India China Border Tension

राफेल जेट (Rafale Fighter Jets) विमानों का पहला बैच इसी साल 29 जुलाई को भारत पहुंचा था। साल 2016 में भारत और फ्रांस के बीच 36 लड़ाकू विमानों की खरीद के लिये 59,000 करोड़ रुपये समझौता हुआ था।

चीन से किसी भी स्थिति में निपटने के लिए भारत ने भी किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए सुपरसोनिक ब्रह्मोस (BrahMos Missile), सबसोनिक निर्भय और आकाश को तैयार कर लिया है।

चीन के साथ सीमा पर जारी तनाव के बीच भारतीय सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के करीब अपने टैंक तैनात किए हैं। केंद्र ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें पूर्वी लद्दाख में फॉरवर्ड पोस्ट पर भारतीय सेना के टैंक और बख्तरबंद वाहन खड़े हुए नजर आ रहे हैं।

भारतीय सेना ने सर्दियों के महीनों में पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में सभी प्रमुख इलाकों में सैनिकों की अपनी मौजूदा संख्या को बनाए रखने का फैसला किया है क्योंकि चीन के साथ सीमा विवाद के जल्द समाधान का कोई संकेत नहीं मिला है।

चीन की हर दिन सामने आ रहीं नई चालबाजियों का जवाब देने के लिए भी भारत पुख्ता इंतजाम कर रहा है। इसके तहत भारत ने इजरायल (Israel) के साथ मिलकर अत्याधुनिक हथियारों का पूरा तंत्र विकसित करने की योजना बनाई है।

इस वीडियो में, कुछ चीनी सैनिक (Chinese Soldiers) एक बस में बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। वे सभी रो रहे हैं, क्योंकि उनकी तैनाती लद्दाख की सीमा पर होने जा रही है।

चीन के साथ LAC पर तनाव जारी है। हालांकि इस तनाव को कम करने की कोशिश लगातार की जा रही है। लेकिन चीन की ओर से इसके लिए कोई खास प्रयास होता हुआ नजर नहीं आ रहा।

भारत और चीन के सैनिकों के बीच जून 2017 में डोकलाम (Doklam standoff) में तनातनी हुई, तभी से‚ चीन ने भारत की सीमा के नजदीक पूरी तरह नए और कम से कम 13 सैन्य ठिकानों का निर्माण शुरू कर दिया है

LaC पर स्थिति को स्थिर करने के मुद्दे पर दोनों पक्षों ने गहराई से विचारों का आदान–प्रदान किया और दोनों पक्ष (India China) अपने नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति के ईमानदारी से क्रियान्वयन पर सहमत हुए।

राफेल विमान (Rafale) जब वायु सेना में शामिल किए गए थे, तब वायु सेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने कहा था कि उन्हें सही वक्त पर वायु सेना (Indian Air Force) में शामिल किया गया है।

बीते कुछ महीनों से चीन (China) LAC पर चालबाजी दिखा रहा है। 15 जून को गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प की खबर सबको है। उसके बाद भी कई बार LAC पर फायरिंग की घटनाएं हुईं।

दक्षिण एशिया में ड्रैगन की नकेल कसने के लिए भारत और जापान (Japan) मिलकर काम करेंगे। दोनों की संयुक्त रणनीति चीन (China) के विस्तारवाद को रोकने की होगी।

LAC पर तनाव के बीच चीन ने अरुणाचल सीमा (Arunachal Pradesh Border) पर चहलकदमी बढ़ा दी है। जवाब में भारतीय सेना भी पूरी तरह तैयार है। विवादित इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

आरोपित पत्रकार राजीव (Rajeev Sharma) साल 2010 से 2014 के बीच चीन के मुखपत्र और प्रमुख समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स के लिए लिखता था। उसके लेख पढ़कर चीनी खुफिया एजेंसी से जुड़े लोग उसके संपर्क में आए।

अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने इन चीनी नागरिकों (Chinese hackers) के साइबर हमलों (Cyber Attack)और कंप्यूटर में सेंधमारी की कोशिशों को नाकाम बनाने के लिए हर उपलब्ध तकनीक का इस्तेमाल किया

भारत और चीन के बीच हालात कुछ ऐसे हो गए हैं कि दोनों देशों की सेनाएं इस समय सीमा पर आमने-सामने हैं। LAC पर जारी तनाव के बीच चीन ने भारत के खिलाफ एक और चाल चली है। यह चाल हमारे जवानों को मानसिक दबाव में लाने के लिए चली गई है।

कनाडा की सैन्य मैगजीन कन्वा डिफेंस रिव्यू ने सैटलाइट तस्वीरों की मदद से बताया कि चीनी सैनिक (PLA Troops) पैंगोंग झील के आसपास बड़े पैमाने पर तैनात हैं।

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