China

गलवान घाटी (Galwan Valley) में हिंसक झड़प के दौरान मारे गए अपने सैनिकों की पहचान करने के लिए चीन (China) तैयार नहीं है। चीन की सरकार गलवान घाटी में मारे गए अपने सैनिकों का अंतिम संस्कार करने से मना कर रही है।

If war breaks out Chinese won't find it like 1962. Indian leadership is mentally prepared and that's the difference. Xi must understand that world has changed since last war.

चीनी विशेषज्ञों की राय तो यही है कि चीन, भारत को लेकर यह धारणा पहले ही बना चुका है कि भारत अब अमेरिका के गुट में है। भारत के निर्गुट रहने से चीन के व्यवहार में कोई अंतर नहीं आने वाला।

दक्षिण चीन सागर में चीन अपना एकछत्र राज चाहता है। बीते दिनों चीन ने यहां युद्धाभ्यास किया जिसके बाद इससे उसके पड़ोसी देश जैसे ताइवान, फ‍िलीपीन्‍स और व‍ियतनाम डरे हुए हैं।

संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं की बदौलत पिछले 75 वर्षों में कोई विश्वयुद्ध नहीं हुआ है। लेकिन बढ़ते शहरीकरण, वैश्वीकरण और सामाजिक विषमताओं के चलते और कई विश्वव्यापी संकट खड़े हो गए हैं जिन के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र और उसकी संस्थाएं अक्षम नज़र आने लगी हैं।

लद्दाख (Ladakh) के गलवान घाटी (Galwan Valley) में हुए विवाद के बाद चीन (China) को बड़ा झटका लगा है। सरकार ने चाइनीज कंपनियों से गंगा नदी पर बने महात्मा गांधी सेतु के समानांतर बनाए जाने वाले महासेतु का प्रोजेक्ट छीन लिया है।

यह जानना बेहद जरूरी है कि पाकिस्तान बैट (Border Action Team) आईएसआई (ISI), सेना व पाक रेंजर्स के बावजूद सरहद पर क्यों इस्तेमाल करती है? दरअसल बैट में पाकिस्तानी सेना के एनएसजी के कमांडो के अलावा कई दुर्दांत आतंकी होते हैं, जो कि सरहद पर आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए स्नाइपर राइफल से हमले करते और निशाना बना कर भाग जाते हैं।

सीमा पर हमारा एक जवान भी शहीद होता है तो देश के बच्चे-बच्चे का खून खौल उठता है। सारा देश एक साथ खड़ा हो जाता है, उस सैनिक और उसके परिवार के साथ। पर, कई देश ऐसे हैं जहां के सैनिकों को यह सम्मान नसीब नहीं होता।

In a small plot on the outskirts of Leh is an enclosed compound with a dozen odd graves. Those passing by barely notice the compound. There lie some of those killed during the operations. Unsung, they too had helped save Ladhak

लद्दाख (Ladakh) में भारत और चीन के वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर दोनों सेनाओं के बीच 15 जून देर रात झड़प हो गई, जिसमें भारतीय सेना (Indian Army) के एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए।

लद्दाख में चीन की सेना कई इलाकों में पीछे हट गई है लेकिन दोनों देशों के बीच पैंगोंग झील के पास फिंगर-4 को लेकर विवाद अभी भी जारी है...

चीन (China) के साथ LAC पर जारी तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने 8 जून को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की। इस बैठक में CDS जनरल बिपिन रावत के अलावा तीनों सेनाओं के प्रमुख भी शामिल थे।

लद्दाख में चीन (China) के साथ तनातनी के बीच गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने एक वीडियो ट्वीट किया है। वीडियो ट्वीट करते हुए गृह राज्य मंत्री ने लिखा है कि लद्दाख के उत्तरी हिस्से में सीमा पर रक्षा करते सेना के जवानों का ये वीडियो शानदार है और इसे जरूर देखना चाहिए।

भारत और चीन के बीच लद्दाख में जारी गतिरोध खत्म करने के लिए दोनों देशों के टॉप कमांडरो के बीच शनिवार को बातचीत हो रही है.

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के सेनाओं के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव जारी है। भारतीय सेना (Indian Army) साफ कर चुकी है कि जब तक स्थिति पहले जैसी नहीं हो जाती, वह एक इंच भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब भारत (India) और चीन (China) आमने-सामने हैं। साल 1967 में भारत-चीन युद्ध पूरी दुनिया को याद है तो भला चीन यह बात कैस भूल सकता है कि हमारे जवानों ने उनकी मांद में घुसकर उनके 300 सैनिकों को हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया था।

भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LaC) पर तनाव जारी है। इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 26 मई को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बिपिन रावत और तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक की है। इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चर्चा की गई।

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