Naxal Affected Area

बिहार के नक्सल (Naxal) प्रभावित इलाकों में रहने वाले युवाओं ने मिसाल कायम किया है। ये उन सभी के लिए प्रेरणा श्रोत हैं जो तमाम मुश्किलों के बावजूद अपने सपनों को जीना चाहते हैं।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) का दंतेवाड़ा जिला सालों से लाल आतंक से जूझ रहा है। वहां की धरती न जाने कितनी बार नक्सलियों के खून-खराबे की गवाह बनी है। पर नक्सलियों के इस गढ़ में अब बदलाव आता दिख रहा है।

महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले में नक्सलियों ने पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) सप्ताह से पहले 28 नवंबर की सुबह पेड़ गिराकर एक मार्ग को बंद कर दिया।

छत्तीसगढ़ के नक्सल (Naxal) प्रभावित नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों ने मानवता की मिसाल कायम किया है। अबूझमाड़ की गर्भवती महिला को जंगल में सुरक्षित प्रसव करवाकर सोनपुर कैम्प के पुलिस और आइटीबीपी के जवानों ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया है।

गरीबी और बेरोजगारी की वजह से पूर्व बिहार के जमुई, मुंगेर, लखीसराय और बांका के युवा आसानी से नक्सलियों के बहकावे में आ जाते हैं। यही वजह है कि इन इलाकों में नक्सलियों को अपनी जड़ मजबूत करने का मौका मिला।

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के भैरमगढ़ पातरपारा में स्थित सीआरपीएफ (CRPF) 199वीं बटालियन के जवान इन दिनों नक्सल प्रभावित गांवों में जा कर गांव वालों को टेलीफिल्म के माध्यम से जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं।

महिलाओं ने दिखाई हिम्मत, अपने दम पर बनाया नदी पर पुल, नदी जल संग्रह से शुरू किया कृषि कार्य, गांव में आई हरियाली ।

सामुदायिक रेडियो 10 से 15 किलोमीटर के दायरे के इलाके में लो फ्रीकेंवसी में काम करने वाले एफएम रेडियो स्टेशन हैं। सीआरएस कृषि संबंधी सूचनाओं, मौसम का पूर्वानुमान और फसल संबंधी जानकारियों के लिए उपयोगी साबित होते हैं।

सरकार विकास योजनाओं से जन-जन को जागरूक करने के लिए झारखंड सरकार ने एक नई पहल की है। राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में टेलीविजन के माध्यम से सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए सरकार मुफ्त में डीडी रिसीवर बांटेगी।

गृह मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी शामिल हो सकते हैं। जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था की स्थिति को सामान्य बनाए रखने में डोभाल की अहम भूमिका रही है।

नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे विभिन्न सामाजिक और आर्थिक उपायों का सकारात्मक और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ा है। आंकड़े इसकी गवाही देते हैं।

इस योजना के तहत सरकार की कोशिश होती है कि नक्सली हिंसा प्रभावित इलाकों में रहने वाले युवाओं में कौशल का विकास किया जाए ताकि वो रोजगार पाने में सक्षम बन सके।

For the holistic development of Left Wing Extremist (LWE) affected areas, various schemes are being implemented by the line ministries and departments. Some of the major development initiatives are being undertaken in the areas of skill development.

इन क्षेत्रों मे तैनात पुलिस बलों को किन कठिन परिस्थितियों में रहना पड़ता है, कहने की जरूरत नहीं है। आए दिन हमारे जवान इन इलाकों में नक्सलियों की हिंसा का शिकार होते हैं। लेकिन इन सब मुश्किलों से जूझते हुए भी वे अपनी ड्यूटी को बखूबी अंजाम देते हैं।

गांव वालों की बात सुनकर जवानों ने उस स्कूल को फिर से खोलने की योजना बनाई। उन्होंने 2016 से बंद प्राथमिक स्कूल को दोबारा खुलवाया। स्कूल खुलने पर एसपी डॉ. लाल उमेद सिंह और जवानों ने बच्चों को किताबें और यूनिफॉर्म बांटी।

सरकार और प्रशासन की निरंतर कोशिशों के बाद आज नक्सल प्रभावित इलाकों की सूरत बदल गई है।

खुद को आदिवासियों का मसीहा बताने वाले नक्सली नहीं चाहते कि स्थानीय लोग समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

यह भी पढ़ें