Indian Air Force

गरुड़ कमांडो को लगभग ढाई साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद तैयार किया जाता है। कमांडो ट्रेनिंग में इन्हें उफनती नदियों और आग से गुजरना, बिना सहारे पहाड़ पर चढ़ना पड़ता है। भारी बोझ के साथ कई किलोमीटर की दौड़ और घने जंगलों में रात गुजारनी पड़ती है।

38 साल तक भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) का अभिन्न अंग रहा लड़ाकू विमान मिग-27 (MiG-27) आज रिटायर हो गया। राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर 27 दिसंबर सुबह करीब 10 बजे मिग-27 (MiG-27) ने आखिरी उड़ान भरी।

नरवणे, एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया और नौसेना अध्यक्ष करमबीर सिंह तीनों ने एनडीए (NDA) का 56वां कोर्स एक साथ किया था। 

Air Force Day: बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान का F-16 विमान गिराने वाले वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने वायुसेना दिवस (Air Force Day) के मौके पर एक बार फिर Mig लड़ाकू विमान में उड़ान भरी।

वायुसेना मुख्यालय ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के वायुसेना जवानों की सूची में स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना के नाम को शामिल करने की मंजूरी प्रदान कर दी है

सीमा पर सुरक्षा के मद्देनजर भारतीय सेना पाकिस्तान बॉर्डर पर इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (IBG) तैनात करने की तैयारी में है। रक्षा मंत्रालय की ओर से भी इसकी मंजूरी मिल गयी है।

वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने कहा, “सेना के ऑपरेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने और इसके मानव संसाधन को लगातार चलायमान रखने की आवश्यकता है। इसके साथ ही वायुसेना को अधिक ताकतवर बनने और एक स्थान से त्वरित आगे बढ़ने के लिए नई तकनीक को अपनाने की भी जरूरत है।”

60 फुट ऊंचे और 50 फुट चौड़े अपाचे हेलिकॉप्टर को उड़ाने के लिए 2 पायलट की जरूरत होती है। अपाचे लड़ाकू हेलिकॉप्टर लगभग 280 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ान भरता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इस हेलिकॉप्टर को रडार आसानी से पकड़ नहीं पाता है।

स्क्वॉड्रन लीडर समीर अबरोल के साथ इस दुर्घटना में देहरादून के स्क्वॉड्रन लीडर सिद्धार्थ नेगी भी शहीद हो गए थे। इसके कुछ दिनों बाद गरिमा अबरोल ने एक भावुक फेसबुक पोस्ट करके अपने गम बयां करने के साथ-साथ व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया था।

भारतीय वायुसेना को 10 मई को अपना पहला लड़ाकू हेलीकॉप्टर अपाचे गार्जियन हेलीकॉप्टर ( Apache Helicopter) सौंप दिया गया है।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 4 अप्रैल को एयरफोर्स की एक गाड़ी में ब्लास्ट हो गई। इसमें वायु सेना के दो जवान शहीद हो गए हैं। शहीद होने वाले जवानों में एक जवान अजय कुमार थे। अजय रेवाड़ी के जैनाबाद गांव के रहने वाले हैं। 32 साल के अजय अपनी टीम के साथ गश्त पर निकले थे। इसी दौरान गाड़ी में विष्फोट हो गया।

सीएच-47एफ (आई) चिनूक एडवांस्ड टेक्नोलॉजी से लैस हेलिकॉप्टर है जो भारतीय सशस्त्र बलों को युद्ध और मानवीय मिशन के दौरान रणनीतिक एयरलिफ्ट की क्षमता मुहैया कराएगा।

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