Dantewada

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा (Dantewada) में नक्सलियों (Naxals) को कमजोर करने की पूरी तैयारी है। पिछले 15 सालों से नक्सलियों के कब्जे में रही करीब 8 किमी लंबी कोंडासावली से जगरगुंडा तक की सड़क को जवानों ने नक्सलियों के कब्जे से मुक्त करा लिया।

सरेंडर करने वालों में से एक नक्सली एके-47 राइफल, 80 कारतूस, वर्दी और स्टेशनरी सामान लेकर पहुंचा था। राइफल रायपुर में 8 लाख रुपए में खरीदी थी।

अब नक्सली और डिप्टी कमांडर सोमडू वट्टी ने सोमवार को दंतेवाड़ा पुलिस के सामने सरेंडर किया है। वह नक्सलियों के लिए गोला बारूद, वर्दी और हथियारों का इंतजाम करता था।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित (Naxal Area) दंतेवाड़ा (Dantewada) जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष ने क्षेत्र में पक्के स्कूल भवनों के लिए पहल की है।

सरेंडर करने वाले नक्सलियों का नाम नंदा राम सोढ़ी, जटेल मरका और रंजिश मुचाकी है। इन नक्सलियों पर एक-एक लाख रुपए का इनाम घोषित था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डीआरजी जवान सुबह के समय गश्त पर निकले थे, इसी दौरान उन्हें जियाकोरता के डोंगरीपारा जंगल में कुछ संदिग्‍ध वस्‍तुए नजर आई।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे लोन वर्राटू अभियान (नक्सल अभियान) से नक्सली समर्पण कर रहे हैं।

नक्सली ने भांसी, झिरका के जंगल मे सर्चिंग पर निकले जवानों के सामने भरमार के साथ सरेंडर कर दिया। नक्सली राजेन्द्र तेलाम डीएकेएमएस अध्यक्ष है।

Naxalites News: अगर एक महिला ठान ले तो अपने हौसले से बड़ी से बड़ी परेशानी का सामना कर सकती है। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा से सामने आया है।

दंतेवाड़ा में नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ ऑपरेशन को तेज कर दिया गया है। जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है।

अशोक किरंदुल में अपने माता-पिता के साथ रहकर जिंदगी की जिम्मेदारियों को उठा रहा था। इस बीच नक्सलियों (Naxalites) ने उसकी हत्या कर दी।

बस्तर पुलिस ने इन समस्याओं से निपटने का एक सही तरीका ढूंढ निकाला है। ऐसा तरीका जिससे नक्सलियों का अर्बन नेटवर्क और कथित समाजसेवी संस्थाओं की ये कोशिशें नाकाम हो जाएंगी।

Chhattisgarh: पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने ग्रामीणों के जननांगों पर हमला किया था, जिसके बाद से पीड़ितों को चलने-फिरने में परेशानी हो रही है।

दंतेवाड़ा (Dantewada) में एक प्रेगनेंट महिला लैंडस्लाइड की वजह से रोड जाम होने पर जंगल में फंस गई। ये उसकी डिलीवरी का समय था

बुधवार रात कटेकल्याण थाना क्षेत्र के चिकपाल गांव के करीब 30 ग्रामीणों को नक्सली (Naxalites) जंगल ले गए थे और इसके बाद उनकी लाठी और लात-घूसों से पिटाई की गई।

छत्तीसगढ़ राज्य बनने के 20 साल बाद धुर नक्सल (Naxal) प्रभावित गांव मारजुम में आजादी के बाद पहली बार सुरक्षाबल के जवान, महिला कमांडो और ग्रामीणों ने मिलकर तिरंगा लहराया।

डेविड के पास से एके-47 राइफल, पिस्टल, कारतूस और पिठ्ठू के साथ दैनिक प्रयोग का सामान बरामद किया गया है।

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