Indian Army

एसपीजी जवानों (SPG Commando) को जब भी किसी तरह के खतरे का अहसास होता है या जिनकी सुरक्षा में वह लगे हुए हैं उसपर हमला होता है तो इस शील्ड को खोल कर उन्हें कवर दिया जाता है।

भारतीय सेना (Indian Army) के जवान हर मुश्किल का सामना कर भारत मां की रक्षा करते हैं। सेना के जवान अपनी जिंदगी दांव पर लगातार सीमा पर तैनात रहते हैं।

कारगिल युद्ध (Kargil war) के लिए गुरदीप सिंह ने रातों-रात झंडे तैयार किए थे। सेना की ओर से उन्हें एक बार अर्जेंट कहा गया था कि 23 झंडे चाहिए।

Indian Army ने एलओसी (LoC) से लेकर एलएसी (LAC) तक सैन्य ताकत कई गुना बढ़ा ली है। कारगिल युद्ध के बाद से भारत ने जम्मू-कश्मीर से लद्दाख तक धरातल पर अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम कर लिया है।

पाकिस्तान के राज्य प्रायोजित कुछ तत्व हथियारों‚ गोला–बारूद और नकदी की आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने की कोशिश कर‚ जम्मू–कश्मीर में सक्रिय पाकिस्तानी आतंकी संगठनों की मदद कर रहे हैं।

ड्रोन हमले के पीछे आतंकवादी संगठन लश्कर–ए–तैयबा का हाथ बताया गया और अब खुलासा हुआ है कि ड्रोन हमले में इस्तेमाल आईईडी को पाकिस्तान की फैक्टरी में तैयार किया गया था।

दुश्मनों को देखते ही गोली बरसाने का ऑर्डर होता है। मशीनगन और रायफल्स से रात के वक्त जवानों द्वारा की गई फायरिंग में ज्यादात्तर सही निशाने पर नहीं लगते। 

सुरक्षाबलों को इलाके में आतंकियों (Militants) के छिपे होने की जानकारी मिली थी जिसके बाद सेना की 22 आरआर, एसओजी सोपोर और सीआरपीएफ 179, 177 और 92 बटालियन की एक संयुक्त टीम ने वारपोरा में घर-घर में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया।

Indo-China War: 1962 के दौरान चीनी सेना ने जगह-जगह पोस्ट और सड़क का निर्माण कर दिया था जिसके जवाब में भारतीय सेना ने भी पोस्ट बना ली थी।

भारतीय शस्‍त्र सेनाओं की सर्वोच्‍च कमान भारत के राष्‍ट्रपति के पास है। राष्‍ट्र की रक्षा का दायित्‍व मंत्री मंडल के पास होता है। इसके निर्वहन रक्षा मंत्रालय से किया जाता है। 

रक्षा मंत्रालय ने इसे सरकार के ‘आत्मनिर्भर अभियान' की दिशा में बड़ा कदम बताया। बताया जा रहा है कि अधिकतम दूरी की मारक क्षमता के लिए इस मिसाइल (Akash-NG) का पहले ही सफल परीक्षण हो चुका है।

सतवारी के एयर फोर्स स्टेशन और पास के ही मशहूर पीर बाबा की दरगाह के ऊपर एक के बाद एक दो ड्रोन (Drone) उड़ते दिखाई दिए। इसने फिर पाक की भारत विरोधी कुत्सित चालों व बदनियति को बेनकाब किया है।

पाकिस्तानी सेना के जवान कारगिल की सामरिक रूप से महत्वपूर्ण पहाड़ियों पर कब्जा जमाकर बैठ गए थे। केंगुर्से और उनकी टीम को चढ़ाई कर इन पोस्टों को दुश्मनों से वापस छीनना था।

सीमा पर तैनात जवान व अफसर हाई अलर्ट पर हैं। सीमा पार से आने वाले ड्रोन (Drone) को लेकर भी अति सतर्कता बरती जा रही है।

सेना के विश्वसनीय इनपुट के आधार पर तलाशी अभियान शुरू किया गया, जिसके कारण हाइवे से करीब 700 मीटर दूर 30 किलोग्राम आईईडी बरामद किया गया।

पाकिस्तान और भारत के बीच अबतक चार युद्ध लड़े जा चुके हैं। हर बार पाकिस्तान को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा है। पाकिस्तान हर बार हार कर फिर से भारत के सामने लड़ता है और हारता है।

आतंकी मीर से की गई पूछताछ के आधार पर उसके चार आतंकी साथियों (Militants) को भी गिरफ्तार किया गया। इन चारों की पहचान जहूर गनी‚ उमर फारूक वानी‚ फैजान कयूम गनी और शाहनवाज अहमद मीर के रूप में की गई है।

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