Terror Attack

आईएसआई को लगता है कि भारतीय सेना का पूरा फोकस कश्मीर में है। ऐसे में उसे भारत के दूसरे हिस्सों में आतंकी घटना को अंजाम देने में कोई समस्या नहीं होने वाली।

आतंकी मीर से की गई पूछताछ के आधार पर उसके चार आतंकी साथियों (Militants) को भी गिरफ्तार किया गया। इन चारों की पहचान जहूर गनी‚ उमर फारूक वानी‚ फैजान कयूम गनी और शाहनवाज अहमद मीर के रूप में की गई है।

पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान (Pakistan) और वहां की जमीन से चलने वाले आतंकी संगठन ड्रोन के जरिए भारत में हथियार, असलहा-बारूद गिराने का काम कर रहे है।

अयोध्या पर 2005 में आतंवादियों ने हमले की फिराक से परिसर में घुसपैठ की थी। बड़े हमले की प्लानिंग कर राम मंदिर परिसर में घुसे 5-6 आतंकियों के मंसूबों पर सुरक्षा में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) ने पानी फेर दिया था।

ड्रोन पोस्ट से उड़ने वाला जो ड्रोन भारतीय सीमा में दाखिल होगा‚ उसके जरिए पाक न सिर्फ पैसे कमाने की तैयारी में है‚ बल्कि भारत में फिर से दहशत फैलाने की कोशिश की भी रणनीति बनाई है।

मुजफ्फराबाद में आईएसआई (ISI) ने अपनी अध्यक्षता में एक बैठक की थी‚ जिसमें बड़े–बड़े आतंकवादी संगठन के नेता शामिल हुए थे। हिज़बुल मुजाहिदीन‚ लश्कर–ए–तैयबा‚ जैश-ए-मोहम्मद के कई बड़े कमांडर इसका हिस्सा बने थे।

ये तीनों लश्कर-ए-तैयबा (LeT) कमांडर मो. यूसुफ डार उर्फ कांटरू और अबरार नदीम भट के भी संपर्क में थे। इनके पास से गोला बारूद और लश्कर-ए-तैयबा के पोस्टरों के अलावा कुछ और आपत्तिजनक सामग्री जब्त हुई हैं।

सुरक्षा परिषद के अनुसार, ये जघन्य हमले प्रशासनिक व न्यायिक सेवा, मीडिया, स्वास्थ्य सेवा में कार्यरत लोगों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं।

इससे पहले उत्तरी इराक में 16 फरवरी को इरबिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी ऐसा ही एक हमला (Terror Attack) हुआ था। जिसमें अमेरिका सैन्य गठबंधन बल के एक जवान की मौत हो गई थी

पुलिस ने इस हमले के सिलसिले में तीन आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आतंकियों (Militants) का संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित ग्रुप से बताया जा रहा है।

आतंकवादियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी, इसी के आधार पर वामपोरा इलाके की घेराबंदी कर छानबीन की गई और आतंकवादी (Militant) विलायत सुरक्षाबलों के हत्थे चढ़ा।

लश्कर–ए–तय्यबा और जैश–ए–मोहम्मद के आतंकी भारतीय सुरक्षा संस्थानों और सुरक्षाबलों पर पठानकोट जैसे आतंकी हमले (Terror Attack) करने की साजिश की फिराक में हैं।

इस साल सुरक्षाबलों को घाटी में आतंकवादी (Militants) को विभिन्न मुठभेड़ों में मार गिराने में भारी कामयाबी मिली है। आतंकवाद के खिलाफ अभियान में सुरक्षाबलों के जवानों की भी शहादतें हुईं हैं।

आईएसआई (ISI) फिदायीन के माध्यम से आतंकवादी हमले (Terror Attack) की योजना बना सकता है‚ इसमें या तो कोई मानव बम हो सकता है या भारी विस्फोटकों से भरा कोई वाहन हो सकता है।

खुफिया इनपुट के बाद पुलिस ने नगरोटा इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी थी। इसी दौरान श्रीनगर-जम्मू हाइवे पर सुबह 4.20 बजे के आसपास जवानों ने एक ट्रक को चेकिंग के लिए रोका।

इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आतंकी संगठन अलकायदा के आतंकी पश्चिम बंगाल में हमले की साजिश रच रहे हैं।

भारत में बार–बार घुसपैठ और आतंकी हमले (Terror Attack) की साजिश रचने में असफलता से पाकिस्तान (Pakistan) बौखला गया है। इसी बौखलाहट में आईएसआई (ISI) आतंकी दिवाली पर फिदायीन हमला करने की साजिश रच रहे हैं।

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