Naxal Area

झारखंड (Jharkhand) के नक्सल प्रभावित जिले पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड में विकास के कार्य पर जोर दिया जा रहा है। प्रखंड में आजादी के बाद पहली बार 13 जाहिरा चारदीवारी के निर्माण कार्य की स्वीकृति मिल गई है।

सरकार, प्रशासन और सुरक्षाबलों की कोशिश का नतीजा है कि छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में लाल आतंक (Red Terror) का गढ़ कहे जाने वाले बस्तर (Bastar) का बड़ा हिस्सा नक्सलियों (Naxalites) के आतंक से मुक्त हो गया है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धुर नक्सल प्रभावित बस्तर (Bastar) संभाग में सरकार की योजनाओं के तहत लगातार विकास का काम हो रहा है। बस्तर जैसे नक्सल ग्रस्त इलाके (Naxal Area) में विकास के लिए पहली जरूरत सड़कों की है।

एक समय था जब झारखंड (Jharkhand) के खूंटी जिले के अड़की प्रखंड में लाल आतंक (Naxalism) का बोल बाला था। लोग इस इलाके में जाने से डरते थे।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धुर नक्सल प्रभावित बस्तर (Bastar) में नक्सली (Naxalites) किसी कैंप पर हमला करने के फिराक में हैं। खुलासा हुआ है कि नारायणपुर ब्लास्ट के बाद अब नक्सली बड़े हमले (Naxal Attack)  की तैयारी कर रहे हैं।

कॉन्स्टेबल अभिषेक पटेल (Head Constable Abhishek Patel) ने फर्ज के आगे अपनी जिंदगी को दांव पर लगा दिया। परिसर में मौजूद लगभग 400 लोगों की जान बचाने के लिए इस हीरो ने अपनी जान  जोखिम में डालने का फैसला किया।

बिहार (Bihar) के गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड के इस गांव में कभी गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजती थी। यहां के जंगलों में नक्सली संगठन एवं पुलिस के बीच आए दिन जमकर मुठभेड़ (Naxal Encounter) होती थी।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में नक्सलियों से लोहा लेने के लिए तैनात सुरक्षाबल के जवान नक्सल प्रभावित इलाकों में युवाओं को सही रास्ता दिखाने में भी कामयाब हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित इलाके (Naxal Area) में विकास की बयार बह रही है। इलाके के बंद पड़े स्कूलों को 15 साल के बाद खोला गया, साथ ही अब गांव-गांव में आंगनबाड़ी भवन बनाए जा रहे है।

बिहार (Bihar) के गया जिले के नक्सल प्रभावित इलाके (Naxal Area) में शिक्षा की अलख जग रही है। कभी जहां नक्सलियों (Naxalites) का बोल बाला था, आज वहां पर आज शिक्षा की मशाल जल रही है।

पुलिस और सुरक्षाबल कानून व्यवस्था बहाल करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही जनता की भलाई के अन्य काम भी करते हैं। वे लोगों की हर संभव मदद करने के लिए तत्पर रहते हैं।

झारखंड (Jharkhand) में गुमला जिले के नक्सल प्रभावित (Naxal Area) करंजपुर में अब सोलर इलेक्ट्रॉनिक लाइट के माध्यम से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इससे गांव के 150 घर जगमगा हो रहे हैं।

झारखंड (Jharkhand) नक्सल प्रभावित राज्यों में आता है। यहां नक्सलियों (Naxalites) के आतंक की वजह से विकास की गति थोड़ी धीमी है। यहां के युवाओं को नक्सली शिक्षा से दूर ले जाते हैं और बहकाकर आतंक की दुनिया में शामिल कर लेते हैं।

सरकार और प्रशासन की लगातार कोशिशों का नतीजा है कि आज यह नक्सल ग्रस्त इलाका (Naxal Area) विकास की राह पर चल पड़ा है। अब इस इलाके की धरती पर चारों तरफ हरियाली ही हरियाली नजर आएगी।

झारखंड सरकार (Jharkhand Government) की ओर से पेश किए गए बजट (Budget) में इस बार नक्सल प्रभावित इलाकों (Naxal Areas) के विकास पर खास जोर दिया गया है।

बिहार (Bihar) के औरंगाबाद जिले में सामाजिक चेतना अभियान के तहत 29वीं सशस्त्र सीमा बल (SSB) की कंपनी के द्वारा 4 मार्च को शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में हजारों पशुओं के लिए मुफ्त में दवा दी गई।

बिहार (Bihar) का गया जिला नक्सल प्रभावित (Naxal Affected Area) है। आए दिन नक्सली (Naxals) यहां हिंसा फैलाते रहते हैं और विकास कार्यों में बाधा पहुंचाते हैं।

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