Article 370

केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए केंद्र-शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में डोमिसाइल के नए नियमों को लागू कर दिया है।

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद 25 विदेशी राजनयिकों का दूसरा प्रतिनिधिमंडल (Foreign Envoys Delegation) 12 फरवरी को यहां पहुंचा।

घाटी से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से सीमा पार से लगातार आतंकियों द्वारा जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है।

जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि अनुच्छेद 370 (Article 370) पर केंद्र सरकार के फैसले के बाद कोर्ट के कामकाज को प्रभावित करने के लिए लगातार फिदायीन हमले की धमकी मिल रही है।

भारत सरकार के दूसरे कार्यकाल में विदेश मंत्री के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद अपने पहले संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत 'पड़ोस प्रथम' की नीति को आगे बढ़ा रहा है।

पाकिस्तान के गृहमंत्री एजाज अहमद शाह ने एक इंटरव्यू में यह कूबल किया कि पाकिस्तान में आतंकी संगठन मौजूद हैं। उनके देश की बात कोई सुनने के लिए तैयार नहीं।

भारतीय राजदूत के अनुसार, कश्मीर में हालिया बदलावों से माहौल बेहतर होगा और यह कदम जम्मू कश्मीर के लोगों के हित में होगा। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के लोगों को अपने अधिकारों को हासिल करने में मदद मिलेगी जिससे वे दशकों से वंचित थे।

अपनी पुरानी बात दोहराते हुए भारत ने कहा कि कश्मीर हमारा आंतरिक मसला है और पाकिस्तान झूठ की फैक्ट्री चला रहा है। विदेश मंत्रालय की सेक्रेटरी (ईस्ट) विजय ठाकुर सिंह ने जिनेवा में UNHRC में जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब कर दिया।

सेना की मुस्तैदी का ही नतीजा है कि पाकिस्तानी आतंकी सीमा पार से घुसपैठ नहीं कर पा रहे हैं। सोपोर में लश्कर ए तैयबा आतंकी संगठन के आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) को समाप्त करने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद बौखलाहट में परमाणु बम की धमकी देने वाला पाकिस्तान और उसके समर्थन में खड़े चीन ने अब मामले को बातचीत से सुलझाने की बात कही है।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही अतंकी संगठन घाटी में शांति भंग करने की फिराक में हैं। आतंकवादियों ने कश्मीर के सोपोर में एक बार फिर गोलाबारी की है।

भारत सरकार द्वारा जम्मू-कशमीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान और अलगाववादी संगठन नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं।

इन ट्रेनिंग कैंप्स को अगस्त में ही शुरू किया गया है, जिसको आतंकी संगठन जमात-ए-इस्लामी लीड कर रहा है। जानकारी के मुताबिक लीपा, कालू और काचारबन में लॉन्चिंग पैड पर करीब 220 आतंकियों का जमावड़ा लगा हुआ है। इनमें से पीओके के लीपा लॉन्चिंग पैड पर 100 से ज्यादा आतंकी मौजूद हैं।

इस बार पाकिस्तान ने सऊदी अरब और यूएई से कश्मीर पर स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की है। दरअसल, सऊदी के उप विदेश मंत्री अदेल बिन अहमद अल-जुबैर और यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला 4 सितंबर को इस्लामाबाद पहुंचे।

कश्मीर के मुद्दे को लेकर पाकिस्तान अभी भी हार मानने का नाम नहीं ले रहा। अब जब दुनिया भी यह मान चुकी है कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है, बावजूद इसके हर रोज भारत के लिए पाकिस्तान से कोई न कोई धमकी आ ही जाती है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ दिनों पहले ही अफगानिस्तान के ईस्टरन प्रांत से 350 से ज्यादा आतंकियों को लश्कर में शामिल कर पाकिस्तानी सेना टेरर कैंपों में ट्रेनिंग देने में लगी हुई है।

भारतीय उच्चायोग ने ट्विटर पर एक फोटो भी शेयर की है। इसमें देखा जा सकता है कि बिल्डिंग के शीशे टूटे हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिटेन के कोने-कोने में बसे करीब 10 हज़ार पाकिस्तानी मूल के लोग बसों में सवार होकर लंदन पहुंचे।

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