CRPF

19 जुलाई 2018 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा के बटपूरा गांव में अनूप सिंह (Anoop Singh) ने एक आतंकी को मार गिराया था।

सीआरपीएफ (CRPF) केवल देश के आंतरिक सुरक्षा का ही जिम्मा नहीं उठाते, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी अपना अहम योगदान देते हैं।

पाकिस्तान के राज्य प्रायोजित कुछ तत्व हथियारों‚ गोला–बारूद और नकदी की आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने की कोशिश कर‚ जम्मू–कश्मीर में सक्रिय पाकिस्तानी आतंकी संगठनों की मदद कर रहे हैं।

ड्रोन हमले के पीछे आतंकवादी संगठन लश्कर–ए–तैयबा का हाथ बताया गया और अब खुलासा हुआ है कि ड्रोन हमले में इस्तेमाल आईईडी को पाकिस्तान की फैक्टरी में तैयार किया गया था।

सुरक्षाबलों को इलाके में आतंकियों (Militants) के छिपे होने की जानकारी मिली थी जिसके बाद सेना की 22 आरआर, एसओजी सोपोर और सीआरपीएफ 179, 177 और 92 बटालियन की एक संयुक्त टीम ने वारपोरा में घर-घर में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया।

सतवारी के एयर फोर्स स्टेशन और पास के ही मशहूर पीर बाबा की दरगाह के ऊपर एक के बाद एक दो ड्रोन (Drone) उड़ते दिखाई दिए। इसने फिर पाक की भारत विरोधी कुत्सित चालों व बदनियति को बेनकाब किया है।

सीमा पर तैनात जवान व अफसर हाई अलर्ट पर हैं। सीमा पार से आने वाले ड्रोन (Drone) को लेकर भी अति सतर्कता बरती जा रही है।

सेना के विश्वसनीय इनपुट के आधार पर तलाशी अभियान शुरू किया गया, जिसके कारण हाइवे से करीब 700 मीटर दूर 30 किलोग्राम आईईडी बरामद किया गया।

पिछले सप्ताह भी लश्कर के आतंकियों (Militants) सहित घाटी में कई दहशतगर्दों का सफाया सुरक्षाबलों ने किया है। गौरतलब है कि सेना और सुरक्षाबलों की कार्रवाई से आतंकियों में खलबली मची हुई है।

सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से ये कार्रवाई की। हालांकि, अभी ये नहीं पता लग सका है कि ये स्मारक किस नक्सली (Naxalites) की याद में बनाया गया था।

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ऐसे ड्रोन (Drone) का इस्तेमाल जम्मू कश्मीर की सीमा में छिपे अपने आतंकियों को हथियार पहुंचाने के अलावा ड्रग्स और पैसे पहुंचाने के लिए करता है।

सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) देश की सुरक्षा और आम लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहती है। इतना ही नहीं यह बल पर्यावरण संरक्षण के लिए भी तत्पर है। आए दिन CRPF की ओर से वृक्षारोपण अभियान चलाया जाता है।

बीते दिनों में झारखंड में नक्सली (Naxalites) गतिविधियां बढ़ी हैं। हालांकि सुरक्षाबल अलर्ट हैं और नक्सलियों पर नकेल कसने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।

ISIS के इशारे पर एक भारत केंद्रित ऑनलाइन दुष्प्रचार सामग्री मासिक आधार पर प्रकाशित की गई, जिससे कि सीधे-साधे नौजवानों को उकसाया जा सके और उन्हें कट्टरपंथ के रास्ते पर ले जाया जा सके।

बर्खास्त किये गये कर्मचारियों में जम्मू–कश्मीर के दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं‚ जो कि पुलिस विभाग के अंदर की खुफिया सूचनाओं को आतंकवादियों (Militants) तक पहुंचाते थे।

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के बारामूला के सोपोर में सुरक्षाबलों ने हिजबुल मुजाहिद्दीन (Hizbul Mujahideen) के आतंकियों के ठिकाने (Terrorist Hideout) का भंडाफोड़ किया है।

बडगाम पुलिस ने जिस आतंकी सहयोगी (Terrorist Associates) को गिरफ्तार किया है, वह लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों का करीबी है। पुलिस ने इस आरोपी के पास से विस्फोटक सहित कई आपत्ति जनक सामग्री जब्त की है। 

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