Naxalism

बता दें कि नक्सलबाड़ी वो जगह है, जहां से भारत में नक्सलवाद मूवमेंट की शुरुआत हुई थी। ये जगह पश्चिम बंगाल के दार्जलिंग जिले में है।

दशमी का बड़ा भाई अभी भी नक्सलियों (Naxali) के बहकावे में जंगलों की खाक छान रहा है। दशमी ने अपने बड़े भाई से अपील किया है कि वो भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट आए।

दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया कि भैरमगड एरिया कमेटी में बीते 10 सालों में जितनी भी बड़ी घटनाएं हुई हैं, उसमें भल्ला शामिल था।

'नक्सलवाद' (Naxalism) सिर्फ देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है बल्कि राजनीतिक और आर्थिक समस्या के साथ-साथ एक विकट सामाजिक समस्या भी है।

मौजूदा समय में नक्सली (Naxali) घटनाओं में आई भारी कमी पुलिस-प्रशासन के प्रयास का नतीजा है। बहरहाल छुट-पुट नक्सली घटनाओं को छोड़ दें तो बड़े नक्सली हमलों का रुकना, उसमें जवानों का हताहत ना होना और आम आदमी को डर के साए में ना जीना एक बड़ा पड़ाव है।

गिरिडीह पुलिस को नक्सलियों (Naxals) के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस (Police) ने यहां 24 जुलाई को एक खूंखार महिला नक्सली को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार महिला नक्सली भाकपा माओवादी संगठन की एरिया कमांडर (Woman Naxali Commander) है। पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने इस बात की जानकारी दी।

गिरफ्त में आए नक्सली का नाम नंदा कुंजाम है और वह मलंगिर एरिया कमेटी के पिरनार पंचायत कमेटी का अध्यक्ष था।

नक्सलवाद (Naxalism) को उखाड़ फेंकने के लिए सरकार और प्रशासन हर संभव कोशिश कर रहा है। सख्ती के साथ-साथ सरेंडर की नीतियां भी रंग ला रही हैं। इससे नक्सली (Naxals) मुख्यधारा से लगातार जुड़ रहे हैं। पर, नक्सलवाद के खात्मे के इस मिशन में उन इलाकों का विकास बेहद जरूरी है, जो लाल आतंक का दंश झेल रहे हैं।

तेलंगाना से आने वाले प्रवासी मजदूरों ने संक्रमण का फैलाव किया है। इस नक्सली इलाके में संक्रमण फैलने से नक्सली मूवमेंट में भी कमी आई है। बहुत से नक्सली (Naxali)जंगल छोड़कर इलाज कराने के लिए मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

इरादा अगर पक्का हो तो सफलता जरूर मिलती है। इसे साबित कर दिखाया है झारखंड (Jharkhand) के गिरिडीह के धुर नक्सलग्रस्त गांव जरूवाडीह की बेटी मनीषा कुमारी ने।

बस्तर में मानसून आने के बाद नमी और बरसात ने नक्सलियों (Naxali) की चिंता में भारी इजाफा कर दिया है इस बीच एक खबर यह भी है कि रायपुर से एक कारोबारी को नक्सलियों को वॉकी-टॉकी सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

बस्तर में मानसून आने के बाद नमी और बरसात ने नक्सलियों (Naxali) की चिंता में भारी इजाफा कर दिया है इस बीच एक खबर यह भी है कि रायपुर से एक कारोबारी को नक्सलियों को वॉकी-टॉकी सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

झारखंड (Jharkhand) पुलिस को नक्सलवाद (Naxalism) के खिलाफ एक अहम कामयाबी हाथ लगी है। झारखंड और बिहार में सक्रिय कुख्यात नक्सली (Naxali) अजय महतो को झारखंड की चतरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

झारखंड (Jharkhand) के गिरिडीह जिले में पुराने जमीनी विवाद की वजह से हुई एक हत्या का बदला नक्सली कमांडर (Naxali Commander) से गांव वालों ने ले लिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने तीर और फरसे से हमला कर नक्सली कमांडर सुरेश मरांडी को मौत के घाट उतार दिया।

नक्सली (Naxali) अनिश्चय पिछले 10-12 सालों से उग्रवादी संगठन टीएसपीसी का सक्रिय सदस्य रहा है। इसका मुख्य काम कोयलांचल क्षेत्र में कार्यरत कारोबारी और ठेकेदारों को डरा-धकमा कर लेवी वसूल करना और आगजनी-धमकी देने जैसे कई मामलों में वांटेड था। चतरा जिले के अलावा लाहतेहार और पलामू जिले में भी इसके नाम की दहशत थी।

झारखंड (Jharkhand) में एक इनामी नक्सली (Naxali) ने अपनी प्रेमिका के साथ पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर नक्सली जोड़े (Naxal Couple) ने बताया कि वे एक-दूसरे से प्यार करते हैं और लाल आतंक का रास्ता छोड़कर अपना घर बसाना चाहते हैं।

झारखंड समेत देश के सभी नक्सल प्रभावित राज्यों में अब विकास की बयार बह रही है। इसकी गति को तेज करने के लिए केंद्र सरकार ने कमर कस लिया है। इसके लिए, केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों से प्रस्ताव मांगा है।

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