Naxalite

अधिकारियों के मुताबिक, हार्डकोर नक्सली रंजीत कोड़ा को लेकर लगातार इनफॉरमेशन इकट्ठा की जा रही थी।

डेविड के पास से एके-47 राइफल, पिस्टल, कारतूस और पिठ्ठू के साथ दैनिक प्रयोग का सामान बरामद किया गया है।

डीआरजी, कोबरा, एसटीएफ और सीआरपीएफ के जवानों ने ज्वाइंट ऑपरेशन कर महिला नक्सली को मार गिराया।

मौजूदा समय में नक्सली (Naxali) घटनाओं में आई भारी कमी पुलिस-प्रशासन के प्रयास का नतीजा है। बहरहाल छुट-पुट नक्सली घटनाओं को छोड़ दें तो बड़े नक्सली हमलों का रुकना, उसमें जवानों का हताहत ना होना और आम आदमी को डर के साए में ना जीना एक बड़ा पड़ाव है।

गिरिडीह पुलिस को नक्सलियों (Naxals) के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस (Police) ने यहां 24 जुलाई को एक खूंखार महिला नक्सली को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार महिला नक्सली भाकपा माओवादी संगठन की एरिया कमांडर (Woman Naxali Commander) है। पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने इस बात की जानकारी दी।

गिरफ्त में आए नक्सली का नाम नंदा कुंजाम है और वह मलंगिर एरिया कमेटी के पिरनार पंचायत कमेटी का अध्यक्ष था।

नक्सलवाद प्रभावित (Naxalite) केसरिया गांव के इन लोगों की जीविका का मुख्य साधन मजदूरी है, ऐसे में लॉकडाउन (Lockdown) के कारण इन लोगों के सामने दो जून की रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है।

नक्सली बुधरा (Naxalite) के गांव में उसकी मांं के अलावा उसकी पत्नी, भाई और परिवार के अन्य सदस्य भी रहते हैं। परिवार वालों के अनुसार उनका बेटा बुधरा कब नक्सली बन गया इस बात की उनको भनक भी नहीं लगी। आज से करीब 10 साल पहले वह अचानक ही घर छोड़कर चला गया और कई दिनों बाद परिवारवालों को उसके नक्सली बनने की सूचना लगी।

करीब 10 सालों तक साथ में रहते हुए नक्सलवाद का साथ देने वाले महिला और पुरुष नक्सली (Naxalite) ने अपने...

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झारखंड की राजधानी रांची के आस पास सक्रिय उग्रवादी संगठनों से उग्रवादी अपने पुराने संगठन को छोड़कर नया संगठन बना...

बस्तर के कोंडागांव में एक सरेंडर महिला नक्सली ने पुलिस में अपने ही साथी नक्सलियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। महिला नक्सली अपने दस्ते के साथी नक्सलियों से इतनी परेशान हो गई थी कि उसने आत्मसमर्पण कर दिया।  

नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा का कावड़गांव के युवा पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। खासकर वालीबॉल के लिए तो यहां के युवा ही नहीं 4 साल के बच्चे तक दीवाने हैं।

आज के दौर में जहां दोस्त, दोस्त का सगा नहीं होता, भाई का भाई से बैर है। वहीं सीआरपीएफ (CRPF)...

कहानी एक ऐसे शख्स की जो पहले नक्सली था, वर्दी देखते ही उसका खून खौल उठता था। वर्दी के चिथड़े उड़ाना उसका पेशा था। आज वो पुलिस की वर्दी सिलता है।