बिहार: IIT में सफलता के झंडे गाड़ रहे नक्सल प्रभावित इलाकों के युवा, कायम कर रहे मिसाल

बिहार के नक्सल (Naxal) प्रभावित इलाकों में रहने वाले युवाओं ने मिसाल कायम किया है। ये उन सभी के लिए प्रेरणा श्रोत हैं जो तमाम मुश्किलों के बावजूद अपने सपनों को जीना चाहते हैं।

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बिहार के नक्सल प्रभावित इलाकों में रहने वाले युवाओं ने मिसाल कायम किया है।

बिहार के नक्सल (Naxal) प्रभावित इलाकों में रहने वाले युवाओं ने मिसाल कायम किया है। ये उन सभी के लिए प्रेरणा श्रोत हैं जो तमाम मुश्किलों के बावजूद अपने सपनों को जीना चाहते हैं। इन युवाओं ने देश के विभिन्न आईआईटी संस्थानों से पढ़ाई पूरी की है। वहां से पास आउट होते ही इनमें से किसी को देश के नामी-गिरामी कंपनी में तो किसी को बहुराष्ट्रीय कंपनी में प्लेसमेंट मिला है।

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सोनू कुमार गुप्ता (फाइल फोटो)।

इन सभी का बचपन गांव में नक्सलियों के दहशत के साए में गुजरा। बाद में अपनी काबिलियत के दम पर गया स्थित मगध सुपर थर्टी में पढ़ाई कर ये आईआईटीयन बने और गांव, जिले और बिहार का नाम रोशन किया। नक्सल (Naxal) प्रभावित गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र के पकरीगुरिया गांव के गोपाल प्रसाद और सरिता देवी के पुत्र सोनू गुप्ता ने आईआईटी दिल्ली (इलेक्ट्रिक ब्रांच) से पढ़ाई पूरी की और इनका प्लेसमेंट सैमसंग कंपनी में हुआ। जबकि, अति नक्सल (Naxal) ग्रस्त जिले औरंगाबाद के गोह थाना क्षेत्र के महमद्दीपुर गांव की रेणु कुमारी को सालाना 12.5 लाख के पैकेज पर बहुराष्ट्रीय कंपनी ओस्की से ऑफर मिला है।

रेणु ने गया जिले के जेठियन स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय से मैट्रिक पास की। इनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। अपनी मेहनत और लगन के बलबूते वे पूर्व पुलिस महानिदेशक अभयानंद के मार्गदर्शन में संचालित मगध सुपर 30 पहुंची और आईआईटी प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त की। इनके पिता शारदा प्रसाद गांव में ही कपड़े की एक छोटी सी दुकान चलाते हैं। रेणु अभी आईआईटी दिल्ली में फोर्थ इयर (टेक्सटाइल) की छात्रा हैं। रेणु कुमारी बताती हैं कि उससे इंटरव्यू में पारिवारिक जीवन और शिक्षा को लेकर कई सवाल किए गए। उन्होंने बताया कि उसके जवाब से इंटरव्यू ले रहे सभी लोग काफी प्रभावित हुए।

रेणु ने बताया कि देश में आर्थिक मंदी और बेरोजगारी की बातें होती रहती हैं। लेकिन अकेले दिल्ली आईआईटी में पिछले चार दिनों में पांच सौ से अधिक छात्र-छात्राओं का प्लेसमेंट हो चुका है। वहीं, आईआईटी कानपुर से एमटेक कर रहे मगध सुपर 30 के छात्र रहे मधुकर भारती भी नक्सल (Naxal) प्रभावित इलाके से आते हैं। वे नवादा जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र के छोटकी अमवां गांव के सत्येंद्र नाथ वर्मा और कंचन कुमारी के बेटे हैं। इस धुर नक्सल प्रभावित इलाके से आने वाले मधुकर भारती का प्लेसमेंट एक्सिस बैंक में बतौर मैनेजर (एनालेटिक्स) पद पर सालाना 12.6 लाख के पैकेज पर हुआ है।

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