Jammu: अनुच्छेद 370 हटने के बाद जड़ें मजबूत करने की कोशिश में आतंकी, स्लीपर सेल को किया एक्टिव

आतंकियों (Terrorists) ने जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article-370) हटाए जाने के अब जम्मू (Jammu) को आतंकवाद (Terrorism) के ठिकाने में तब्दील करने की कोशिश शुरू कर दी है।

Jammu

फाइल फोटो।

यहां लोग अब आतंकवाद से छुटकारा चाहते हैं। ऐसे में यहां समर्थन नहीं मिल पाने से आतंकियों में बौखलाहट है। यही वजह है कि वे जम्मू (Jammu)संभाग को वह निशाना बनाकर यहां फिर से आतंकवाद को जिंदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

आतंकियों (Terrorists) ने जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article-370) हटाए जाने के अब जम्मू (Jammu) को आतंकवाद (Terrorism) के ठिकाने में तब्दील करने की कोशिश शुरू कर दी है। इसके लिए उन्होंने अपने स्लीपर सेल को सक्रिय कर दिया गया है। ये स्लीपर सेल ही आतंकी संगठनों के लिए रेकी करने से लेकर आतंकियों के लिए पनाह की तलाश करने और पाकिस्तान से आए हथियारों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।

पिछले कुछ महीनों में पकड़े गए आतंकियों ने सीमा पार बैठे हैंडलर से निर्देश मिलने की बात कबूल की है। इससे यह पता चलता है कि आतंकी यहां अपनी जड़ें जमाने की कोशिश में लगे हुए हैं। बता दें कि जम्मू (Jammu) में आतंकियों की लगातार गिरफ्तारी हो रही है। एक हफ्ते में जम्मू के कुंजवानी और सांबा के बाड़ी ब्राह्मणा से दो आतंकियों की गिरफ्तारी हुई है।

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टीआरएफ (TRF) के आतंकी जहूर अहमद  को 13 फरवरी को सांबा के बाड़ी ब्राह्मणा से गिरफ्तार किया गया। पिछले साल कुलगाम में भाजपा के तीन नेताओं और एक पुलिस कर्मी की हत्या के सिलसिले में उसकी तलाश थी। इससे पहले 6 फरवरी को पुलिस ने लश्कर-ए-मुस्तफ के कमांडर हिदायतुल्ला मलिक को कुंजवानी से गिरफ्तार किया था।

इसके बाद अब अल बद्र के एक मददगार की गिरफ्तारी हुई है। कुछ दिन पहले कुंजवानी इलाके से ही एक अन्य आतंकी को पिस्टल के साथ पकड़ा गया था। राजोरी, पुंछ, सांबा में सुरक्षाबलों की ओर से कार्रवाई करते हुए कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर भारी मात्रा में असलहे बरामद किए गए हैं।  

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सूत्रों के अनुसार, अनुच्छेद-370 (Articel-370) हटने के बाद घाटी में सुरक्षाबलों की सख्ती बढ़ी है। लोगों की मानसिकता में भी व्यापक बदलाव आया है। यहां लोग अब आतंकवाद से छुटकारा चाहते हैं। ऐसे में यहां समर्थन नहीं मिल पाने से आतंकियों में बौखलाहट है। यही वजह है कि वे जम्मू (Jammu)संभाग को वह निशाना बनाकर यहां फिर से आतंकवाद को जिंदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

इसके लिए सीमा से सटे कठुआ, सांबा व जम्मू के साथ ही राजोरी-पुंछ, डोडा, किश्तवाड़, रामबन व रियासी को साफ्ट टारगेट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। 

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पुलिस से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आतंकी इन दिनों जम्मू (Jammu) संभाग में तीन मोर्चों पर काम कर रहे हैं। पहला, वे धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के प्रयाय में लगे हुए हैं। दूसरा पाकिस्तान से आने वाले हथियारों को सुरक्षित तरीके से स्लीपर सेल के माध्यम से घाटी और अन्य स्थानों पर पहुंचाने का काम कर रहे हैं और तीसरा, ये दहशत गर्द जम्मू संभाग में दोबारा से आतंकवाद को जीवित करने के लिए बड़े हमले की साजिश कर रहे हैं।

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जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह के मुताबिक, “पाकिस्तान जम्मू संभाग में शांति व्यवस्था भंग करने की साजिशें कर रहा है। सुरक्षा बल चौकस हैं। हर कोशिश को नाकाम बनाया जा रहा है। यहां की अमन-शांति से किसी भी कीमत पर छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी। आतंकियों और उनके मददगार दबोचे जा रहे हैं। पूरी सतर्कता बरती जा रही है।”

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