Rafale

राफेल विमानों (Rafale Fighter Jets) के आ जाने से चीन की टेंशन बढ़ी हुई नजर आ रही है। लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर इसका असर साफ देखने को मिल रहा है।

इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म्स पर आतंकवाद को लेकर अपनी भद्द पिटवा चुका पाकिस्तान भारत के सामने खुद को बौना महसूस कर रहा है।

राफेल विमान 7000 किलोमीटर का सफर तय कर बुधवार को हरियाणा के अंबाला एयरबेस पर पहुंचे।

भारत आ रहे राफेल विमानों (Rafale Fighter Jets) के संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE) स्थित अल धाफ्रा एयर बेस (Al Dhafra Air Base) पर पहुंचने के बाद ईरान ने इस एयर बेस के पास मिसाइलें दागी हैं।

भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) की ताकत और बढ़ जाएगी, क्योंकि 5 राफेल लड़ाकू विमान (Rafale Jets) आज भारत पहुंच रहे हैं।

राफेल ने पहले भी कई अन्य देशों में सफल ऑपरेशन कर आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया है। यह रडार को चकमा देकर सटीक निशाने पर हमला करने में सफल रहा है।

चीन के साथ जारी तनाव के बीच राफेल विमान (Rafale Fighter Jets) भारत पहुंच चुके हैं। भारत और फ्रांस के बीच हुए सौदे के तहत 5 राफेल लड़ाकू विमान भारत पहुंचे।

भारत की आजादी के बाद अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर पहली एयरस्ट्रिप बनाई गई। यही वह एयर बेस है जहां से 1965, 1971 या 1999 के कारगिल जंग में भारतीय वायु सेना ने दुश्मनों के छक्के छुड़ा दिए थे।

फ्रांस से भारत का रिश्ता नया नहीं है, इसकी शुरुआत साल 1953 में हुई थी। यह वह दौर था जब द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही थी।

फ्रांस स्थित भारतीय राजदूत ने राफेल को लाने वाले भारतीय पायलटों से मुलाकात की और उन्हे बधाई देते हुए सुरक्षित यात्रा की कामना की।

LAC पर चीन के साथ चल रहे तनाव के बीच भारत को मीटियर मिसाइल से लैस छह राफेल लड़ाकू विमानों (Rafale Jets) का पहला खेप 27 जुलाई तक मिलने की उम्मीद है।

फ्रांस में तीन और राफेल जेट विमान (Rafale) भारतीय वायु सेना को सौंप दिए गए हैं और उनकी इस्तेमाल फ्रांस...

भारतीय वायु सेना में टेक्नालॉजी और हथियार के रूप में राफेल एक बार फिर गेम चेंजर साबित होगा। आने वाले सालों में यह आक्रामक मिशनों और युद्ध जैसी स्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यह भी पढ़ें