India China Border Tension

2017 से ही अमेरिका(America) , जापान, आस्ट्रेलिया और भारत ने शांति प्रयासों के लिये प्रस्ताव तैयार किया था। चीन की आक्रामकता को देखते हुए इस पर अब तेजी से कार्य किया जा रहा है।

चीन (China) के साथ तनाव के बीच हो रही इस बैठक में भारत जहां ड्रैगन की आक्रामक गतिविधियों व सीमा पर साजिशों के बारे में अपने काउंटरपार्ट को जानकारी देगा वहीं पाकिस्तान (Pakistan) द्वारा की जा रही साजिश के बारे में भी विचार-विमर्श होगा।

ताइवान की वायुसेना (Taiwan Air Force) ने कहा कि 35 एमएम की तोपों ने 'दुश्मन' के लड़ाकू विमानों को आकाश में बर्बाद करने के लिए जमकर गोले दागे।

चीन (China) अपने इस फाइटर विमान को अमेरिकी फाइटर विमानों जैसा बताता है। दावा किया जाता है कि जे-20 (Chengdu J-20) 304 मील प्रति सैकंड की दर से 2100 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है।

चीन वार्षिक मालाबार युद्धाभ्यास (Malabar Exercise)  के उद्देश्यों को लेकर सशंकित रहता है‚ वह महसूस करता है कि यह युद्धाभ्यास हिंद–प्रशांत क्षेत्र में उसके प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

चीन (China) की ये मिसाइल 15000 किलोग्राम वजनी और 11 मीटर लंबी है, जो पारंपरिक विस्फोटकों के अलावा न्यूक्लियर वॉरहेड को भी लेकर जा सकती है। सरल भाषा में कहें तो यह मिसाइल परमाणु हमला करने में भी सक्षम है।

जयशंकर (S. Jaishankar)  ने कहा कि भारत ने पिछले 30 साल में चीन के साथ संबंध बनाए है और इस रिश्ते का आधार वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अमन-चैन रहा है।

चीन को भारत के आंतरिक मामलों पर किसी भी तरह की बयानबाजी करने का हक नहीं है। अरुणाचल प्रदेश‚ लद्दाख (Ladakh) और जम्मू–कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा हैं।

भारत और चीन (India-China) के रिश्ते में एक बार फिर तनाव है। दोनों देशों के बीच यह तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया, जब जून के महीने में गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुए हिंसक संघर्ष में 20 भारतीय सैनिकों की मौत हो गई।

चीन (China) के लगातार बदले रुख के कारण अब भारत का उसपर ऐतबार भी नहीं कर रहा है। भारत को संदेह है कि अगर वो अपने सैनिक थोड़ा पीछे कर भी ले तो क्या चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) फिंगर 8 तक सीमित रहेगी।

इस बातचीत के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है‚ लेकिन सूत्रों ने कहा कि एजेंड़ा विवाद के सभी बिन्दुओं से सैनिकों की वापसी के लिए एक प्रारूप को अंतिम रूप देने था।

पूर्वी लद्दाख में LAC पर बीते पांच महीनों से जारी तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो (Mike Pompeo) ने बड़ा खुलासा किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा है कि चीन ने भारत की उत्तरी सीमा पर 60,000 सैनिक तैनात किए हैं।

पोम्पियो (Mike Pompeo) ने सीमा पर तनाव को लेकर चीन के व्यवहार पर ना केवल फटकार लगाई बल्कि यह भी कहा कि बीजिंग क्वाड देशों के लिए खतरा बन गया है।

अमेरिकी एनएसए (US NSA)  के मुताबिक, चीन (China) की विस्तारवादी आक्रामकता ताइवान जलड़मरूमध्य में भी ऐसा ही है, जहां धमकाने के लिए जनमुक्ति सेना की नौसेना और वायुसेना लगातार सैन्य अभ्यास कर रही है।

चीन (China) की हरकतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। लद्दाख (Ladakh) के बाद चीन ने अब पूर्वोत्‍तर भारत  (India) में नया पैंतरा अपनाया है। चीन (China) अरुणाचल प्रदेश में वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर आम नागरिकों की आवाजाही को बढ़ा द‍िया है।

निर्भय मिसाइल (Nirbhay Missile) को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने पूर्णतया अपने दम पर बनाया है। इस मिसाइल में धीमी गति से आगे बढ़ने,  बेहतरीन नियंत्रण व दिशा-निर्देशन, सटीक परिणाम देने तथा रडारों से बच निकलने की क्षमता है।

चीन और पाकिस्तान (China Pakistan) के साझा प्रयास से बन रहे मिसाइल कंस्ट्रक्शन साइट्स पर करीब 120 पाक सैनिक (Pakistan Army) और 25-40 आम लोगों की मौजूदगी है। मिसाइल साइट्स का कंट्रोलिंग सेंटर  ब्देल बाग में बनाने की संभावना है।

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