Naxalism

नक्सली सुखराम (Naxalite) फिर से दहशत फैलाने कर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में जंगल में पहुंचा था। लेकिन जवानों ने उसे समय रहते गिरफ्तार कर लिया।

नक्सली (Naxalites) अन्य तरीकों से संगठन को मजबूत करने में लगे हुए हैं। वे देश के दूसरे हिस्सों में अपने पैर फैलाने की कोशिश में हैं।

भंडरा प्रखंड के धनामुंजी गांव के दानियल (Daniel) लकड़ा कभी नक्सली कमांडर थे, लेकिन अब वह राइफल को छोड़कर खेती कर रहे हैं।

सुरक्षाबल के जवान जब चिह्नित स्थल पर पहुंचे तो वहां से नक्सली (Naxals) नदारद थे। हालांकि सघन तलाशी के दौरान जंगल से बड़ी संख्या में विस्फोटक बरामद किया गया।

नक्सली विमल (Naxali Vimal) के अधिकार छीनने के बाद संगठन के सेंट्रल कमिटी सदस्य मिथिलेश मेहता को बूढ़ा पहाड़ का नया मुखिया बनाया गया है। वह करीब छह महिने पहले बिहार में चकरबंधा से निकल कर बूढ़ा पहाड़ आया है।

दोनों महिलाओं के नाम बत्ती उसेण्डी और नमनी मंडावी है। ये दोनों महिला नक्सली पिछले सात सालों से आदरे जनमिलिशिया संगठन के सदस्य के तौर पर जुड़ी हुई थीं।

25 जून को  छपरा जिले के परसा थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव निवासी रामानंद राय को दो नकाबपोश अपराधियों ने डेरनी थाना क्षेत्र के खजौली में संचालित उनके ईंट भट्ठा पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी।

गिरफ्तार दोनों नक्सली पिछले तीन साल से फरार चल रहे थे। दोनों नक्सलियों को भंडरा थाना में सीएलए एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लोहरदगा मंडल कारागृह भेज दिया गया है।

मृतक की पत्नी के अनुसार, उनका पति बेकसूर था। ऐसे में नक्सलियों (Naxalites) से उन्हें और उनके बच्चों को भी जान का खतरा हो सकता है। मृतक की पत्नी ने पुलिस सुरक्षा की मांग की है।

नक्सली गणेश साव पर सिमडेगा में एक कांड सहित बिहार के कई थानों में कुल 17 अपराधिक मामले दर्ज हैं। गणेश साव के पास से लेवी मांगने का पर्चा और मोबाइल जब्त किया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के वाम उग्रवाद विभाग ने ये जानकारी दी है कि देश के 11 राज्यों के 23 जिले नक्सल (Naxalites) प्रभाव से मुक्त हैं।

राज्य पुलिस के सूत्रों का कहना है कि कोरोना की पिछली लहर में नक्सलियों पर ज्यादा असर नहीं पड़ा था, लेकिन इस बार कई नक्सली कोरोना की चपेट में हैं, जिसका डर उनमें देखा जा रहा है।

नक्सली (Naxali) किशन का आतंक चतरा जिले के अलावा हजारीबाग, रांची, रामगढ़ और पलामू जिलों में भी था। झारखंड के कई जिलों के अलग-अलग थानों में इस नक्सली कमांडर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है।

संगठन में स्थानीय आदिवासी नौजवान कभी भी एरिया कमेटी से ऊपर प्रमोट नहीं किए जाते। केंद्रीय नेतृत्व में केवल आंध्र प्रदेश, तेलंगाना व केरल जैसे राज्यों के ही नक्सलियों (Naxalites) का बोल-बाला है।

जांच में इन तीनों नक्सलियों ने कुछ भी बड़ा खुलासा नहीं किया, लेकिन इनके पास से जब्त भारी तादात में हथियार कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं, ऐसे में अब एनआईए को इस जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पुलिस ने जब अपनी छानबीन शुरू की, तो घुसपैठिये के रूप 21 वर्षीय मजरूल उर्फ अनिस उर्फ बबलू पिता मुश्ताक अंसारी का नाम सामने आया।

लक्ष्मीपुर थाने की पुलिस गिरफ्तार नक्सली वीरेंद्र (Naxalite) के कारनामों की पड़ताल कर रही है। वहीं उसके अन्य साथी लालो दास को थानाध्यक्ष मृत्युंजय पंडित ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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