Jammu Police

आईएसआई ने ड्रोन के माध्यम से पंजाब और जम्मू–कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में हथियार भेजने की कोशिश की है‚ जिन्हें हाल ही में जम्मू–कश्मीर (Jammu Kashmir) में सुरक्षाबलों द्वारा मार गिराया गया था।

आतंकी एजाज अहंगर (Terrorist Aijaz Ahmad Ahangar) कई सालों तक घाटी में सक्रिय था और इस दौरान कई बार गिरफ्तार भी हुआ। लेकिन 1996 में कश्मीर में जेल से आखिरी बार छूटने के बाद से ही वह भूमिगत हो गया।

पुलिस गिरफ्त में आये इन दोनों आरोपियों की पहचान मोहम्मद शकील और मोहम्मद इल्यास के रूप में हुई है। ये दोनों कांगा भूती गांव के ही रहने वाले हैं।

जम्मू में बड़े आतंकी हमलों (Terror Attacks) को लेकर लगातार इनपुट मिल रहे हैं इसलिए यहां तलाशी अभियान के अलावा हर आने–जाने वाले पर पैनी निगाह रखी जा रही है।

सोमवार दोपहर करीब 3 बजे जम्मू रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित मंगल मार्केट में तब हड़कंप मच गया, जब सेना की वर्दी (Army Uniform)  पहने 2 लोगों के पीछे सेना (Indian Army) का एक जवान दौड़ने लगा।

अहमद पूर्व उप-मुख्यमंत्री मुजफ्फर बेग के भाई हैं और जेकेएपी के चीफ कोआर्डिनेटर हैं। इस आतंकी हमले में उनके परिवार में को किसी तरह की कोई क्षति नहीं पहुंची है।

बम निरोधक दस्ते की मदद से सभी आईईडी को तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय कर दिया गया है। फिलहाल आईईडी रखने वाले आतंकियो की तलाश में सुरक्षाबलों की छापेमारी जारी है।

जम्मू संभाग के पुंछ जिले के जावेद खालिद, सोफी की बेटी के मंगेतर हैं और सोफी की करीबी मखदूमी ने एसएमसी चुनाव लड़ा था, लेकिन वह असफल रही थीं। सोफी एक पूर्व आतंकी है, जो एसएमसी में नौकरी पाने में कामयाब रहा।

पिछले सप्ताह भी लश्कर के आतंकियों (Militants) सहित घाटी में कई दहशतगर्दों का सफाया सुरक्षाबलों ने किया है। गौरतलब है कि सेना और सुरक्षाबलों की कार्रवाई से आतंकियों में खलबली मची हुई है।

पुलवामा शहर के मालिक पुरा इलाके के न्यू कॉलोनी में मंगलवार देर रात को ही स्थानीय पुलिस और 55 राष्ट्रीय रायफल के जवानों ने पूरे इलाके को घेर लिया था।

आतंकियों ने सुरक्षाबलों की मौजूदगी की भनक लगते ही जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, शहर के एक घर में 2-3 संख्या की तादाद में आतंकी छुपे हुये हैं। फिलहाल दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है।

ISIS के इशारे पर एक भारत केंद्रित ऑनलाइन दुष्प्रचार सामग्री मासिक आधार पर प्रकाशित की गई, जिससे कि सीधे-साधे नौजवानों को उकसाया जा सके और उन्हें कट्टरपंथ के रास्ते पर ले जाया जा सके।

बर्खास्त किये गये कर्मचारियों में जम्मू–कश्मीर के दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं‚ जो कि पुलिस विभाग के अंदर की खुफिया सूचनाओं को आतंकवादियों (Militants) तक पहुंचाते थे।

सेना की 32RR और CRPF की 92 BN की ज्वाइंट टीम ने आतंकियों के छिपे होने की आशंका के कारण सघन छानबीन शुरू किया गया था। इसी दौरान आतंकी (Militant) को बुधवार सुबह तड़के मार गिराया गया है।

सोपोर से बाहर निकले वाली सभी चेकपोस्टों पर सुरक्षा और जांच बढ़ा दी गई है। ऐसा माना जा रहा है कि अब इन आतंकियों (Militants) का बच निकलना नामुमकिन है।

यह एक कम तीव्रता वाला धमाका (Bomb Blast) था और पुलिस इसकी जांच कर रही है। साथ ही जम्मू कश्मीर में लगातार हिंदू नेताओं पर हो रहे आतंकी हमले के एंगल से भी जांच की जा रही है।

इस हमले के बाद अधिकारियों ने बताया कि पूरे इलाके की घेराबंदी कर हमला करने वाले संदिग्ध आतंकियों (Militants) की तलाश की जा रही है।

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