Indian Army

थल सेना के प्रमुख (Army Chief) जनरल एमएम नरवणे (General MM Naravane) ने 13 जुलाई को जम्मू-पठानकोट रीजन का दौरा किया। सेना प्रमुख जम्मू में पाकिस्तान सीमा पर तैनात सैनिकों के ऑपरेशनल तैयारियों का जायजा लिया।

भारतीय सेना का बड़ा बयान सामने आया है। इंडियन आर्मी (Indian Army) की ओर से कहा गया है कि सीमा पार पाकिस्तान में बने लॉन्चपैड्स में 250 से 300 आतंकी भारतीय सीमा में घुसपैठ करने का इंतजार कर रहे हैं।

पाकिस्तान ने राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पास संघर्ष विराम का उल्लंघन (Ceasefire Violation) किया, जिसमें सेना (Indian Army) का एक जवान शहीद हो गया।

दिन भर शाज़िया सिर्फ़ हूजेफ़ा को ख़त्म करवाने का प्लान बनाती। अविनाश नहीं चाहता था कि शाज़िया के घर में एनकाउंटर हो लेकिन शाजिया को तो जैसे कोई भी डर नहीं था। बस एक जुनून था उसके सिर पर।

मेजर भूपेंद्र की एक साल पहले ही उस इलाक़े में पोस्टिंग हुई थी। राष्ट्रीय राइफल्स में अल्फा कंपनी कमांडर। उनकी कंपनी बारामुला और हंडवारा के बीच एक छोटे से गांव तरागपोरा में पिछले कई सालों से तैनात थी।

मेजर भूपेंद्र की एक साल पहले ही उस इलाक़े में पोस्टिंग हुई थी। राष्ट्रीय राइफल्स में अल्फा कंपनी कमांडर। उनकी कंपनी बारामुला और हंडवारा के बीच एक छोटे से गांव तरागपोरा में पिछले कई सालों से तैनात थी।

भारत समेत घाना, ब्रिटेन और नाइजीरिया की सेना ने भी हिस्सा लिया था। हालांकि भारतीय सेना की इस ऑपरेशन में ज्यादा टुकड़िया थीं। इस ऑपरेशन में गोरखा रेजीमेंट ने अहम भूमिका निभाई थी।

ये ब्रिज सड़क कटिंग के दौरान एक मशीन को ले जाने के दौरान टूट गया था जिसमें दो लोग घायल भी हुए थे। मशीन इतनी भारी भरकम थी की ब्रिज पर ओवरलोडिंग हो गई और वह इतना ज्यादा वजन नहीं झेल सका।

चीन के लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टर्स की गतिविधियां बॉर्डर पर बढ़ती जा रही हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक भारत की तरफ से सीमा पर सेना की मौजूदगी और ताकत को बढ़ा दिया गया है।

वो अक्सर इम्तियाज़ को दिया हुआ ईमेल चेक करता है। उसे पता है कि इम्तियाज़ शहीद हो चुका है, पर फिर भी उसके दिल में कहीं एक छोटी सी उम्मीद है और उस छोटी सी उम्मीद के साथ-साथ एक बहुत बड़ा बोझ भी।

युद्ध के दौरान वह सेक्टर द्रास की टाइगर हिल पर लहूलुहान पड़े थे। चारों तरफ से दुश्मन पाकिस्तान की गोलियां बरस रही थीं। 17 गोलियां शरीर में लग चुकी थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी जिस वजह से शरीर ने भी उनका साथ दिया।

भारतीय सेना के परमवीर कैप्टन विक्रम बत्रा (Captain Vikram Batra) की शहादत हमेशा लोगों के जेहन में रहेगी। कारगिल के युद्ध में अपने साथी की जान बचाकर वे खुद शहीद हो गए थे।

भारत-चीन बार्डर (India China Border) पर पूर्वी लद्दाख (Ladakh) की गलवान घाटी (Galwan Valley) में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में मानसा के गांव बीरेवाला डोगरा के सैनिक गुरतेज सिंह हो गए।

शहादत से पहले मनदीप दिलेरी से दुश्मन सेना से लड़ रहे थे। बहादुरी का यह किस्सा बयां करते मनदीप सिंह के भाई निर्मल का सीना गर्व से चौड़ा हो रहा है। उन्होंने बताया कि मनदीप (Martyr Mandeep Singh) किसी के रोके नहीं रुक रहा था।

पंजाब रेजिमेंट के जवान गुरबिंदर सिंह (Martyr Gurbinder Singh) थोड़े दिन पहले ही पहली बार लद्दाख में तैनात हुए थे। अभी आठ महीने पहले ही उनकी मंगनी हुई थी और घर में शादी की तैयारियां चल रही थी।

लद्दाख (Ladakh) में गलवान घाटी (Galwan Valley) में भारत-चीन सीमा पर चीनी सैनिकों से झड़प में पंजाब के सतनाम सिंह शहीद हो गए। गुरदासपुर के कलानौर के भाजराज में जब शहीद सतनाम सिंह (Martyr Satnam Singh) का पार्थिव शरीर पहुंचा तो लोगों ने फूलों की बारिश की और शहीद सतनाम अमर रहें के घोष से आसमान गूंज उठा।

लद्दाख की गलवान घाटी में अदम्य साहस दिखाने वाली बिहार रेजिमेंट को सेना (Indian Army) की उत्तरी कमान ने खास अंदाज में सलाम किया है। उत्तरी कमान ने एक वीडियो ट्वीट किया है, जिसमें बिहार रेजिमेंट के जवानों के 21 साल पहले कारगिल युद्ध में किए गए योगदान को सैल्यूट किया।

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