India China Border

चीन की तमाम एजेंसियों ने बेंगलुरु की उस कंपनी को निशाना बनाया, जो कि मंत्रालय और बीएसएनएल से जुड़ी हुई है।

चीन (China) उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के पास भी ऐसा ही एयरपोर्ट बना रहा है‚ जो बुरांग काउंटी में है। ये इलाका भारत–नेपाल–तिब्बत ट्राईजंक्शन के बेहद करीब है। यहां से पिथौरागढ़ महज 50 किलोमीटर की हवाई दूरी पर होगा।

गिरफ्तार चीनी नागरिक से 1 एप्पल लैपटॉप, 2 आईफोन मोबाइल, 1 बांग्लादेशी सिम, 1 भारतीय सिम, 2 चाइनीस सिम, 2 पेन ड्राइव, 3 बैटरी, 2 स्मॉल टर्च, 5 मनी ट्रांजैक्शन मशीन, 2 एटीएम कार्ड, अमेरिकी, बांग्लादेशी और भारतीय करेंसी भी बरामद हुई है।

चीन पर किसी भी हाल में भरोसा नहीं किया जा सकता। उसकी चालबाजियों को देखते हुए वास्तविक नियंत्रण रेखा की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली इंडो तिब्बतन बार्डर पुलिस (ITBP) चीन पर कड़ी नजर रखे हुए है।

अरिंदम बागची (Arindam Bagchi) के अनुसार, पूर्वी लद्दाख में सैनिकों के हटने से ही सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बहाल हो सकती है और द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति का माहौल बन सकता है।

कई दौर की लंबी बातचीत के बाद दोनों देशों ने पिछले महीने पैंगोंग झील इलाके से अपनी सेनाओं को पीछे हटाया। लेकिन पूर्वी लद्दाख के कुछ हिस्सों में अभी भी सेनाओं के हटाने के मुद्दे पर चर्चा जारी है। 

LAC पर डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया तेजी से हो रही है। जानकारी के मुताबिक, दो दिनों में चीन की तरफ से एलएसी पर 200 से ज्‍यादा टैंक्‍स हटा लिए गए। बुधवार से दोनों देशों के बीच डिसइंगेजमेंट की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

पूर्वी लद्दाख में पैंगॉन्ग झील (Pangong) के उत्तरी और दक्षिणी छोर पर तैनात भारत और चीन के अग्रिम पंक्ति के सैनिकों ने पीछे हटना शुरू कर दिया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 11 फरवरी को इसकी जानकारी राज्यसभा में दी।

राज्य मंत्री ने बताया कि पिछले साल अप्रैल-मई माह में चीन ने पश्चिमी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति को बदलने के लिए कई प्रयास किये। हालांकि इन प्रयासों का हमारी सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया है।

बाइडन (Joe Biden) सरकार एक उच्च अधिकारी ने बताया कि अमेरिका सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद–प्रशांत महासागर क्षेत्र में साझा मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहेगा।

विदेश मंत्री (S Jaishankar) ने बताया कि लद्दाख की घटनाओं ने दोनों देशों द्वारा सीमा पर सैनिकों की संख्या को कम करने की प्रतिबद्धता का अनादर किया, बल्कि शांति भंग करने की इच्छा भी जाहिर की।

पूर्वी लद्दाख में कई पवर्तीय इलाके में भारतीय सेना (Indian Army) के करीब 50,000 सैनिक युद्ध की तैयारियों के साथ अभी तैनात हैं। वहीं चीन ने भी इतनी ही संख्या में अपने सैनिकों को तैनात किया है।

एलएसी पर मुश्किल परिस्थितियों में भारतीय जवान (Indian Army) मुस्तैदी से अपनी सीमा की रक्षा के लिए रात-दिन तैनात हैं, जबकि इन हालातों का सामना करना चीनी सैनिकों (PLA Troops) के लिए मुश्किल हो रहा है।

भारत और चीन (China) के बीच पिछले साल मई से ही पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गतिरोध जारी है। इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए दोनों ही देशों के बीच कई चरणों की बातचीत हो चुकी है लेकिन अब तक कोई ठोस रिजल्ट निकलकर सामने नहीं आया है।

इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन के तहत भारत एक जैसी सोच रखने वाले देशों को साथ ला रहा है, जिससे कि चीन (China) की विस्तारवादी नीतियों का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।

कृष्णमूर्ति (Raja Krishnamoorthi) ने कहा, ‘‘हिंसक आक्रामकता किसी चीज का जवाब नहीं होती और यह बात खासकर वास्तविक नियंत्रण रेखा के मामले में सही है, जो भारत से चीन को अलग करने वाला विवादित सीमा क्षेत्र है।’’

ट्विटर (Twitter) ने ये वादा किया कि इस महीने के आखिर तक वह इस गलती को सुधार लेगा। ड़ाटा संरक्षण विधेयक संबंधी संयुक्त समिति की प्रमुख मीनाक्षी लेखी ने इस बाबत जानकारी साझा की।

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