Indian Air Force

राफेल लड़ाकू विमानों (Rafale Fighter Jets) को औपचारिक रूप से 10 सितंबर को भारतीय वायु सेना (आईएएफ) में हरियाणा के अंबाला हवाई अड्डे पर एक समारोह में शामिल किया जाएगा। इसके लिए फ्रांस के रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पैली को भी आमंत्रित किया जाएगा।

यह पदक असाधारण कर्तव्यपरायणता या अदम्य साहस के ऐसे व्यक्तिगत कारनामे के लिए प्रदान किया जाता है जो वायु सेना के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हों।

राफेल विमानों (Rafale Fighter Jets) के आ जाने से चीन की टेंशन बढ़ी हुई नजर आ रही है। लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर इसका असर साफ देखने को मिल रहा है।

Indian Army Chief ने कहा कि चीन के किसी भी दुस्साहस से निपटने के लिए आक्रामक रुख अपनाया जाए। जब तक विवाद का संतोषजनक हल नहीं आता, तब तक पूरी सतर्कता बरती जाए।

14 दिसंबर 1971 को श्रीनगर एयरफील्ड पर दुश्मन के 6 सेबर एयरक्राफ्ट ने हमला कर दिया था। सेखों उस समय ड्यूटी के लिए तैयार थे।

करीब 7000 किलोमीटर का सफर के दौरान पाकिस्तान (Pakistan) के हुए एयरस्पेस से सटकर गुजरात के रास्ते अंबाला एयर बेस पहुंचे इन राफेल फाइटर जेट (Rafale Fighters Jet) ने पाकिस्तानी वायुसेना की बेचैनी बढ़ा दी है।

भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) की ताकत और बढ़ जाएगी, क्योंकि 5 राफेल लड़ाकू विमान (Rafale Jets) आज भारत पहुंच रहे हैं।

चीन के साथ जारी तनाव के बीच राफेल विमान (Rafale Fighter Jets) भारत पहुंच चुके हैं। भारत और फ्रांस के बीच हुए सौदे के तहत 5 राफेल लड़ाकू विमान भारत पहुंचे।

फ्रांस स्थित भारतीय राजदूत ने राफेल को लाने वाले भारतीय पायलटों से मुलाकात की और उन्हे बधाई देते हुए सुरक्षित यात्रा की कामना की।

अब चीन और पाकिस्तान के पसीने छूटने वाले हैं, क्योंकि भारतीय वायुसेना में जल्द ही लड़ाकू विमान राफेल (Rafale Fighter Jets) शामिल होने वाला है। उम्मीद है कि 29 जुलाई को 4-6 राफेल लड़ाकू विमान भारत आएंगे।

एयर मार्शल विवेक राम चौधरी (Air Marshal Vivek Ram Chaudhari) को पश्चिमी वायु कमान प्रमुख (Western Air Command Chief) के रूप में नियुक्त किया गया है।

भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के राफेल विमानों के बारे में दुनिया जानती है और दुश्मन इससे खौफ खाते हैं। अब भारतीय वायुसेना राफेल को और भी खतरनाक बनाने में जुटी हुई है। दरअसल तैयारी है राफेल विमान में हैमर मिसाइल (HAMMER Missile) लगाने की।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defense Minister Rajnath Singh) ने एयर फोर्स (Indian Air Force) कमांडरों की कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। 22 जुलाई से 24 जुलाई तक 3 दिनों तक चलने वाले इस कॉन्फ्रेंस में एलएसी (LAC) पर चीन के साथ चल रहे तनाव, एयर फोर्स की तैयारियों को लेकर चर्चा होगी।

युद्ध के दौरान फोर्स ने दुश्मनों का सफाया करने के लिए ऑपरेशन 'सफेद सागर' चलाया था। उस दौरान भारत के पास मिग 21, मिग 23 और मिग 27 जैसे लड़ाकू विमान थे।

अबतक कई एनसीसी कैडेट ने सेना में भर्ती होकर देश का नाम रोशन किया है। एनसीसी कैडेट रहीं और फिर एयरफोर्स में अधिकारी रैंक पर तैनात हुईं।

भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव के बीच भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) को सभी अपाचे हेलिकॉप्टर (Apache Helicopter) और चिनूक हेलिकॉप्टर (Chinook Helicopter) मिल गए हैं।

भारत-चीन सीमा के पास भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के अपाचे लड़ाकू हेलिकॉप्टर (Apache Attack Helicopters) ने फॉरवर्ड एयरबेस पर नाइट ऑपरेशन संचालित किया। यहां देर रात अपाचे, चिनूक समेत वायुसेना के कई विमान उड़ान भरते हुए दिखे और चीन पर पैनी नजर रखते रहे।

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