कैप्टन अमोल कालिया (Captain Amol Kalia) ने बेहद ही शानदार प्रदर्शन किया था।

kargil war: डोला राम ने 10वीं की परीक्षा राजकीय उच्च विद्यालय नित्थर से पास की थी। उनमें देश सेवा का जज्बा था। इस जज्बे को उन्होंने पूरा भी किया।

पीरू सिंह ने न सिर्फ अपनी टीम के साथ दुश्मन सेना पर धावा बोला बल्कि ऊंचाई पर तैनात पाकिस्तानी सेना के पास पहुंचने में सफलता पाई थी।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1947-48 में भीषण युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में भारतीय सेना (Indian Army) हर मोर्चे पर सफल साबित हुई थी। पाकिस्तानी सेना को धूल चटाकर ही भारतीय सेना ने सांस ली थी।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में लड़े गए कारगिल युद्ध (Kargil War 1999) के दौरान भारतीय जवानों ने गहरे जख्मों के बावजूद अपना हौसला नहीं खोया था।

पाक नागरिक बॉर्डर के बाड को पार करने के की कोशिश कर रहा था। उसे रुक जाने की चेतावनी दी गई लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। उसके बाद, उस पर गोली चलाई गई जिसके कारण वह थोड़ा घायल हो गया

पाक सेना और भारतीय सेना (Indian Army) की ओर से श्रीनगर-लेह मार्ग के बेहद करीब स्थिति 5140 प्‍वाइंट पर लगातार गोलीबारी की जा रही थी और दुशमन ऊंचाई पर थे।

कई जवान ऐसे थे जो जंग के मैदान में ही शहीद हो गए थे। ऐसे ही एक जवान खतौली के पास गांव फुलत जिला मुज्जफरनगर के रहने वाले सतीश कुमार भी थे।

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