Dantewada

मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबलों के हौसले देखकर नक्सली (Naxalites) भाग खड़े हुए हैं और अपना सामान कैंप में ही छोड़ गए हैं।

दंतेवाड़ा पुलिस को सूचना मिली थी कि सातधार मंगनार इलाके में नक्सली (Naxalites) छिपे हुए हैं। जिसके बाद नक्सलियों के खिलाफ ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया गया।

खबर मिली है कि दंतेवाड़ा में रविवार को 3 नक्सलियों (Naxalites) ने सरेंडर किया है, जिसमें से एक नक्सली एक लाख रुपए का इनामी है।

शिवानंद आश्रम छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र दंतेवाड़ा के गीदम ब्लॉक के गुमरगुंडा में है। यहां गरीब बच्चे निःशुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सभी बच्चे नक्सल पीड़ित हैं, इन सभी ने नक्सल हिंसा में अपने परिजनों को खोया है।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी है, फिर भी नक्सली अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला दंतेवाड़ा जिले का है।

छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा पुलिस ने एक बेहद सराहनीय काम किया है। दंतेवाड़ा पुलिस ने वैलेंटाइन डे के मौके पर 15 पूर्व नक्सलियों (Naxalites) की शादी करवाई।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायक भीमा मंडावी हत्याकांड (Bhima Mandavi Case) में एनआइए (NIA) ने 12 फरवरी को 22 मोस्ट वांटेड नक्सलियों की सूची जारी कर दी।

Dantewada: नक्सलियों ने सीआरपीएफ के डीआईजी, एसपी और अन्य अधिकारियों के सामने सरेंडर किया। 74 इनामी समेत 293 नक्सली मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं।

ताजा मामला दंतेवाड़ा के इंद्रावती नदी के पास नक्सल (Naxalites) प्रभावित क्षेत्र पहुनहार गांव का है। यहां के लोगों ने इस गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराया।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ताजा मामला दंतेवाड़ा जिले का है। यहां 24 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है।

लोन वर्राटू अभियान (घर वापसी) से प्रभावित होकर 4 इनामी नक्सलियों समेत 8 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। खबर की पुष्टि दंतेवाड़ा के एसपी अभिषेक पल्लव ने की है।

दंतेवाड़ा के ग्राम गुमियापाल के 14 नक्सलियों ने गुरुवार को किरंदुल थाने में सरेंडर किया है। इनमें से 2 नक्सली 1-1 लाख रुपए के इनामी हैं।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दंतेवाड़ा जिले का धुर नक्सल ग्रस्त जगरगुंडा गांव तीन जिलों का जंक्शन है। यह इलाका नक्सलियों का गढ़ रहा है। 17 सालों से लोग लाल आतंक के साए में जी रहे हैं। कई सालों से ये पूरा इलाका अलग-थलग रहा है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा (Dantewada) जिले का अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग जल्दी ही चालू होगा। नक्सली हिंसा की वजह से यह मार्ग करीब दो दशक से बंद था।

बस्तर (Bastar) में नक्सलियों (Naxals) की काली करतूतों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन और सुरक्षाबलों ने जबरदस्त अभियान चला रखा है। इससे नक्सलियों की साख लगातार कमजोर हो रही है। नक्सलवाद (Naxalism) के खिलाफ की जा रही सख्त कार्रवाई से नक्सली बौखला गए हैं।

नक्सलियों ने ये साजिश जवानों को निशाना बनाने के लिए रची थी, लेकिन इसमें 2 महिलाएं फंस गईं। मामला अरनपुर थाना क्षेत्र के जंगल का है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा (Dantewada) में नक्सलियों (Naxals) को कमजोर करने की पूरी तैयारी है। पिछले 15 सालों से नक्सलियों के कब्जे में रही करीब 8 किमी लंबी कोंडासावली से जगरगुंडा तक की सड़क को जवानों ने नक्सलियों के कब्जे से मुक्त करा लिया।

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