Naxalite

आयता ने भी जिंदगी के करीब 13 से इसी मुगालते में गुजार दिए कि वह अपने समाज और आदिवासियों के हितों की लड़ाई लड़ रहा है। पर, जब असलियत से सामना हुआ तो संगठन में उसका दम घुटने लगा।

1995 में बोकारो जिले में एक कुख्यात नक्सली (Naxalite) का नाम सामने आया था, वह नाम था बहादुर तुरी। वह मूल रूप से बोकारो का निवासी था।

पुलिस के मुताबिक नक्सल (Naxalites) प्रभावित क्षेत्र मौजा डोलांदा के जंगलों में ये मुठभेड़ बुधवार दोपहर को हुई। इसमें एक एक महिला नक्सली की मौत हो गई।

दंतेवाड़ा (Dantewada) में एक प्रेगनेंट महिला लैंडस्लाइड की वजह से रोड जाम होने पर जंगल में फंस गई। ये उसकी डिलीवरी का समय था

छत्तीसगढ़ के नक्सल (Naxalite) प्रभावित क्षेत्र बीजापुर में सुरक्षाबलों ने एक नक्सली को गिरफ्तार किया है। नक्सली का नाम मसराम भोगामी है और उसकी उम्र 27 साल है। ये गिरफ्तारी टिंडोड़ी गांव से हुई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसने यह भी दावा किया कि वह 8 साल पहले पुलिस की गाड़ी चलाता था।

छत्तीसगढ़ राज्य बनने के 20 साल बाद धुर नक्सल (Naxal) प्रभावित गांव मारजुम में आजादी के बाद पहली बार सुरक्षाबल के जवान, महिला कमांडो और ग्रामीणों ने मिलकर तिरंगा लहराया।

अधिकारियों के मुताबिक, हार्डकोर नक्सली रंजीत कोड़ा को लेकर लगातार इनफॉरमेशन इकट्ठा की जा रही थी।

डेविड के पास से एके-47 राइफल, पिस्टल, कारतूस और पिठ्ठू के साथ दैनिक प्रयोग का सामान बरामद किया गया है।

डीआरजी, कोबरा, एसटीएफ और सीआरपीएफ के जवानों ने ज्वाइंट ऑपरेशन कर महिला नक्सली को मार गिराया।

मौजूदा समय में नक्सली (Naxali) घटनाओं में आई भारी कमी पुलिस-प्रशासन के प्रयास का नतीजा है। बहरहाल छुट-पुट नक्सली घटनाओं को छोड़ दें तो बड़े नक्सली हमलों का रुकना, उसमें जवानों का हताहत ना होना और आम आदमी को डर के साए में ना जीना एक बड़ा पड़ाव है।

गिरिडीह पुलिस को नक्सलियों (Naxals) के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस (Police) ने यहां 24 जुलाई को एक खूंखार महिला नक्सली को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार महिला नक्सली भाकपा माओवादी संगठन की एरिया कमांडर (Woman Naxali Commander) है। पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने इस बात की जानकारी दी।

गिरफ्त में आए नक्सली का नाम नंदा कुंजाम है और वह मलंगिर एरिया कमेटी के पिरनार पंचायत कमेटी का अध्यक्ष था।

नक्सलवाद प्रभावित (Naxalite) केसरिया गांव के इन लोगों की जीविका का मुख्य साधन मजदूरी है, ऐसे में लॉकडाउन (Lockdown) के कारण इन लोगों के सामने दो जून की रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है।

नक्सली बुधरा (Naxalite) के गांव में उसकी मांं के अलावा उसकी पत्नी, भाई और परिवार के अन्य सदस्य भी रहते हैं। परिवार वालों के अनुसार उनका बेटा बुधरा कब नक्सली बन गया इस बात की उनको भनक भी नहीं लगी। आज से करीब 10 साल पहले वह अचानक ही घर छोड़कर चला गया और कई दिनों बाद परिवारवालों को उसके नक्सली बनने की सूचना लगी।

करीब 10 सालों तक साथ में रहते हुए नक्सलवाद का साथ देने वाले महिला और पुरुष नक्सली (Naxalite) ने अपने...

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