Indian Air Force

देव (Amit Dev) को जिस कमान कि जिम्मेदारी दी गई है, उसे 1962 में चीन से हुई जंग के बाद तैयार किया गया था। इस कमान पर 11 राज्यों की जिम्मेदारी है।

लड़ाकू विमान जरिए पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों पर नजर रखकर उन्हें निशाना बनाया गया था। युद्ध के दौरान ग्रुप कैप्टन के. नचिकेता (Captain K Nachiketa) ने शौर्य की ऐसी छाप छोड़ी थी जिसे यादकर आज हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।

IAF Recruitment 2020: भर्ती ‘ग्रुप X’ ट्रेडों के लिए होगी और रैली 19 अक्टूबर को 5 एयरमैन चयन केंद्र, केंद्रीय विद्यालय- 2 वायु सेना, जोधपुर में की जाएगी।

रेड ईगल डिवीजन (4th infantry division) भारतीय सेना (Indian Army) की सबसे पुरानी इन्फेंट्री मानी जाती है। इसकी खासियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस डिवीजन को सबसे ज्यादा युद्धक पदक भी मिले हैं।

LAC पर जारी तनाव के बीच भारतीय सेना और भी ताकतवर होने वाली है। ठंड के मौसम में लद्दाख में बर्फीली चोटियों पर देश की निगेहबानी करने वाले सैनिकों की ताकत और बढ़ाने के लिए उन्हें तीन खास किस्म के हेलीकॉप्टर मिलने वाले हैं।

भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) में महिलाओं ने एक और उपलब्धि हासिल कर ली है। अब महिला फाइटर पायलट (Women Fighter Pilots) राफेल उड़ाएंगी। दरअसल, राफेल को उड़ाने वाली गोल्‍डन ऐरोज स्‍क्‍वाड्रन में अब तक सिर्फ पुरुष पायलट ही थे।

राफेल लड़ाकू विमान को औपचारिक तौर पर भारतीय वायु सेना (IAF) में शामिल कर लिया गया है। अब राफेल, भारतीय वायु सेना का हिस्सा हो गया है।

राफेल (Rafale) की रेंज 3,700 किलोमीटर है और इसके साथ 4 मिसाइलों को भेजा जा सकता है। राफेल की लंबाई 15.30 मीटर और ऊंचाई 5.30 मीटर है।

Rafale: इस अहम मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, फ्रांस की सशस्त्र सेनाओं की मंत्री फ्लोरेंस पार्ले समेत कई महत्वपूर्ण लोग मौजूद रहेंगे।

LAC पर भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर उत्तराखंड के सीमांत जनपद उत्तरकाशी के नेलांग बॉर्डर की अंतिम चौकियों पर सेना और भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के साथ -साथ Indian Air Force भी पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं।

लड़ाकू विमान राफेल (Rafale Fighter Jets) को लेकर एक समस्या सामने आ गई है। इस बाबत एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह (डायरेक्टर जनरल इंस्पेक्शन ऐंड सेफ्टी ऑफ इंडियन एयरफोर्स) ने हरियाणा की चीफ सेक्रेटरी केशनी आनंद अरोड़ा को पत्र लिखा है।

चीनी सेना ने भारत को डराने के लिए सीमा के पास अपने जे-20 फाइटर जेट उड़ाए। जिसे टक्कर देने के लिए भारतीय वायुसेना का राफेल (Rafale), सुखोई-30एमकेआई और तेजस विमान तैयार हैं।

राफेल लड़ाकू विमानों (Rafale Fighter Jets) को औपचारिक रूप से 10 सितंबर को भारतीय वायु सेना (आईएएफ) में हरियाणा के अंबाला हवाई अड्डे पर एक समारोह में शामिल किया जाएगा। इसके लिए फ्रांस के रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पैली को भी आमंत्रित किया जाएगा।

यह पदक असाधारण कर्तव्यपरायणता या अदम्य साहस के ऐसे व्यक्तिगत कारनामे के लिए प्रदान किया जाता है जो वायु सेना के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हों।

राफेल विमानों (Rafale Fighter Jets) के आ जाने से चीन की टेंशन बढ़ी हुई नजर आ रही है। लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर इसका असर साफ देखने को मिल रहा है।

Indian Army Chief ने कहा कि चीन के किसी भी दुस्साहस से निपटने के लिए आक्रामक रुख अपनाया जाए। जब तक विवाद का संतोषजनक हल नहीं आता, तब तक पूरी सतर्कता बरती जाए।

14 दिसंबर 1971 को श्रीनगर एयरफील्ड पर दुश्मन के 6 सेबर एयरक्राफ्ट ने हमला कर दिया था। सेखों उस समय ड्यूटी के लिए तैयार थे।

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