Naxalites

मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबलों के हौसले देखकर नक्सली (Naxalites) भाग खड़े हुए हैं और अपना सामान कैंप में ही छोड़ गए हैं।

झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी है। ताजा मामला चतरा जिले का है। यहां पुलिस ने नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम किया है।

जिला पुलिस और राज्य एसटीएफ के संयुक्त अभियान में ये कामयाबी मिली है। पुलिस गिरफ्त में आई ये कुख्यात महिला नक्सली कई बार पुलिस मुठभेड़ में शामिल रही है।

सशस्त्र सीमा बल को यहां बड़ी सफलता मिली है। यहां कई कांडों में शामिल नक्सली (Naxalite) अखिलेश यादव को गिरफ्तार किया गया है।

Naxalites: आज भी इस घटना को याद करके लोगों की रूह कांप जाती है। क्योंकि इससे पहले एक साथ इतने लोगों की हत्या इस क्षेत्र में नहीं हुई थी।

जम्मू-कश्मीर में जिस तरह आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन ऑल आउट जारी है, उसी तरह नक्सलियों (Naxalites) को खत्म करने की भी रणनीति बनाई जा रही है।

पुलिस टीम को  अभी तक यह जानकारी नहीं मिली है कि कंपनी कमांडर कुबेर सिंह (Company Commander) ने आखिर सुसाइड जैसा बड़ा कदम क्यों उठाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा बॉर्डर के पास 3 अप्रैल 2021 को हुए नक्सली (Naxalites) हमले में 22 जवान शहीद हुए थे। ऐसे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

Naxalites: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ ताबड़तोड़ अभियान जारी है। बस्तर में बड़े पैमाने पर नक्सल अभियान चलाए जा रहे हैं।

झारखंड (Jharkhand) के पलामू जिले में प्रतिबंधित संगठन जेजेएमपी के नक्सलियों (Naxalites) ने झारखंड-बिहार राज्य के सीमाई इलाके में स्थित एकौनी गांव के पूजा ईंट भट्टा पर 10 अप्रैल की रात जमकर उत्पात मचाया।

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, छत्तीसगढ़ और झारखंड, माओवादियों (Maoists) को रोकने के लिए अभी भी लगातार संघर्ष कर रहे हैं।

उनकी शहादत की खबर सुनकर पूरे घर में मातम छा गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बता दें कि दीपक भारद्वाज (Deepak Bhardwaj) उप निरीक्षक के पद पर तैनात थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नक्सली (Naxalites) युवाओं को संगठन की ओर आकर्षित करने के लिए नक्सली यूनीफॉर्म और अपने हथियारों का इस्तेमाल करते हैं।

ये हमला इतना हृदयविदारक था कि खुद देश के गृहमंत्री को अपना चुनावी दौरा बीच में छोड़कर दिल्ली जाना पड़ा। इस घटना से आहत गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलियों (Naxalites) के इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की।

नक्सली की पहचान वेट्टी हंगा के रूप में हुई है। गोलीबारी गादम और जंगमपाल के जंगलों के बीच हुई। गोलीबारी में कई नक्सलियों (Naxalites) के मारे जाने की खबर है।

नक्सली (Naxalites) बिहार और झारखंड के सीमांचल क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के बीजापुर जैसी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।

नक्सलियों पर नकेल कसने में सबसे आगे DRG (District Reserve Guard) के जवान होते हैं। ये एक ऐसी फौज है, जिसे नक्सलियों को धूल चटाने के लिए ही बनाया गया था।

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