दो हफ्तों के लिए बढ़ा लॉकडाउन, गृह मंत्रालय ने जारी किए नए गाइडलाइंस; जाने कितनी छूट मिली और क्या रहेंगी पाबंदियां

कोरोना वायरस (COVID-19) के संकट से निपटने के लिए देश में लॉकडाउन आवश्यक कदम है। इसको ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने लॉकडाउन को दो हफ्तों के लिए बढ़ा दिया है।

Lockdown

गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने लॉकडाउन को दो हफ्तों के लिए बढ़ा दिया है।

केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस (Corona Virus) के संकट से निपटने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन को बढ़ा दिया है। लॉकडाउन (Lockdown) का चौथा चरण आज यानी 18 मई से शुरू हो गया है। कोरोना वायरस (COVID-19) के संकट से निपटने के लिए देश में लॉकडाउन आवश्यक कदम है। इसको ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने लॉकडाउन को दो हफ्तों के लिए बढ़ा दिया है।

31 मई, 2020 तक लॉकडाउन (Lockdown) का चौथा चरण लागू रहेगा। सरकार के नियम कुछ मामलों में बेहद सख्त हैं। जहां ढील दी जा सकती है, वहीं ढील दी गई है। केंद्र की ओर से हालात को सामान्य बनाने की कोशिश की जा रही है। गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस के मुताबिक, लॉकडाउन 4.0 में सुबह 7 से शाम 7 बजे तक छूट रहेगी। इस बार शादी, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, बस, रेस्त्रां खोलने की मंजूरी दी गई है, लेकिन इसे लेकर कुछ शर्तें लागू की गई हैं।

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स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स खुलेंगे, लेकिन दर्शकों को वहां जाने की इजाजत नहीं होगी। जिम, स्वीमिंग पूल भी बंद रहेंगे। शादी समारोह में 50 और अंतिम संस्कार में 20 लोगों को शामिल होने की इजाजत रहेगी। नई गाइडलाइन के मुताबिक, रेस्त्रा-मिठाई की दुकानें खुलेंगी, लेकिन सिर्फ होम डिलिवरी की अनुमति होगी। स्टैंड अलोन दुकान खोलने की भी अनुमति दी गई है पर दुकान पर 5 लोग से ज्यादा काम नहीं कर सकेंगे। सभी दुकानों को ग्राहकों के बीच छह फीट की दूरी भी (2 गज की दूरी) सुनिश्चित करनी होगी।

लॉकडाउन (Lockdown)  4.0 में राज्यों के बीच यात्री वाहन और बसें भी चलेंगी, लेकिन इसमें राज्यों के बीच आपसी सहमति जरूरी है। वहीं, रेलवे, मेट्रो, घरेलू और विदेशी उड़ानों पर रोक जारी रहेगी। लॉकडाउन (Lockdown) में सिनेमा हॉल और शॉपिंग मॉल बंद रहेंगे। इस पर अंतिम फैसला राज्य सरकारों को केंद्र सरकार के साथ बातचीत के बाद ही लेना होगा।

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इस बार सैलून और मिठाई जैसी दुकानों को खोलने की इजाजत देने के अधिकार भी राज्य पर छोड़ गए हैं। इस बार लॉकडाउन में केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को ज्यादा अधिकार दिए गए हैं। लॉकडाउन (Lockdown) 4.0 की स्थिति और स्वरूप क्या होगा, इसका फैसला राज्य कर सकेंगे। राज्यों के पास यह भी अधिकार होगा कि वे किसी क्षेत्र विशेष को अलग-अलग जोन में बांट सकते हैं।

इसके अलावा राज्यों को ही लॉकडाउन का पालन कराने की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही दो नए जोन भी जोड़े गए हैं। देश में अब कोरोना वायरस (Corona Virus) के खतरे के लिहाज से पांच जोन का निर्धारण भी किया गया है। इस बार केंद्र की ओर से दो नए जोन, कंटेनमेंट जोन और बफर जोन जोड़े गए हैं। लेकिन इनके क्षेत्र का निर्धारण करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होगी। इससे पहले तीन जोन थे- रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन।

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गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) की गाइडलाइंस में कहा गया है कि रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन राज्य सरकारों द्वारा तय किए जाएंगे। इसके साथ ही रेड, ऑरेंज, कटेंनमेंट और बफर जोन जिलाधिकारी द्वारा तय किए जाएंगे। लेकिन इन जोन्स में गृह मंत्रालय (Home Ministry) द्वारा जारी किए दिशा निर्देश का पालन करना होगा। कंटेनमेंट जोन रेड जोना का ही एक हिस्सा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, वो इलाका जहां कोरोना वायरस के नए केसों में उतार चढ़ाव आए, यानी किसी दिन मरीजों की संख्या अधिक तो किसी दिन कम हो जाए, ऐसे इलाके को कंटेनमेंट जोन में रखा गया है। कटेंनमेंट जोन में केवल आवश्यक सेवाओं की अनुमति होगी इसके साथ ही इस जोन में लोगों की आवाजाही पर सख्त नियंत्रम होगा। मेडिकल, आवाश्यक सेवाओं को छोड़कर इन जोन में गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करना होगा। कटेंनमेंट जोन वाले क्षेत्रों में मेडिकल सेवाओं से संबंधित गतिविधियों पर हर घर जाकर विशेष नजर रखी जाएगी।