ऋषिकेश मुखर्जी (Hrishikesh Mukherjee) ने जिस खूबसूरती से क्लाइमैक्स में पहले से रिकॉर्ड किए डायलॉग का इस्तेमाल किया था उसने इस फिल्म और राजेश खन्ना के किरदार को सिनेमा में अमर कर दिया।

Today History: आनंद, गुड्डी, चुपके-चुपके, सत्यकाम, गोलमाल, देवदास जैसी सदाबहार फिल्मों के डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी का जन्म 30 सितंबर 1922 को कोलकाता में हुआ था। 27 अगस्त 2006 को सिनेमा का ये सूर्य सदा के लिए अस्त हो गया।

1965 में आई फिल्म भूत बंगला से महमूद (Mehmood) ने फिल्म डायरेक्शन में कदम रखा। 1974 में आई फिल्म कुंवारा बाप को उन्होंने डायरेक्ट किया था। इसके अलावा कई फिल्मों में उन्होंने बतौर सिंगर भी अपनी आवाज दी।

Today History: महमूद (Mehmood) बतौर हीरो भी कामयाब रहे। छोटे नवाब, नमस्ते जी, शबनम, लाखों में एक, मैं सुंदर हूं, मस्ताना, दो फूल, सबसे बड़ा रुपैया, साधु और शैतान आदि फिल्मों ने उन्हें इंडस्ट्री का सबसे महंगा स्टार बना दिया

शहीद -ए-आज़म भगत सिंह (Bhagat Singh) की जिंदगी से जुड़ी ऐसी कहानियां जो प्रेरणा का स्रोत हैं। भगत सिंह के जीवन के तमाम पहलुओं की कहानी संजीव श्रीवास्तव की ज़ुबानी।

लता जी (Lata Mangeshkar) का लगभग 6 दशकों का कार्यकाल उपलब्धियों से भरा पड़ा है। लता जी ने ना सिर्फ हिन्दी बल्कि बंगला, मराठी और असमी जैसी लगभग तीस से ज्यादा भाषाओं में फिल्मी और गैर-फिल्मी गाने गाए हैं।

Today History: संगीत जगत में अविस्मरणीय योगदान के लिए लता जी (Lata Mangeshkar) को 6 बार फिल्म फेयर और तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा जा चुका है

यश चोपड़ा (Yash Chopra) अपने पिता से लड़-झगड़ कर पंजाब से बीआर चोपड़ा के पास मुंबई चले आए थे। दिलीप कुमार की अदाकारी के वे कायल थे और उन्हीं की तरह हीरो बनना चाहते थे।

राजा राममोहन राय (Raja Ram Mohan Roy) ने जो महत्त्वपूर्ण कार्य किया, वह था सती प्रथा को समाप्त करवाना। जब वह छोटे थे तभी उनके बड़े भाई की मृत्यु हो गई। उन दिनों विवाह भी आयु में हो जाते थे और पति की मृत्यु के बाद पत्नी सती हो जाती थी

Today History: आधुनिक भारत के निर्माता और समाजसुधारक राजा राममोहन राय का जन्म 22 मई, 1772 को राधानगर (बंगाल) के रमाकान्तराय नामक जमींदार के घर हुआ। 27 सितंबर 1833 में उनका निधन हो गया।

भारत के इस वीर महापुरुष पं. दीनदयाल उपाध्याय (Pandit Deendayal Upadhyay) की मृत्यु भी एक रहस्य बन कर रह गई। दिल्ली से हावड़ा की रेल यात्रा के दौरान मुगलसराय रेलवे स्टेशन के पास संदिग्ध अवस्था में इनका मृत शरीर मिला।

Today History: पं. दीनदयाल उपाध्याय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में एक सेवक की तरह ही प्रवेश किया और वे अपनी  प्रतिभा के बल पर एक दिन संघ के अध्यक्ष पद तक पहुंचे।

35 साल विदेशी जमीन पर रहकर भारत की आजादी का झंड़ा बुलंद करने वाली महिला पर अपने ही देश वापस लौटने के लिए शर्त लगाना कितना कष्टकारी रहा होगा? लेकिन अपनी मातृभूमि को छूने के लिए मैडम कामा ने हर चुनौती को सहस्र स्वीकार कर लिया।

Today History: 35 साल विदेशी जमीन पर रहकर भारत की आजादी का झंड़ा बुलंद करने वाली महिला पर अपने ही देश वापस लौटने के लिए शर्त लगाना कितना कष्टकारी रहा होगा? लेकिन अपनी मातृभूमि को छूने के लिए मैडम कामा ने हर चुनौती को सहस्र स्वीकार कर लिया।

प्रेम चोपड़ा (Prem Chopra) फिल्मों में अपनी नकारात्मक भूमिका के कारण इतने कुख्यात हो गए कि उनके प्रति लोगों का नजरिया बदल गया। उन्हें देखते ही लोग अपनी पत्नियों को छिपाने लगते और बच्चें रोने लगते थे।

Today History: प्रेम चोपड़ा (Prem Chopra) को डॉक्टर बनाना चाहते थे। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा ली, लेकिन वह फिल्मों में काम करने के लिए मुंबई आ गए।

दुर्गा खोटे (Durga Khote) की शुरुआत छोटी भूमिकाओं से हुई, लेकिन जल्द ही उन्होंने नायिका की भूमिका निभानी शुरू कर दी और 1932 में प्रदर्शित प्रभात फिल्मस की 'अयोध्येचा राजा' फिल्म ने उन्हें स्थापित कर दिया।

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