Naxal Affected Area

पिछले दो महीनों में 70 नक्सलियों ने लोन वर्राटू अभियान के तहत सरेंडर किया है। जिसमें एक लाख से लेकर 8 लाख रुपये तक के इनामी नक्सली शामिल हैं।

बुधवार को नक्सलियों ने 10 से 15 लाख रुपये की लेवी लेने के बाद मुखिया को छोड़ दिया। मुखिया ने बताया कि ग़लत सूचना के आधार पर नक्सली उसे उठाकर ले गए थे।

गुरुवार को तड़के सुबह छापेमारी कर सियाराम यादव को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार नक्सली पीरी बाजार थाना कांड़ संख्या 83/19 का अभियुक्त था।

पुलिस की चौकसी और लगातार धर पकड़ की वज़ह से नक्सली (Naxal) परेशान हैं और आत्मसमर्पण का रास्ता अपना रहे हैं।

20 मिनट चली मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को भारी पड़ता देख नक्सली जंगल की आड़ लेकर भाग निकले। सर्चिंग के दौरान सुरक्षाबलों को नक्सलियों का कुछ सामान बरामद हुआ है।

सरकार ने ग्रामीण कृषि बाजारों, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और अस्पतालों को जोड़ने वाली कुल 9338 किलोमीटर सड़क निर्माण को मंजूरी दी थी।

नक्सली संगठन अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर हमले की प्लानिंग कर रहा था। पुलिस को इसकी सूचना मिल गई। जिसके बाद नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई।

1 अगस्त को गश्त के दौरान पुलिस के एक दल ने जिले के भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के तिंडोडी गांव से नक्सली (Naxal) महेश यादव को गिरफ्तार कर लिया।

बिहार के नक्सल (Naxal) प्रभावित इलाकों में रहने वाले युवाओं ने मिसाल कायम किया है। ये उन सभी के लिए प्रेरणा श्रोत हैं जो तमाम मुश्किलों के बावजूद अपने सपनों को जीना चाहते हैं।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) का दंतेवाड़ा जिला सालों से लाल आतंक से जूझ रहा है। वहां की धरती न जाने कितनी बार नक्सलियों के खून-खराबे की गवाह बनी है। पर नक्सलियों के इस गढ़ में अब बदलाव आता दिख रहा है।

महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले में नक्सलियों ने पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) सप्ताह से पहले 28 नवंबर की सुबह पेड़ गिराकर एक मार्ग को बंद कर दिया।

छत्तीसगढ़ के नक्सल (Naxal) प्रभावित नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों ने मानवता की मिसाल कायम किया है। अबूझमाड़ की गर्भवती महिला को जंगल में सुरक्षित प्रसव करवाकर सोनपुर कैम्प के पुलिस और आइटीबीपी के जवानों ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया है।

गरीबी और बेरोजगारी की वजह से पूर्व बिहार के जमुई, मुंगेर, लखीसराय और बांका के युवा आसानी से नक्सलियों के बहकावे में आ जाते हैं। यही वजह है कि इन इलाकों में नक्सलियों को अपनी जड़ मजबूत करने का मौका मिला।

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के भैरमगढ़ पातरपारा में स्थित सीआरपीएफ (CRPF) 199वीं बटालियन के जवान इन दिनों नक्सल प्रभावित गांवों में जा कर गांव वालों को टेलीफिल्म के माध्यम से जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं।

महिलाओं ने दिखाई हिम्मत, अपने दम पर बनाया नदी पर पुल, नदी जल संग्रह से शुरू किया कृषि कार्य, गांव में आई हरियाली ।

सामुदायिक रेडियो 10 से 15 किलोमीटर के दायरे के इलाके में लो फ्रीकेंवसी में काम करने वाले एफएम रेडियो स्टेशन हैं। सीआरएस कृषि संबंधी सूचनाओं, मौसम का पूर्वानुमान और फसल संबंधी जानकारियों के लिए उपयोगी साबित होते हैं।

सरकार विकास योजनाओं से जन-जन को जागरूक करने के लिए झारखंड सरकार ने एक नई पहल की है। राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में टेलीविजन के माध्यम से सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए सरकार मुफ्त में डीडी रिसीवर बांटेगी।

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