आज से भारत-फ्रांस के फाइटर जेट के बीच होगा रोमांचक मुकाबला, पाकिस्तान सीमा के पास आसमान में गरजेगा राफेल

साल 2014 में भारत–फ्रांस वायुसेना के संयुक्त युद्धाभ्यास गरुड़ में राफेल (Rafale) जोधपुर में अपनी ताकत दिखा चुका है। उस समय राफेल और सुखोई के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला था।

Rafale

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आज से राजस्थान के  जोधपुर में भारत और फ्रांस के फाइटर्स जेट राफेल (Rafale) के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा। ‘डेजर्ट नाइट’ नाम का यह युद्धाभ्यास जोधपुर एयरबेस पर 20 से 24 जनवरी तक चलेगा। इस युद्धाभ्यास में शामिल होने के लिए दोनों देशों के फाइटर जेट पहले ही जोधपुर पहुंच चुके हैं। थार के रेगिस्तान में युद्धाभ्यास होने के कारण इसका नाम ‘डेजर्ट नाइट’ रखा गया है।

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ये युद्धाभ्यास दोनों देशों के बीच नियमित रूप से होने वाले युद्धाभ्यास गरुड़ से थोड़ा अलग है। इस समय फ्रांस की एयरफोर्स का एक बेडा स्कॉयरस डेप्लायमेंट के रूप में एशिया में तैनात है। ऐसे में वहां से इसके राफेल फाइटर्स सहित एयर रिफ्यूल टैंकर व परिवहन विमान इस युद्धाभ्यास में जोधपुर आएंगे। भारत की तरफ से राफेल (Rafale) के साथ ही सुखोई व अन्य लड़ाकू विमान इस युद्धाभ्यास का हिस्सा होंगे। इस युद्धाभ्यास में कुछ महिने से राफेल (Rafale) उड़ा रहे भारतीय पायलट अपना कौशल दिखायेंगे। वहीं कई सालों से राफेल उड़ा रहे फ्रांस एयरफोर्स के पायलटों से मुकाबला करने के साथ उन्हें इस विमान के बारे में काफी कुछ सीखने को मिलेगा।

युद्धाभ्यास के दौरान दोनों देशों के पायलट अपने अनुभवों को एक–दूसरे के साथ शेयर करेंगे। साल 2014 में भारत–फ्रांस वायुसेना के संयुक्त युद्धाभ्यास गरुड़ में राफेल (Rafale) जोधपुर में अपनी ताकत दिखा चुका है। उस समय राफेल और सुखोई के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला था। इस युद्धाभ्यास में फ्रांस के एयर चीफ डेनिस मर्सियर ने सुखोई से उड़ान भरी थी। जबकि तत्कालीन एयर चीफ मार्शल अरुप राहा ने सबसे पहले जोधपुर में ही राफेल उड़ा इसका ट्रायल किया था। दोनों देशों के बीच राफेल (Rafale) सौदे की नींव सही मायने में जोधपुर के युद्धाभ्यास के दौरान राफेल की क्षमता को जांचने व परखने के बाद ही रखी गई थी।

थार के रेगिस्तान का सिंह द्वार कहलाने वाले जोधपुर का मौसम अमूमन एकदम साफ रहता है। वहीं यहां का तापमान दोनों देशों के पायलट्स व अन्य स्टाफ के लिए पूरी तरह से मुफीद है। जोधपुर से सीमा क्षेत्र तक बगैर किसी रुकावट के लंबी दूरी तक उड़ान भर सकते हैं। 6 साल पहले जोधपुर में राफेल (Rafale) उड़ाने वाले पायलट्स को यहां का मौसम बहुत रास आया था। उन्होंने कहा भी था कि फ्रांस में हमें इस तरह मुक्त आकाश नहीं मिलता है। साथ ही जोधपुर एयरबेस काफी पुराना होने के साथ पश्चिमी सीमा का सबसे महत्वपूर्ण एयरबेस माना जाता है।

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