Indian Air Force

भारत और पाकिस्तान के बीच साल 1971 में युद्ध हुआ, जिसके बाद दुनिया के नक्शे पर बांग्लादेश सामने आया। 1971 में 16 दिसंबर का दिन भारत और बांग्लादेश दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

सेना के जवान जंग के दौरान भारी भरकम वजन लेकर कई-कई किलोमीटर तक पैदल चलते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि दुश्मनों को भनक लगे बिना ही उनके ठिकाने पर पहुंचना होता है।

हाल ही के दिनों में भारत का अरब देशों के साथ सैन्य साझेदारी बढ़ा है। इसी के तहत कुछ दिन पहले भारतीय थलसेनाध्यक्ष एमएम नरवणे ने सऊदी अरब और यूएई की यात्रा पर गये थे।

26 फरवरी के तड़के भारतीय लड़ाकू विमान मिराज 2000 के एक समूह ने एसओसी पार कर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी कैंप पर बमबारी की और उसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया।

इलाके के लोगों और जवानों का मानना है कि बीते 45 साल से पंजाब रेजिमेंट में बतौर सिपाही बाबा हरभजन सिंह मरणोपरांत भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 

ट्रेनिंग के दौरान इन कमांडोज को 33.5 हजार फीट की ऊंचाई से 50 जंप लगानी पड़ती है। इन जवानों को आगरा के एयरफोर्स पैरा ट्रेनिंग स्कूल में ट्रेनिंग दी जाती है।

भारतीय सेना (Indian Army) के जवान खुद को फिट रखने के लिए काफी मेहनत करते हैं। सैनिकों का शरीर पत्थर की तरह मजबूत होता है। ऐसा फौलादी शरीर पाने के लिए सैनिक एक बेहद ही कड़े रूटीन को फॉलो करते हैं।

भारतीय वायु सेना में नौकरी की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए बड़ा मौका है। भारतीय वायु सेना में ग्रुप सी के कई असैनिक पदों पर भर्तियां निकली हैं।

भारतीय सेना (Indian Army) दुश्मनों पर नजर रखने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करती है। कहते हैं कि दुश्मन से जितनी पैनी नजर रखी जाएगी खतरों से उतनी ही जल्दी निपट लिया जाएगा।

सैन्य अस्पताल सशस्त्र बलों के स्वामित्व वाले होता हैं और सेना द्वारा ही इनका संचालन किया जाता है। हालांकि इन हॉस्पिटल का खर्च सरकार द्वारा ही उठाया जाता है।

भारतीय सेना (Indian Army) दुनिया की सबसे घातक सेनाओं में से एक मानी जाती है। सेना का शौर्य और पराक्रम पूरी दुनिया में विख्यात है। भारतीय सेना दिन रात कड़ी मेहतन करती है। ऐसे में जवानों की डाइट का विशेष ख्याल रखा जाता है।

सरकार अब रक्षा उत्पादन निर्यात प्रोत्साहन नीति 2020 के तहत वर्ष 2025 तक 35 हजार करोड़ रुपए के रक्षा उपकरणों के निर्यात (Export) को हासिल करने का लक्ष्य लेकर अपने निर्यात को बढ़ा रही है।

एयर मार्शल राजेश कुमार रविवार से वायुसेना के सामरिक बल कमान के नए प्रमुख की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह एयर मार्शल एनएस ढिल्लन की जगह लेंगे।

गणतंत्र दिवस (Republic Day 2021) के मौके पर राजपथ पर भारतीय सेना (Indian Army) हमेशा की तरह इस बार भी अपनी ताकत दिखाएगी, लेकिन इस बार का ये कार्यक्रम थोड़ा अलग होगा।

भारतीय सेना (Indian Army) के जवान किसी भी खतरे का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। सेना देश की रक्षा के लिए सरहद पर पूरी तरह मुस्तैद रहती है। जवानों के पास ऐसे कई उपकरण हैं जिनके जरिए दुश्मनों की हर नापाक चाल को पहले से भांप लिया जाता है।

भारतीय वायुसेना को स्वदेशी तेजस हल्के लड़ाकू विमान (Tejas Light Combat Aircraft) की आपूर्ति मार्च, 2024 से शुरू हो जाएगी। कुल 83 विमानों की आपूर्ति होने तक हर साल करीब 16 विमानों की आपूर्ति की जाएगी।

भारतीय वीर सपूत भारत मां की रक्षा के लिए किसी भी हद तक गुजरने को तैयार रहते हैं। दुश्मनों को कई मौकों पर हमारे जवानों ने नेस्तनाबूद किया है। वीर सपूत सीमा पर मुस्तैद रहते हुए किसी भी तरह की घुसपैठ और हमलों का माकूल जवाब देते आए हैं।

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