JHARKHAND

यहां केवल एक घर के फासले पर मंदिर और मस्जिद मौजूद हैं, लेकिन दोनों ही समुदाय प्रेम से अपने रीति-रिवाजों को पूरा करते हैं।

नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत एक करोड़ के 2 इनामी नक्सलियों समेत 17 माओवादियों पर देशद्रोह का मुकदमा चलेगा।

झारखंड (Jharkhand) पुलिस ने नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है और भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किया है।

Jharkhand: सोना सोबरन धोती साड़ी योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे झारखंड के 57.1 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा।

आत्‍मनिर्भर भारत से प्रेरणा लेते हुए झारखंड (Jharkhand) के युवाओं ने एक देसी वीडियो गेम बनाया है। प्रदेश के 15 युवाओं की टीम ने पुलवामा और बालाकोट एयर स्ट्राइक पर आधारित देसी वीडियो गेम बनाया है।

ग्रामीणों के मुताबिक, 8 से 10 की संख्या में नक्सली आए हुए थे। उस वक्त महिला घर में थी। नक्सलियों (Naxalites) ने महिला को घर से निकाल कर गोली मार दी।

Palamu Police अब इस मामले की जांच कर रही है और ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं ये विस्फोटक नक्सलियों के लिए तो नहीं ले जाया जा रहा था।

धनबाद में किसानों को मशरूम (Mushroom) की खेती का वैज्ञानिक तरीका सिखाया जा रहा है, जिससे वे पैदावार बढ़ा सकें। किसानों को अब केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (CIMFR) के वैज्ञानिक हर मौसम में मशरूम की खेती का तरीका बता रहे हैं।

चतरा में नक्सलियों (Naxalites) ने देर रात जमकर उत्पात मचाया है। मामला पिपरवार थाना क्षेत्र के सीसीएल में बचरा रेलवे साइडिंग का है।

डीसी राहुल कुमार सिन्हा ने बुधवार को अभियोजन की स्वीकृति दी और देशद्रोह की धारा में राज्य सरकार से जल्द स्वीकृति आदेश देने की मांग की।

Jharkhand: बोकारो जिले के चास प्रखंड में 2 गांव हैं, इनका नाम शिकारी और परसाडीह है। यहां के लोगों ने सालों भागदौड़ की, लेकिन सड़क नहीं बन सकी।

नक्सलियों (Naxalites) को मुख्यधारा में लाने के लिए झारखंड पुलिस द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसी से प्रभावित होकर नक्सलियों ने सरेंडर किया है।

रांची पुलिस ने बुधवार देर रात शहरी इलाके से 14 उग्रवादियों को गिरफ्तार कर कहा कि अब पीएलएफआई (PLFI) के उग्रवादी जंगलों से निकलकर शहर की ओर आ रहे हैं।

नक्सली (Naxalite) संगठन पोस्टरबाजी करके माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ये नक्सली संगठन गांव के अनपढ़ और बेरोजगार युवाओं को पोस्टरबॉय बना रहे हैं।

एक वक्त था जब झारखंड (Jharkhand) में लाल आतंक (Naxalism) का बोलबाला था। लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से हो रही कोशिशों की वजह से अब स्थिति बदल रही है।

झारखंड (Jharkhand) में वन संपदा के साथ-साथ खनिज संपदाओं का भी अकूत भंडार है। लेकिन नक्सलवाद से ग्रस्त होने के कारण इसके विकास की गति धीमी पड़ गई। पर सरकार और प्रशासन की ओर से लगातार किए जा रहे प्रयासों से बीते 5 सालों में हालात बेहतर हुए हैं।

Jharkhand: इस गांव की खासियत ये है कि यहां की महिलाओं ने जागरुकता फैलाकर इसे नशा मुक्त बनाया है। यहां के लोग खूब मेहनत करते हैं और खुशहाल जिंदगी बिताते हैं।

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