India China Border

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत के 13वें दौर में देप्सांग में तनाव कम करने पर जोर देते हुए अपना रुख पुरजोर तरीके से रखा है।

पिछले हफ्ते अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर के यांग्जी इलाके में दोनों सेनाओं के बीच कुछ देर के लिए तनातनी हो गई थी। जिसे मौजूदा प्रोटोकॉल के तहत दोनों पक्षों के स्थानीय कमांडरों के बीच बातचीक के बाद सुलझा लिया गया।

आर्मी चीफ (Gen MM Naravane)  ने बताया था कि हम किसी भी दुस्साहस का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और हमारी सेना ने हाल ही में इसका सबूत दे दिया है।

चीनी सेना को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूर्वी लद्दाख के फारवर्ड एरिया में भारतीय सेना ने के-9 स्वचालित होवित्जर रेजिमेंट (K9 Vajra howitzer regiment) को तैनात किया है।

20 में से 8 जवानों को 15 जून को गलवान नाला में मातृभूमि की रक्षा के लिए उनके वीरतापूर्ण कार्य‚ सावधानीपूर्वक योजना और सामरिक अंतर्दृष्टि के लिए PMG से सम्मानित किया गया है।

दोनों देशों (India China) की इस बातचीत का मकसद हॉट स्प्रिंग, गोगरा और देप्सांग में सैनिकों की वापसी की दिशा में आगे बढ़ने के साथ-साथ पूरे इलाके में तनाव को कम करना है। हालांकि सैनिकों की वापसी की दिशा में कोई और प्रगति नहीं हुई।

चीन की तमाम एजेंसियों ने बेंगलुरु की उस कंपनी को निशाना बनाया, जो कि मंत्रालय और बीएसएनएल से जुड़ी हुई है।

चीन (China) उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के पास भी ऐसा ही एयरपोर्ट बना रहा है‚ जो बुरांग काउंटी में है। ये इलाका भारत–नेपाल–तिब्बत ट्राईजंक्शन के बेहद करीब है। यहां से पिथौरागढ़ महज 50 किलोमीटर की हवाई दूरी पर होगा।

गिरफ्तार चीनी नागरिक से 1 एप्पल लैपटॉप, 2 आईफोन मोबाइल, 1 बांग्लादेशी सिम, 1 भारतीय सिम, 2 चाइनीस सिम, 2 पेन ड्राइव, 3 बैटरी, 2 स्मॉल टर्च, 5 मनी ट्रांजैक्शन मशीन, 2 एटीएम कार्ड, अमेरिकी, बांग्लादेशी और भारतीय करेंसी भी बरामद हुई है।

चीन पर किसी भी हाल में भरोसा नहीं किया जा सकता। उसकी चालबाजियों को देखते हुए वास्तविक नियंत्रण रेखा की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली इंडो तिब्बतन बार्डर पुलिस (ITBP) चीन पर कड़ी नजर रखे हुए है।

अरिंदम बागची (Arindam Bagchi) के अनुसार, पूर्वी लद्दाख में सैनिकों के हटने से ही सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बहाल हो सकती है और द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति का माहौल बन सकता है।

कई दौर की लंबी बातचीत के बाद दोनों देशों ने पिछले महीने पैंगोंग झील इलाके से अपनी सेनाओं को पीछे हटाया। लेकिन पूर्वी लद्दाख के कुछ हिस्सों में अभी भी सेनाओं के हटाने के मुद्दे पर चर्चा जारी है। 

LAC पर डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया तेजी से हो रही है। जानकारी के मुताबिक, दो दिनों में चीन की तरफ से एलएसी पर 200 से ज्‍यादा टैंक्‍स हटा लिए गए। बुधवार से दोनों देशों के बीच डिसइंगेजमेंट की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

पूर्वी लद्दाख में पैंगॉन्ग झील (Pangong) के उत्तरी और दक्षिणी छोर पर तैनात भारत और चीन के अग्रिम पंक्ति के सैनिकों ने पीछे हटना शुरू कर दिया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 11 फरवरी को इसकी जानकारी राज्यसभा में दी।

राज्य मंत्री ने बताया कि पिछले साल अप्रैल-मई माह में चीन ने पश्चिमी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति को बदलने के लिए कई प्रयास किये। हालांकि इन प्रयासों का हमारी सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया है।

बाइडन (Joe Biden) सरकार एक उच्च अधिकारी ने बताया कि अमेरिका सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद–प्रशांत महासागर क्षेत्र में साझा मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहेगा।

विदेश मंत्री (S Jaishankar) ने बताया कि लद्दाख की घटनाओं ने दोनों देशों द्वारा सीमा पर सैनिकों की संख्या को कम करने की प्रतिबद्धता का अनादर किया, बल्कि शांति भंग करने की इच्छा भी जाहिर की।

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