JHARKHAND

अनल दा' के नेतृत्व में एक नक्सल समूह ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के मकसद से पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, रांची और सरायकेला-खरसावां के कई इलाकों में विस्फोटक लगाए हैं।

नक्सलियों में से दो की पहचान विश्राम कोंकणी उर्फ मोटा उर्फ सुकरा और कुलेन कोंगाडी के रूप में की गयी है जबकि एक अन्य आरोपी नाबालिग है। पुलिस ने इनके पास से कारतूस, पीएलएफआई का पर्चा, चंदा रसीद, मोबाइल और एक बाइक बरामद की है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी दिवाकर ने बताया कि जिले में 50-60 की संख्या में नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए एकत्र हुये थे लेकिन खुफिया तंत्र के कारण समय रहते सुरक्षाबलों ने उनके इस मंसूबे को नाकाम कर दिया।

पूछताछ में इनका नाम निवेश कुमार निवासी धुर्वा, शुभम कुमार निवासी खूंटी, ध्रुव कुमार निवासी सोनपुर जिला रांची बताया। ये सभी नक्सली प्रतिबंधित नक्सल संगठन पीएचलएफआई के सदस्य हैं।

इन अपराधियों में से दो इकबाल अंसारी व अमिरूल अंसारी ऐसे ही मामले में पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं और जमानत पर बाहर आये हुये थे।

गिरफ्तार तीनों नक्सलियों (Naxalites) में से एक के खिलाफ जिले के ही कर्ना थाने में मामला दर्ज है। 2018 में हुये नक्सल कांड के वांछित इस नक्सली को पुलिस काफी दिनों से ढूंढ रही थी।

सुरक्षाबलों ने संगइ लेवी वसूलने वाले तीन नक्सलियों (Naxalites) को गिरफ्तार किया जिनकी पहचान गुदड़ी के रमाय भैंसा, गुदड़ी के ही दामु बरजो और चाईबासा में गुदड़ी के ही मंगरा टुटी के रूप में की गयी है।

गुप्त सूचना मिली थी कि एक नक्सली हथियारों की सप्लाई के लिए पिंडीग की तरफ जा रहा है। इसी के आलोक में एक टीम बनाकर पुलिस ने नक्सली हिंदुवा होरो (Naxali) को गिरफ्तार कर लिया है।

मृतक बोयराम लुगुन पालुहासा जंगल में चल रहे सरकारी काम के तहत एक ठेकेदार के लिए बतौर मुंशी काम कर रहे थे। माओवादियों (Maoists) ने उन्हें जंगल से बंधक बनाकर गोईलकेरा-चाईबासा मार्ग पर ले जाकर गोली मारी।

पिछले दिनों देश के मोस्ट वांटेड नक्सली प्रशांत बोस उर्फ बूढ़ा और उसकी पत्नी सहित चार नक्सलियों की गिरफ्तारी के बाद से संगठन में बिखराव की स्थिति देखने को मिल रही है।

पुलिस ने छानबीन के दौरान नक्सली बंधना टोपनो (Naxali Bandhana) को हथियार व गोलाबारूद के साथ सोगा पहाड़ी के जंगल से पकड़ा है। 

इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने इन अपराधियों (Cyber Criminals) के पास से कई आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की, जिनमें 22 मोबाइल फोन, 35 सिम कार्ड, 7 एटीएम के अलावा एक कार और 32000 रूपये नगद बरामद किये।

मारा गया नक्सली (Naxali) मंगरा लुगुन चाईबासा के गोयलकेरा और पोड़ाहाट सहित आस-पास के थाना क्षेत्रों में सक्रिय था। उसके डर के कारण पूरे इलाके में बिना उसे लेवी दिये कोई भी निर्माण कार्य संभव नहीं था।

नक्सलियों के पास से पुलिस ने कोई हथियार व आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं की। लेकिन ये पिछले कई आपराधिक कांडों में वांछित हैं।

पिछले कुछ दिनों से नक्सलियों (Naxalites) का उत्पाद अपने चरम पर है। सेरेंगदाग थाना क्षेत्र में पुल और सड़क निर्माण में लगे मिक्सर मशीन और पानी टंकी को नक्सलियों ने आग के हवाले कर दिया था।

देवघर जिले में मधुपुर थाना क्षेत्र के गुनियासोल गांव व केसरगढ़ा गांव, पालाजोरी थाना क्षेत्र के लेटो गांव और पथरड्डा थाना क्षेत्र के गोबरशाला गांव में छापेमारी कर सात साइबर अपराधियों (Cyber Criminals) को गिरफ्तार किया गया।

गुप्त सूचना के आधार पर नक्सली मंगरू (Naxali) को उसके घर से ही गिरफ्तार किया गया। मंगरू के बारे में कहा जाता है कि वह पीएलएफआई (PLFI) सुप्रीमो दिनेश गोप का काफी करीबी है

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