search operation

महिला नक्सली ललिता तामो और भीमा मरकाम के खिलाफ अप्रैल 2015 में चोलनार गांव के करीब आईईडी विस्फोट कर सुरक्षाबलों के एंटी लैंड माइंस वाहन को उड़ाने की घटना में शामिल होने का आरोप है।

ये पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आखिर नक्सलियों की जन अदालत में ऐसी क्या बात हुई कि उन्होंने बिना किसी मांग के ग्रामीणों के साथ सातों नौजवानों को बिना नुकसान पहुंचाये जाने दिया।

सरेंडर करने वाले नक्सलियों (Naxalites) में जोगा मंडावी पर 2015 में दंतेवाडा के चोलनार में आईईडी की मदद से बारुदी सुरंग में विस्फोट करने के मामले में कथित रूप से शामिल होने का आरोप है।

दोनों आरोपी (Naxals associates) बरामद सामान से संबंधित किसी तरह को कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर बयान के आधार पर बीजापुर कोर्ट में पेश किया गया और वहां से जेल भेज दिया गया है।

सुरक्षाबलों के जवानों ने घटनास्थल से नक्सली का शव और हथियार बरामद किया है। हालांकि मारे गये दोनों नक्सलियों की पहचान खबर लिखे जाने तक नहीं हो पाई है। 

एसपी के अनुसार, इस मुठभेड़ में कुछ नक्सली भी घायल हुये हैं, जिन्हें उनके साथी अपने साथ भगा ले गये। जिनकी तलाश में आसपास के इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

सुकमा में भी कोबरा 206, एसटीएफ, डीआरजी व जिला बल की ज्वाइंट ऑपरेशन में बंदूक के साथ दो माओवादियों (Maoists) को गिरफ्तार किया गया है।

लिस अधिकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम  इरकभट्टी जंगल की ओर सर्च अभियान पर निकली हुई थी, तभी चारों नक्सली पुलिस को देखकर भागने लगे। जिन्हें सुरक्षाबल के जवानों ने घेराबंदी कर पकड़ लिया।

ये नक्सली साधु पिछले साल 11 सितंबर को जैगुर में रेंजर रथराम पटेल की हत्या में शामिल था। शहीद रेंजर रथराम इंद्रावती टाइगर रिजर्व के भैरमगढ़ अभयारण्य में ड्यूटी पर तैनात थे।

सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर तीन नक्सलियों (Naxalites) लखूराम उर्फ करगी कोर्राम (30), मस्सू उसेण्डी (21) और कोये राम उसेण्डी (30) को गिरफ्तार कर लिया है।

जब सुरक्षाबलों ने घटनास्थल की तलाशी ली तो वहां दो नक्सलियों का शव मिला। साथ ही घटनास्थल के पास से एक देशी रिवाल्वर और पांच किलोग्राम का एक बारूद बरामद किया गया।

पुलिस दिन-रात नक्सलियों (Naxalites) के मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है। रात में पुलिस उनके ठिकानों पर दबिश दे रही है। जवानों ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है।

इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के बीजापुर में शहीदी सप्ताह के पहले ही दिन पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के बाद माओवादी कैंप छोड़कर भाग गए ।

यह भी पढ़ें