इंडियन एयरफोर्स मनाएगी अपना 88वां स्थापना दिवस, हिंडन एयरबेस पर होगी शानदार परेड

इंडियन एयरफोर्स (Indian Air Force) 8 अक्टूबर को अपना 88वां स्थापना दिवस समारोह मनाएगी। हर साल की तरह इस बार भी गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पर इसके स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया जा रहा है।

Indian Air Force

फाइल फोटो।

भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना है। इंडियन एयरफोर्स के वायुयान ने अपनी पहली उड़ान 1 अप्रैल, 1933 को भरी थी।

इंडियन एयरफोर्स (Indian Air Force) 8 अक्टूबर को अपना 88वां स्थापना दिवस समारोह मनाएगी। हर साल की तरह इस बार भी गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पर इसके स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया जा रहा है। बता दें कि 8 अक्टूबर, 1932 को इंडियन एयरफोर्स की स्थापना हुई थी, तभी से इस दिन को ‘एयरफोर्स डे’ के रूप में मनाया जाता है।

इस मौके पर एयरफोर्स (Indian Air Force) अपने खास-खास विमानों और जवानों के करतब का प्रदर्शन करती है। एयरफोर्स डे के मौके पर शानदार परेड और एयर शो का आयोजन होता है।

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बता दें कि भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना है। इंडियन एयरफोर्स के वायुयान ने अपनी पहली उड़ान 1 अप्रैल, 1933 को भरी थी। उस समय इसमें RAF द्वारा प्रशिक्षित छह अफसर और 19 हवाई सिपाही (शताब्दिक तौर पर वायुयोद्धा) थे। भारतीय वायु सेना की स्थापना ब्रिटिश साम्राज्य की वायु सेना की एक इकाई के तौर पर हुई थी।

आजादी से पहले एयरफोर्स को RIAF यानी रॉयल इंडियन एयर फोर्स कहा जाता था। भारतीय वायु सेना ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान भी अहम भूमिका निभाई थी। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इसके नाम में ‘रॉयल’ शब्द जोड़ा गया था। लेकिन आजादी मिलने के बाद साल 1950 में यह शब्द हटा दिया गया था। आजादी के बाद इसमें से “रॉयल” शब्द को हटाकर सिर्फ “इंडियन एयरफोर्स” कर दिया गया था।

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देश के आजाद होने के बाद से भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) चार युद्धों में कार्यवाई कर चुकी है जिनमें से तीन पाकिस्तान एवं एक चीन के खिलाफ लड़े गए। भारतीय वायु सेना के अन्य प्रमुख ऑपरेशनों में शामिल हैं, ऑपरेशन विजय- द एनेक्शेसन ऑफ गोवा, ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन कैक्टस, ऑपरेशन पूमलाई, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक।

इसके अलावा भारतीय वायु सेना संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना कार्यों में भी सहयोग कर चुकी है। देश में सभी सेनाओं का अपना एक आदर्श वाक्य है। भारतीय वायुसेना का आदर्श वाक्य है- ‘नभ: स्पृशं दीप्तम्’। भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) का आदर्श वाक्य गीता के ग्यारहवें अध्याय से लिया गया है और यह महाभारत के महायुद्ध के दौरान कुरूक्षेत्र की युद्धभूमि में भगवान श्री क्रष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेश का एक अंश है।

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भारतीय वायुसेना की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस बार 8 अक्टूबर को मनाए जाने वाले एयरफोर्स परेड में 19 फाइटर जेट, 7 मालवाहक एयरक्राफ्ट और 19 हेलीकॉप्टर सहित कुल 56 एयरक्राफ्ट भाग लेंगे। परेड के दौरान राफेल लड़ाकू विमान जगुआर के साथ ‘विजय’ की उड़ान भरेंगे। इसके अलावा सुखोई और तेजस के साथ ‘Transformer’ फार्मेशन की उड़ान भरेंगे।

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गौरतलब है कि भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के बेड़े में सुखोई-30 एमकेआई, मिराज 2000, मिग-29, मिग 27, मिग-21 और जगुआर फाइटर जेट शामिल है। इसके अलावा हेलिकॉप्टर श्रेणी में वायु सेना के पास एमआई-25/35, एमआई-26, एमआई-17, चेतक और चीता हेलिकॉप्टर हैं, जबकि ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट में सी-130 जे, सी-17 ग्लोबमास्टर, आईएल-76, एए-32 और बोइंग 737 जैसे प्लेन शामिल हैं।

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