Article 370

कश्मीर के मुद्दे को लेकर पाकिस्तान अभी भी हार मानने का नाम नहीं ले रहा। अब जब दुनिया भी यह मान चुकी है कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है, बावजूद इसके हर रोज भारत के लिए पाकिस्तान से कोई न कोई धमकी आ ही जाती है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ दिनों पहले ही अफगानिस्तान के ईस्टरन प्रांत से 350 से ज्यादा आतंकियों को लश्कर में शामिल कर पाकिस्तानी सेना टेरर कैंपों में ट्रेनिंग देने में लगी हुई है।

भारतीय उच्चायोग ने ट्विटर पर एक फोटो भी शेयर की है। इसमें देखा जा सकता है कि बिल्डिंग के शीशे टूटे हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिटेन के कोने-कोने में बसे करीब 10 हज़ार पाकिस्तानी मूल के लोग बसों में सवार होकर लंदन पहुंचे।

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने राजनायिक संबंध तोड़ लिए थे और भारत के साथ अपने व्‍यापारिक संबंध खत्‍म कर दिए थे। हालांकि, इस बात को अभी एक महीना भी नहीं हुआ है और पाक की हेकड़ी हवा होने लगी है।

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में पाकिस्तान की पैरवी करने वाले वकील कुरैशी ने खुद कहा है कि सबूत न होने के चलते इस केस को इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में नहीं ले जाया जा सकता।

भारतीय सेना ने दो पाकिस्तानी आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों को उस वक्त गिरफ्तार किया गया, जब वे नियंत्रण रेखा से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे।

पाकिस्तानी रेल मंत्री शेख रशीद अहमद ने गीदड़भभकी देते हुए कहा कि पाकिस्तान के पास 125-250 ग्राम के परमाणु बम हैं जो एक सीमित इलाके को अपना निशाना बना सकते हैं।

पाकिस्तान की नापाक हरकतों को नाकाम करने के लिए ही IBG बनाया गया है। यह सेना का सबसे बड़ा पुनर्गठन है और जनरल रावत इसके प्रमुख प्रस्तावक हैं। IBG का लक्ष्य सेना के विभिन्न प्रभागों को एक नये समूह में शमिल करना है। 

मालदीव की संसद में सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) पर आयोजित चौथे दक्षिण एशियाई स्पीकर समिट के दौरान पाकिस्तान के डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने का मुद्दा उठाने की कोशिश की। इस पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि इस मंच पर भारत का आंतरिक मुद्दा उठाने पर हम पाकिस्तान की निंदा करते हैं।

जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा 31 अगस्त को गुजरांवाला कोर मुख्यालय गए थे, जहां उन्होंने सेना की तैयारियों की जानकारी ली। जनरल बाजवा ने कहा कि कश्मीर में बिगड़ते हालात क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा हैं।

अमेरिका के जाने-माने अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ में लिखे एक लेख में प्रधानमंत्री इमरान खान ने द्वितीय विश्व युद्ध के घटनाक्रम को याद करते हुए लिखा है कि दूसरा विश्व युद्ध म्यूनिख में तुष्टिकरण की नीति की वजह से हुआ, इस बार भी दुनिया पर कुछ ऐसा ही खतरा मंडरा रहा है, लेकिन इस बार ये खतरा परमाणु युद्ध का है।

आतंकी संगठन हिजबुल के नाम से जारी पत्र में कहा गया है कि दुकानदार अपनी दुकानें न खोलें और घाटी में बाजार बंद रहने चाहिए। साथ ही वाहन चालकों को भी धमकाया गया है कि घाटी में चलने वाले वाहनों के नंबर आतंकियों के पास हैं। ऐसे में वह अपने वाहन घरों से बाहर न निकालें। यदि वाहन चलते हुए दिखे तो जला देंगे।

भारत अपने पड़ोसी पाकिस्तान को हर मोर्चे पर पटकनी देने को पूरी तरह से कमर कस चुका है। पाकिस्तान के आतंकवाद से निबटने के लिए भारत तीन स्तर पर अपने पड़ोसी को घेरने की पूरी तैयारी कर चुका है।

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत इस दौरान कश्मीर घाटी में हालात से निपटने के लिए सुरक्षा स्थिति और सुरक्षाबलों की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 खत्म होने के बाद हालात किस तरह है, आर्मी चीफ अपने दौरे में इसका जायजा लेंगे।

कश्मीर के लिए गठित इस मंत्री समूह में रविशंकर प्रसाद, थावर चंद गहलोत, डॉ. जितेंद्र सिंह, नरेंद्र तोमर और धर्मेंद्र प्रधान हैं। इस कमेटी के अध्यक्ष कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद होंगे। यह समूह कश्मीर के विकास के लिए केंद्रीय मंत्रालयों की मदद का प्लान तैयार करेगा।

रूस ने कहा कि जम्‍मू-कश्‍मीर पर हम भारत के साथ हैं। अनुच्‍छेद 370 हटाया जाना भारत का आंतरिक मामला है। जम्‍मू-कश्‍मीर पर तीसरा देश हस्‍तक्षेप न करे।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अब वहां हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। अब भारतीय जनता पार्टी देशभर में लोगों के बीच एक अभियान चलाकर जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के फायदों के बारे में विस्तार से बताएगी।

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