बिहार: जमालपुर STF को मिली बड़ी कामयाबी, हार्डकोर नक्सली गिरफ्तार

गुरुवार को तड़के सुबह छापेमारी कर सियाराम यादव को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार नक्सली पीरी बाजार थाना कांड़ संख्या 83/19 का अभियुक्त था।

Jammu and Kashmir

सांकेतिक तस्वीर।

एसटीएफ ने पीरी बाज़ार पुलिस अधिकारी अजय कुमार सिंह के साथ टीम बनाकर छापेमारी की योजना बनाई। गुरुवार को तड़के सुबह छापेमारी कर सियाराम यादव को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।

बिहार के लखीसराय जिले के जमालपुर में एसटीएफ को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। 6 अगस्त की सुबह एसटीएफ ने हार्डकोर नक्सली सियाराम यादव को गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ जमालपुर के डीएसपी पंकज कुमार ने बताया कि नक्सली सियाराम यादव के लहसोरवा गांव में होने की गुप्त सूचना मिली थी। जिसके आधार पर एसटीएफ ने छापेमारी कर गिरफ्तारी की है। गिरफ्तार नक्सली पर कई मामले दर्ज हैं। एसटीएफ काफी लंबे वक्त से इसकी तलाश कर रही थी।

डीएसपी पंकज कुमार से मिली जानकारी के अनुसार एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी। जिसमें बताया गया कि नक्सली अपने घर पीरी बाजार थाना क्षेत्र के चौरा राजपुर पंचायत के लहसोरवा गांव में छिपा हुआ है। इसपर तुरंत कारवाई करते हुए एसटीएफ ने पीरी बाजार पुलिस अधिकारी अजय कुमार सिंह के साथ टीम बनाकर छापेमारी की योजना बनाई। गुरुवार को तड़के सुबह छापेमारी कर सियाराम यादव को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार नक्सली पीरी बाजार थाना कांड़ संख्या 83/19 का अभियुक्त था।

ये भी पढ़ें- दंतेवाड़ा में बीजेपी MLA की हत्या का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, NIA कर रही पूछताछ

सियाराम यादव केवरिया कोल एवं मोधरी कोल में पुलिस और नक्सली मुठभेड़ का मुख्य आरोपी था। इस मुठभेड़ में दोनों तरफ से 50 राउंड से अधिक गोलियां चली थीं। पुलिस को मौके से कुछ खाने पीने के सामान के साथ-साथ बोल बम के कपड़े मिले थे। उस वक्त पुलिस को हार्डकोर नक्सली बालेश्वर कोड़ा, अर्जुन कोड़ा, सुरेश कोड़ा और संगठन के कई बड़े नक्सली नेताओं के वहां मौजूद होने की सूचना मिली थी।

नक्सली सियाराम यादव, दरोगी यादव के पुत्र व हार्डकोर नक्सली शंकर यादव का छोटा भाई है। एसटीएफ नक्सली से पूछ-ताछ कर रही है। बता दें कि पुलिस लगातार नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पिछले कुछ दिनों में लगभग आधा दर्जन के आसपास हार्डकोर नक्सलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। नक्सलियों की सभी गतिविधि पर पुलिस की नजर है। पुलिस के प्रयास से लोगों में सूझ-बूझ बढ़ी है। यही कारण है कि आए दिन नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे हैं।

यह भी देखें- 

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

यह भी पढ़ें