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भारत सरकार ने कश्मीर में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों के लिए एक अहम फैसला लिया है। कश्मीर में तैनात जवानों को संभावित आईईडी हमलों से बचाने के लिए एमआई-17 हेलीकॉप्टर के माध्यम से नजदीकी गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा।

एडवाइजरी में गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों को केवल कागज से बने झंडों के उपयोग के बारे में जन जागरूकता कार्यक्रम शुरू करने और ध्वज की गरिमा बनाए रखने के लिए निजी रूप से उन्हें डिस्पोज के लिए कहा है।

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद आतंकी वारदातों में काफी गिरावट देखने को मिली है। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2020 में आतंकवादी घटनाएं 63.93% घट गई।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में पुलिस और सुरक्षाबलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन से प्रदेश में नक्सलियों का क्षेत्र सिमटता जा रहा है। राज्य से नक्सलवाद (Naxalism) के खात्मे के लिए केंद्र सरकार भी कमर कस चुकी है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना के खिलाफ बुधवार को नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। ये गाइडलाइंस एक दिसंबर से लागू होंगी और 31 दिसंबर तक रहेंगी।

सीआरपीएफ की 153वीं बटालियन के जवान सालों से नक्सलियों (Naxalites) से लड़ते आए हैं, लेकिन नक्सल समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई है।

जम्मू-कश्मीर (jammu-Kashmir) में अर्धसैनिक बलों की तैनाती को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जम्मू-कश्मीर में तैनात किए गए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के 10 हजार से ज्यादा जवानों को वापस बुलाया जाएगा।

केंद्र सरकार ने नगालैंड में आम जनता की सहायता और हितों को ध्यान में रखते हुए अगले 6 माह यानी दिसंबर तक पूरे नागालैंड को सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम (AFSPA) के तहत अशांत क्षेत्र घोषित कर दिया है।

कोरोना वायरस (COVID-19) के संकट से निपटने के लिए देश में लॉकडाउन आवश्यक कदम है। इसको ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने लॉकडाउन को दो हफ्तों के लिए बढ़ा दिया है।

कोरोना वायरस (Corona Virus) के खिलाफ लड़ाई के लिए केंद्र सरकार ने देश में तीन मई तक के लिए लॉकडाउन (Lock Down)  बढ़ा दिया है। जिसके बाद 15 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

22 छात्रों की यह टीम केंद्रीय गृह मंत्रालय के तत्वावधान में सीआरपीएफ (CRPF) द्वारा आयोजित भारत दर्शन दौरे के अंतिम चरण में दिल्ली पहुंचा।

नक्सल ऑपरेशन्स में तैनात जवानों को अब पूर्णकालिक एयर एंबुलेंस की सेवा दी जाएगी। यह सुविधा नक्सल इलाकों में ऑपरेशन चला रहे सभी सुरक्षाबलों को दी जाएगी।

इन्हीं अलगाववादी नेताओं के अपने बच्चे या तो विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं या फिर नौकरियां कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सैकड़ों ऐसे अलगाववादी नेताओं की लिस्ट जारी की है जिनके बच्चे विदेशों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।

आंकड़ों के मुताबिक नक्सली हिंसा की घटनाओं और इनमें होने वाली मौतों में पिछले पांच सालों में काफी कमी आई है। 2009-13 के बीच ऐसी घटनाएं जहां 60.4 फीसदी हुईं वहीं पिछले पांच सालों में यह आकंड़ा घट कर 43.4 फीसदी पर आ गया है।

नक्सल कैडर में 50 फीसदी महिलाएं हैं। वे पितृसत्तात्म समाज की जबरदस्ती थोपी जानेवाली कुरीतियों का विरोध करती हैं। मर्जी के खिलाफ शादी से बचने के लिए वे घर से भाग जाती हैं और माओवादी संगठनों में शामिल हो जाती हैं।

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