Chhattisgarh Naxal

नक्सली दहशत फैलाकर अपनी विचारधार का प्रसार करते हैं। नक्सली (Naxals) जिस देश में रहते हैं और जिसका खाना खाते हैं उसी के खिलाफ हैं। हमारे वीर सपूतों को अपने देश के भीतर ही नक्सलियों से लोगों की रक्षा करनी पड़ती है।

नक्सल समस्या देश की बड़ी समस्याओं में से एक है। नक्सली इस देश के लिए कलंक हैं। नक्सलियों ने कई मौकों पर देश को भारी नुकसान पहुंचाया है। हमारे कई जवान नक्सली हमलों में शहीद हो गए हैं तो कई जवान एंटी नक्सल ऑपरेशन में वीरता की मिसाल पेश करते हुए।

चुनाव के दौरान बड़े हमलों को अंजाम देकर नक्सली (Naxals) लोगों के बीच अपना खौफ और सरकार के प्रति अपनी विचारधारा को खुले तौर प्रदर्शित करते हैं।

नरसंहार का मुख्य षड्यंत्रकर्ता ओडिशा के मलकानगिरि जिले में जंगल में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया था। इस नक्सली का नाम सुनधरा था।

इस साल मार्च महीने में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सुकमा में नक्सली हमले (Naxal Attack) में हमारे 17 जवान शहीद हो गए थे। इसके साथ ही 14 जवान घायल भी हो गए थे।

पुलिस की चौकसी और लगातार धर पकड़ की वज़ह से नक्सली (Naxal) परेशान हैं और आत्मसमर्पण का रास्ता अपना रहे हैं।

20 मिनट चली मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को भारी पड़ता देख नक्सली जंगल की आड़ लेकर भाग निकले। सर्चिंग के दौरान सुरक्षाबलों को नक्सलियों का कुछ सामान बरामद हुआ है।

नक्सली संगठन अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर हमले की प्लानिंग कर रहा था। पुलिस को इसकी सूचना मिल गई। जिसके बाद नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई।

1 अगस्त को गश्त के दौरान पुलिस के एक दल ने जिले के भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के तिंडोडी गांव से नक्सली (Naxal) महेश यादव को गिरफ्तार कर लिया।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में 8 लाख के इनामी नक्सली (Naxal) भल्ला ने सरेंडर कर दिया। वह भैरमगढ़ एरिया कमेटी के प्लाटून नंबर 13 का डिप्टी कमांडर था। भल्ला ने सीआरपीएफ के डीजी और दंतेवाड़ा जिले के एसपी अभिषेक पल्लव के सामने अपनी बहन के जोर देने पर सरेंडर कर दिया।

दंतेवाड़ा में पुलिस के सामने 7 ऐसे लोगों ने सरेंडर किया है जो अपनी पहचान छिपा कर नक्सलियों की मदद किया करते थे। खास बात यह भी है कि यह सभी लोग गांव वालों के साथ मिलजुल कर रहते थे लेकिन किसी को उनकी करतूतों का पता तक नहीं चलता था।

हार्डकोर नक्सली कमांडर डेविड एएसआई नरबद बोगा की हत्या में भी शामिल था। इसके खिलाफ पुलिस की टीम पर हमला और हत्या जैसे दर्जनों मामले दर्ज हैं।

प्रदेश के नारायणपुर जिले के पुलिस अधिकारियों ने आज यहां बताया कि जिले के बुरगुम गांव के जंगल में नक्सलियों (Naxals) के साथ मुठभेड़ के दौरान डीआरजी का जवान घायल हो गया है।

दो साल पहले पुलिस पार्टी पर फायरिंग करने के आरोपी नक्सली मड़कामी सुकड़ा को छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की सुकमा पुलिस ने कुन्ना के पास डब्बा पहाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है।

आए दिन सुरक्षाबल के जवान आम जनता की मदद कर मानवता की मिसाल कायम करते हैं। हर बार यह साबित करते हैं कि सुरक्षा के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों की मदद करने की जिम्मेदारी भी वे बखूबी निभा सकते हैं।

सरकार ने लाल आतंक से जूझ रहे छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में साल 2019 में नक्सली हिंसा की घटनाओं में कमी होने की बात कही है। राज्य सभा (Rajya Sabha) में पेश एक आंकड़े के मुताबिक साल 2019 में जनवरी से 15 नवंबर तक नक्सलियों ने 231 बार हमला किया है।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा (Dantewada) में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मिच्चीपारा के पास नहाड़ी-ककाड़ी के जंगलों में हुई मुठभेड़ में तीन वर्दीधारी नक्सली गिरफ्तार किए गए।

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