India China Border Tension

पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (East Asia Summit) के इस समूह में आसियान के दस देश शामिल हैं। इसके अलावा भारत‚ चीन‚ जापान‚ दक्षिण कोरिया‚ ऑस्ट्रेलिया‚ न्यूजीलैंड‚ अमेरिका और रूस भी इसके सदस्य देश हैं।

दोनों देश (India China) सैनिकों के निर्वासन सहित तीन–चरण के डिसइंगेजमेंट प्रस्ताव पर काम करने के लिए सहमत हुए हैं‚ लेकिन अभी तक जमीन पर कुछ भी नहीं हुआ है।

चीन (China) अपनी चालबाजियों से बाज नहीं आ रहा। वह आए दिन भारत के लिए मुश्किल पैदा करने की फिराक में रहता है। लद्दाख के बाद अब चीन की नजर अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) पर है।

LAC पर भारत-चीन तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) संघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) की बैठक में शामिल होने जा रहे हैं।

LAC पर तनाव को लेकर आज भारत और चीन के बीच एक बार फिर कोर कमांडर स्तर की बातचीत हो रही है। आज चुशूल में कोर कमांडर स्तर की आठवें दौर की बातचीत हो रही है।

चीनी सेना की गतिविधियों को देखते हुए हिमाचल (Himachal) से सटी सीमा पर अब लाहौल-स्पीति जिले में एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (Advanced Landing Ground) तैयार होंगे।

भारत और चीन (India China) के बीच सैन्य कमांडर स्तर की 7वीं बातचीत 12 अक्टूबर को हुई थी। बैठक बेनतीजा रही। हालांकि, दोनों पक्षों ने कहा था कि बैठक में रचनात्मक बातचीत हुई है।

भारत लद्दाख में सीमा पर तनाव के बाद चीन (China) के खिलाफ एक–एक कर कई कदम उठा चुका है और इन सब कदमों से चीन की अर्थव्यवस्था को जोर का झटका लगा है।

चीन (China) की चालबाजियां खत्म होने का नाम ही नहीं लेती हैं। वह आए दिन ऐसी हरकतें करते रहता है जिससे भारत के साथ उसके रिश्ते और खराब होते जाते हैं। अब उसने अरुणाचल प्रदेश में अपने रेल नेटवर्क पर काम शुरू कर दिया है।

भारत की सैन्य सुरक्षा से घबराया चीन (China) पाकिस्तान की मदद कर रहा है। सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल रक्षा प्रणाली की पीओके के पाउली पीर में पाकिस्तानी सेना और पीएलए द्वारा लगाया जा रहा है।

2017 से ही अमेरिका(America) , जापान, आस्ट्रेलिया और भारत ने शांति प्रयासों के लिये प्रस्ताव तैयार किया था। चीन की आक्रामकता को देखते हुए इस पर अब तेजी से कार्य किया जा रहा है।

चीन (China) के साथ तनाव के बीच हो रही इस बैठक में भारत जहां ड्रैगन की आक्रामक गतिविधियों व सीमा पर साजिशों के बारे में अपने काउंटरपार्ट को जानकारी देगा वहीं पाकिस्तान (Pakistan) द्वारा की जा रही साजिश के बारे में भी विचार-विमर्श होगा।

ताइवान की वायुसेना (Taiwan Air Force) ने कहा कि 35 एमएम की तोपों ने 'दुश्मन' के लड़ाकू विमानों को आकाश में बर्बाद करने के लिए जमकर गोले दागे।

चीन (China) अपने इस फाइटर विमान को अमेरिकी फाइटर विमानों जैसा बताता है। दावा किया जाता है कि जे-20 (Chengdu J-20) 304 मील प्रति सैकंड की दर से 2100 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है।

चीन वार्षिक मालाबार युद्धाभ्यास (Malabar Exercise)  के उद्देश्यों को लेकर सशंकित रहता है‚ वह महसूस करता है कि यह युद्धाभ्यास हिंद–प्रशांत क्षेत्र में उसके प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

चीन (China) की ये मिसाइल 15000 किलोग्राम वजनी और 11 मीटर लंबी है, जो पारंपरिक विस्फोटकों के अलावा न्यूक्लियर वॉरहेड को भी लेकर जा सकती है। सरल भाषा में कहें तो यह मिसाइल परमाणु हमला करने में भी सक्षम है।

जयशंकर (S. Jaishankar)  ने कहा कि भारत ने पिछले 30 साल में चीन के साथ संबंध बनाए है और इस रिश्ते का आधार वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अमन-चैन रहा है।

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