Rafale

पांच राफेल विमानों की पहली खेप 29 जुलाई 2020 को भारत पहुंचा था। इन विमानों को पिछले साल 10 सितंबर को अंबाला में एक कार्यक्रम में आधिकारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया।

आज 3 राफेल (Rafale) विमान भारत पहुंचेंगे। विमानों की ये खेप फ्रांस से सीधे अंबाला एयरबेस पर लैंड करेगी। इनके आने से भारतीय वायुसेना ज्यादा ताकतवर बन जाएगी।

चीन और पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के बीच भारतीय वायु सेना खुद को लगातार मजबूत कर रही है। आने वाले 4 दिनों में भारतीय वायु सेना को 3 और राफेल विमान मिलने वाले हैं।

भारतीय सेना ने आजादी के बाद से अबतक पांच युद्ध लड़े हैं। चार युद्ध पाकिस्तान तो एक युद्ध चीन से लड़ा गया है। सिर्फ 1962 में चीन के खिलाफ हमें हार मिली है। भारतीय सेना (Indian Army)  जवान हर मोर्चे पर दुश्मनों को नेस्तनाबुद करने के लिए जाने जाते हैं।

संयुक्त अरब अमीरात के टैंकर ने हवा में ही तीनों राफेल विमानों (Rafale Jets) में ईंधन भरने में मदद की। जिसकी वजह से इन विमानों को कहीं भी जमीन पर लैंड करने की जरूरत नहीं पड़ी।

गणतंत्र दिवस (Republic Day 2021) के मौके पर राजपथ पर भारतीय सेना (Indian Army) हमेशा की तरह इस बार भी अपनी ताकत दिखाएगी, लेकिन इस बार का ये कार्यक्रम थोड़ा अलग होगा।

साल 2014 में भारत–फ्रांस वायुसेना के संयुक्त युद्धाभ्यास गरुड़ में राफेल (Rafale) जोधपुर में अपनी ताकत दिखा चुका है। उस समय राफेल और सुखोई के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला था।

सूत्रों के मुताबिक, भारत को 4 नवंबर को 3 और राफेल ( Rafale) विमान मिलेंगे। ये तीनों राफेल फ्रांस से सीधी उड़ान भरते हुए भारत आएंगे।

INDIAN ARMY अलग-अलग धर्म के गुरुओं की नियुक्ति करती है। ये धर्म गुरू सेना द्वारा संचालित होने वाले मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे आदि में पूजा-पाठ करवाते हैं।

राफेल लड़ाकू विमान को औपचारिक तौर पर भारतीय वायु सेना (IAF) में शामिल कर लिया गया है। अब राफेल, भारतीय वायु सेना का हिस्सा हो गया है।

राफेल (Rafale) की रेंज 3,700 किलोमीटर है और इसके साथ 4 मिसाइलों को भेजा जा सकता है। राफेल की लंबाई 15.30 मीटर और ऊंचाई 5.30 मीटर है।

Rafale: इस अहम मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, फ्रांस की सशस्त्र सेनाओं की मंत्री फ्लोरेंस पार्ले समेत कई महत्वपूर्ण लोग मौजूद रहेंगे।

लड़ाकू विमान राफेल (Rafale Fighter Jets) को लेकर एक समस्या सामने आ गई है। इस बाबत एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह (डायरेक्टर जनरल इंस्पेक्शन ऐंड सेफ्टी ऑफ इंडियन एयरफोर्स) ने हरियाणा की चीफ सेक्रेटरी केशनी आनंद अरोड़ा को पत्र लिखा है।

चीनी सेना ने भारत को डराने के लिए सीमा के पास अपने जे-20 फाइटर जेट उड़ाए। जिसे टक्कर देने के लिए भारतीय वायुसेना का राफेल (Rafale), सुखोई-30एमकेआई और तेजस विमान तैयार हैं।

राफेल लड़ाकू विमानों (Rafale Fighter Jets) को औपचारिक रूप से 10 सितंबर को भारतीय वायु सेना (आईएएफ) में हरियाणा के अंबाला हवाई अड्डे पर एक समारोह में शामिल किया जाएगा। इसके लिए फ्रांस के रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पैली को भी आमंत्रित किया जाएगा।

राफेल विमानों (Rafale Fighter Jets) के आ जाने से चीन की टेंशन बढ़ी हुई नजर आ रही है। लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर इसका असर साफ देखने को मिल रहा है।

इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म्स पर आतंकवाद को लेकर अपनी भद्द पिटवा चुका पाकिस्तान भारत के सामने खुद को बौना महसूस कर रहा है।

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