Naxal

नक्सलियों (Naxalites) की सेंट्रल कमेटी ने प्रेस नोट जारी कर ये बताया है कि पिछले एक साल में देश के अलग-अलग राज्यों में 160 नक्सलियों की मौत हुई है।

गिरफ्तार दोनों नक्सली पिछले तीन साल से फरार चल रहे थे। दोनों नक्सलियों को भंडरा थाना में सीएलए एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लोहरदगा मंडल कारागृह भेज दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक अमित रेणु के अनुसार नक्सलियों (Naxalites) ने पुलिस को निशाना बनाने के लिए यह बम पुलिया में लगाया था, लेकिन गुप्त सूचना के आधार पर बम को बरामद कर इसे निष्क्रिय कर दिया गया

झारखंड (Jharkhand) के पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुदड़ी में सीआरपीएफ 94 बटालियन  और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हो गई। ये मुठभेड़ रविवार सुबह करीब 5 बजे हुई है।

नक्सली (Naxali) किशन का आतंक चतरा जिले के अलावा हजारीबाग, रांची, रामगढ़ और पलामू जिलों में भी था। झारखंड के कई जिलों के अलग-अलग थानों में इस नक्सली कमांडर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के घोर नक्सल (Naxali) प्रभावित गांव नहाड़ी (Nahadi) में पुलिस अब कैंप (Police Camp) खोलने की तैयारी कर रही है।

जांच में इन तीनों नक्सलियों ने कुछ भी बड़ा खुलासा नहीं किया, लेकिन इनके पास से जब्त भारी तादात में हथियार कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं, ऐसे में अब एनआईए को इस जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नक्सलियों के गढ़ में एक बच्चे का जाना और फिर उनके टॉप लीडर को खुला चैलेंज करना अपने आप में ही यह दर्शाता है कि प्रकाश रंजन मिश्रा कितने बहादुर थे।

आज के तकनीक के इस दौर में 15 लाख का इनामी नक्सली रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन, मदन व आकाश का दस्ता दोनों राज्यों की पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।

सुरक्षाबलों की ये टीम जंगल पहुंची तो  पीएलएफआई नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरु कर दिया लेकिन सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली घने जंगलों का फायदा उठाकर फरार हो गये।

जवानों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान महिला नक्सली के स्मारक को ध्वस्त कर दिया है। जवानों ने ये कार्रवाई इन्द्रावती नदी के उस पार कुर्सीगबहार के पास की है।

राज्य सरकार ने झारखंड के नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 146 नक्सलियों (Naxalites) को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की मंजूरी दी है।

पुलिस इन नक्सलियों (Naxalites) से पूछताछ कर रही है। इन नक्सलियों के पास से एक देसी कार्बाइन, नौ मिमि की गोलियां, बारूद, नक्सली साहित्य आदि सामग्री भी बरामद किया गया है।

नक्सली संगठन (Naxal Organizations) आजकल एनकाउंटर से अधिक सरकारों द्वारा आत्मसमर्पण के लिए चलाए जा रही कल्याणकारी नीतियों एवं पुनर्वास योजनाओं से डर रहे हैं।

जंगलों में छानबीन कर रहे सी-60 के जवानों पर 60-70 की संख्या में मौजूद नक्सलियों (Naxalites) ने गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले के जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया।

साल 2017 में भी आरिफ एच शेख (IPS Arif H Sheikh) को पेंसिल्वेनिया में उनके अभियान आमचो बस्तर, आमचो पुलिस” के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया। आईएसीपी द्वारा दिए जाने वाले इस अवार्ड पर लगातार दो सालों से छत्तीसगढ़ पुलिस का कब्जा रहा।

नक्सल पीड़ित परिवारों (Naxalite Affected Families) को 'मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना' के अन्तर्गत निर्धारित न्यूनतम दर पर राशन दिया जायेगा और 'राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना' के अन्तर्गत मिलने वाली सुविधाओं की भी इनकी पात्रता होगी। 

यह भी पढ़ें