India China Border Tension

चीन (China) एक बार फिर से वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चालबाजी दिखाने लगा है। चीन ने एलएसी के पास सरफेस टू एयर मिसाइल बैटरियों को तैनात किया है।

भारत (India) और चीन (China) के सैन्य कमांडरों के बीच एलएसी (LAC) पर कायम गतिरोध को खत्म करने को लेकर 9 अप्रैल को 11वें दौर की वार्ता हुई।

अरिंदम बागची (Arindam Bagchi) के अनुसार, पूर्वी लद्दाख में सैनिकों के हटने से ही सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बहाल हो सकती है और द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति का माहौल बन सकता है।

कई दौर की लंबी बातचीत के बाद दोनों देशों ने पिछले महीने पैंगोंग झील इलाके से अपनी सेनाओं को पीछे हटाया। लेकिन पूर्वी लद्दाख के कुछ हिस्सों में अभी भी सेनाओं के हटाने के मुद्दे पर चर्चा जारी है। 

भारत और चीन के बीच आगे की राह आसान करने के लिए 3-M फॉर्मूले को लेकर बात हुई है, जिसके आधार पर विवाद को निपटाया जाएगा। इसमें आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित को ध्यान में रखा जाएगा।

भारत (India) और चीन (China) के बीच बीते कई महीनों से LAC पर चल रहे विवाद को खत्‍म करने के लिए दोनों देशों के बीच 20 फरवरी को 10वें दौर की सैन्‍य वार्ता हुई।

चीन (China) के सरकारी मीडिया ने गलवान की झड़प का वीडियो (Galwan Clash Video) जारी किया है। यह जून, 2020 का वीडियो है। वीडियो में दिख रहा है कि चीनी सैनिक भारतीय जवानों से उलझे हुए हैं।

बीते कुछ महीनों में भारत-चीन के बीच एलएसी (LAC) पर तनाव को लेकर लगातार खबरें आती रहीं। इस खबरों में पैंगोंग झील और फ‍िंगर-4 की चर्चा सबसे अधिक हुई।

कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भारत-चीन सीमा पर डिसइंगेजमेंट को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) डरपोक हैं।

भारत और चीन के बीच पैंगोंग झील (Pangong Tso) के उत्तरी एवं दक्षिणी किनारों पर सेनाओं के पीछे हटने का समझौता हो गया और दोनों देशों के सैनिक पीछे हटना शुरू हो गए हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने LAC के मसले पर जानकारी देते हुए 11 फरवरी को संसद में कहा कि बातचीत के दौरान भारत ने चीन के साथ सीमा विवाद को सुलझाने के लिए तीन सिद्धांतों को सुझाया है।

पूर्वी लद्दाख में पैंगॉन्ग झील (Pangong) के उत्तरी और दक्षिणी छोर पर तैनात भारत और चीन के अग्रिम पंक्ति के सैनिकों ने पीछे हटना शुरू कर दिया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 11 फरवरी को इसकी जानकारी राज्यसभा में दी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने 11 फरवरी को संसद (Parliament) के बजट सत्र (Budget Session) के दौरान राज्यसभा (Rajya Sabha) में चीन से जारी गतिरोध पर बयान दिया।

चीनी मीडिया के मुताबिक, राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के संदेश अनुरूप चीनी सेना को 155 एमएम की होवित्‍जर तोप मिली है। इसके अलावा जंग में इस्‍तेमाल किए जाने वाले वाहन और टाइप 15 लाइट टैंक दिए गए हैं।

राज्य मंत्री ने बताया कि पिछले साल अप्रैल-मई माह में चीन ने पश्चिमी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति को बदलने के लिए कई प्रयास किये। हालांकि इन प्रयासों का हमारी सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया है।

बाइडन (Joe Biden) सरकार एक उच्च अधिकारी ने बताया कि अमेरिका सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद–प्रशांत महासागर क्षेत्र में साझा मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहेगा।

विदेश मंत्री (S Jaishankar) ने बताया कि लद्दाख की घटनाओं ने दोनों देशों द्वारा सीमा पर सैनिकों की संख्या को कम करने की प्रतिबद्धता का अनादर किया, बल्कि शांति भंग करने की इच्छा भी जाहिर की।

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