Jharkhand Police

Pathalgadi आंदोलन की मास्टर माइंड Belosa Babita Kachhap को गुजरात ATS ने धर दबोचा। दो अन्य नक्सली भी गिरफ्तार। बबीता के खिलाफ दर्ज हैं कई संगीन मामले।

झारखंड (Jharkhand), बंगाल (Bengal) और ओडिशा (Odisha) में कई वारदातों को अंजाम देने वाले हार्डकोर इनामी नक्सली (Naxali) सुभाष मुंडा को पुलिस (Police) ने गिरफ्तार कर लिया है।

झारखंड पुलिस (Jharkhand Police) राज्य की जनता के लिए हर वक्त तैनात है। लोगों की सेवा के लिए पुलिस प्रशासन मुस्तैद है। इसी कड़ी में गिरिडीह पुलिस के एक सराहनीय कदम ने नक्सल क्षेत्र के ग्रामीणों का दिल जीता है।

डुमरी के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र (Naxal Area) टेसाफुल्ली में गिरिडीह (Giridih) पुलिस ने लोगों के बीच राशन, दवाईयों सहित जरूरत के सामान का वितरण किया।

झारखंड के डीजीपी कमल नयन चौबे (DGP Kamal Nayan Choubey) पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक करने लातेहार पहुंचे। डीजीपी ने 27 फरवरी को पुलिस के आला अधिकारियों के साथ बैठक की।

'सिर्फ सच' की खबर पर संज्ञान लेते हुए झारखंड पुलिस (Jharkhand Police) ने कार्रवाई की है। दरअसल, झारखंड के नक्सल प्रभावित लातेहार जिले में PLFI के नक्सलियों द्वारा मचाए गए उपद्रव पर सिर्फ सच ने एक खबर प्रकाशित की थी।

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम में उपमुखिया समेत 7 लोगों की हत्या कर दी गई। इन लोगों की हत्या 19 जनवरी को पत्थलगड़ी (Pathalgadi) का विरोध करने पर की गई थी।

झारखंड के हजारीबाग जिले में नक्सलियों ने एक बार फिर जबरदस्त तरीके से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। इस बार नक्सलियों ने यहां एक, दो नहीं बल्कि 7 वाहनों को आग के हवाले कर दिया है।

झारखंड पुलिस नक्सलियों के मुकाबले के लिए आंध्र और तेलंगाना की तर्ज पर काम कर रही है। इसके तहत स्मॉल एक्शन टीमें बनायी गई हैं। पहली बार नक्सली दस्तों के बजाय शीर्ष नक्सलियों को टारगेट कर अभियान चलाया जा रहा है।

रांची समेत झारखंड के कई जिलों के थानों में इस उग्रवादी पर केस दर्ज थे। यह उग्रवादी एक बार फिर रांची में किसा बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में था। लेकिन इससे पहले की वो अपने मकसद में कामयाब हो पाता वो चढ़ गया पुलिस के हत्थे।

नक्सलियों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाले इलाकों में 30 नए पुलिस कैंप खोले जाएंगे। पहले से 22 कैंप हैं। पहले चरण में 780 और दूसरे चरण के लिए 751 गांवों का चयन किया गया है।

गोली लगने से तीन उग्रवादियों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक अन्य उग्रवादी को भी गोली लगी है। जिसे दस्‍ते के सदस्‍य उठाकर अपने साथ घने जंगलों की ओर ले गए। बता दें कि पहली बार लोहरदगा में पुलिस के साथ मुठभेड़ की घटना में जेजेएमपी के नक्सली मारे गए हैं।

नक्सलवाद से प्रभावित राज्य झारखंड के गांवों में दोबारा कोई बच्चा नक्सली बन हिंसा के रास्ते पर न जाए, इसके लिए पुलिस ने एक पहल की है। इस पहल की शुरुआत प्रदेश के पूर्वी सिंहभूम जिले के झुंझका से की गई।

पुलिस ने इस नक्सली को मुख्यधारा में लौट आने के कई मौके दिए। प्रशासन यह चाहता था कि वो खुद सरेंडर कर दे ताकि लोकतंत्र में रहकर वो एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका में आ सके।

हालत यह हो गई है कि नक्सली संगठन के कई बड़े नाम या तो अपनी मांद में आज दुबकर बैठे हैं या फिर किसी ना किसी तरह सरेंडर करने की फिराक में हैं।

नक्सलियों के दिन लद गए हैं और इस बात का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि इस साल पिछले 5 महीने में सुरक्षा बलों ने 18 नक्सलियों को मार गिराया है।

ललिता जब ब्याह कर अपने ससुराल आई तो सब कुछ ठीक था। रवींद्र घर पर ही रहता था। दिन हंसी-खुशी गुजर रहे थे। बमुश्किल महीना भर ही गुजरा होगा कि एक दिन गंजू लापता हो गया। फिर करीब डेढ़ महीने बाद घर लौटा तो बताया कि पार्टी के काम के सिलसिले में गया था।