Indian Army

गिरफ्तार तीनों आतंकी मददगार (Terrorist Associates) पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करते थे। इनमें से एक पूर्व आतंकी भी शामिल है।

चीन के सैनिकों की यूनिफॉर्म में सामान रखने की सुविधा है‚ जबकि भारतीय सैनिक की यूनिफॉर्म ज्यादा सपाट है इसलिए जरूरत को देखते हुए कॉम्बैट यूनिफॉर्म (combat uniform) डिजाइन की गई है।

फायरिंग की चपेट में आने से तीन सैन्यकर्मी और एक पुलिसकर्मी घायल हो गये। जिन्हें फौरन इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन गंभीर रूप से घायल पुलिसकर्मी रोहित चिब को बचाया नहीं जा सका और वह अस्पताल में ही शहीद हो गये।

घग्गर हिल और शोपियां में भी हो रही भारी बर्फबारी के बीच दो गर्भवती महिलाओँ को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उनके परिजनों के सामने उन्हें कई किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचाना सबसे बड़ी समस्या थी।

अभी भी मकान में एक आतंकी छिपा हुआ है और वह रह-रह कर जवानों को निशाना बनाते हुये फायरिंग कर रहा है। लेकिन जवान उससे सरेंडर करवाने के लिए स्थानीय लोगों की मदद ले रहे हैं।

मुठभेड़ के बाद छानबीन में पता चला कि मारे गये तीनों आतंकी प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य थे। इनमें से एक पाकिस्तानी नागरिक है जो कि जैश का कुख्यात कमांडर भी है।

एक जनवरी को भी कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम की मदद से आतंकी घुसपैठ (Infiltration) की कोशिश की गई थी जिसे चौकन्नी भारतीय सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया था।

अन्य घटना में पुलिस ने बारामूला के क्रालहार रेलवे क्रॉसिंग पर लगे बैरीकेट से एक लश्कर के आतंकी को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान फैजल अहमद डार के तौर पर हुई है।

आईजीपी विजय कुमार ने इस घटना की पुष्टि करते हुये बताया कि मारे गये आतंकवादी की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के टॉप आतंकी सैफुल्ला उर्फ अबु खालिद उर्फ शवाज के तौर पर हुई है।

मारे गये लश्कर के आतंकी की पहचान पाकिस्तान मूल के अबू जरार के तौर पर हुई है। वहीं जवानों ने घटनास्थल से एक एके 47 रायफल, 4 मैग्जीन, एक ग्रेनेड और भारतीय करेंसी बरामद की है।

मारे गए आतंकी की पहचान अभी नहीं हो सकी है। फिलहाल पुलवामा में यह मुठभेड़ जारी है और 2-3 आतंकियों (Militants) के छिपे होने की सूचना है।

आईएसआई इन मासूम बच्चों को भविष्य में आतंकी बनाने लिए चीन और तुर्की के हाईटेक हथियार‚ बम बनाने‚ जीपीएस चलाने जैसे अन्य खतरनाक हथियारों की ट्रेनिंग दे रहा है।

हमारे देश में आने वाले ड्रोन (Chinese Drones) की संख्या कम है और यह सभी चीन निर्मित ड्रोन हैं। जो कि बहुत हाईटेक और लाइटवेट उठाने वाले हैं

निबाब खां की चांदन में नेशनल हाइवे पर मोबाइल फोन, सिमकार्ड व फोटो स्टेट की दुकान है। इसी दुकान की आड़ में निबाब खां स्थानीय सैन्य गतिविधियों की जानकरी अपने पाकिस्तानी आकाओं को उपलब्ध करवाता था।

आतंकी कमांडरों और आईएसआई ने सैकड़ों आतंकी रंगरूटों का पहले चयन किया था। उसके बाद उसमें से तीन दर्जन से अधिक आतंकवादियों (Militants) का ब्रेनवॉश कर उनको स्विमिंग और डाइविंग की ट्रेनिंग दी।

पठानकोट की सोमवार की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतियां और बढ़ा दी हैं। इस वारदात को पाक के आतंकी संगठनों के ओवरग्राउंड वर्कर भी अंजाम दे सकते हैं।

पुलवामा पुलिस और सुरक्षा बलों ने लश्कर के दो आतंकी सहयोगियों (Terrorist Associates) आमिर बशीर और मुख्तार भट को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से दो आईईडी बरामद किए गए।

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