Naxalism

अनल दा' के नेतृत्व में एक नक्सल समूह ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के मकसद से पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, रांची और सरायकेला-खरसावां के कई इलाकों में विस्फोटक लगाए हैं।

एनकाउंटर में ग्रेहाउंड का एक जवान घायल हुआ है। जवान को हेलीकाप्टर से जंगल से बाहर निकालकर वारंगल जिले के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि सुरक्षाबल के जवान घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र की तलाशी ले रहे हैं।

मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण ताजा जानकारी नहीं मिल सकी है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि सुरक्षाबलों ने तीन तरफ से नक्सलियों को घेर लिया है। 30-40 की तादात में मौजूद नक्सलियों में कई बड़े नक्सल नेता भी मौजूद हैं।

नक्सलियों में से दो की पहचान विश्राम कोंकणी उर्फ मोटा उर्फ सुकरा और कुलेन कोंगाडी के रूप में की गयी है जबकि एक अन्य आरोपी नाबालिग है। पुलिस ने इनके पास से कारतूस, पीएलएफआई का पर्चा, चंदा रसीद, मोबाइल और एक बाइक बरामद की है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी दिवाकर ने बताया कि जिले में 50-60 की संख्या में नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए एकत्र हुये थे लेकिन खुफिया तंत्र के कारण समय रहते सुरक्षाबलों ने उनके इस मंसूबे को नाकाम कर दिया।

खुफिया सूत्रों और पुलिस की टेक्टिनकल टीम की मदद से जिला पुलिस व सीआरपीएफ के संयुक्त टीम ने छापेमारी करके माओवादी डॉक्टर बेसरा को गिरफ्तार किया है।

पूछताछ में इनका नाम निवेश कुमार निवासी धुर्वा, शुभम कुमार निवासी खूंटी, ध्रुव कुमार निवासी सोनपुर जिला रांची बताया। ये सभी नक्सली प्रतिबंधित नक्सल संगठन पीएचलएफआई के सदस्य हैं।

2021 में जिले में हुये एक नक्सली मुठभेड़ में पांडूराम (Naxali Panduram) मुख्य आरोपी रह चुका है। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना पुलिस को काफी लंबे समय से इस नक्सली की तलाश थी।

नक्सली विजय (Naxali Vijay) के पास किसी भी तरह का हथियार नहीं मिला लेकिन पुलिस के पास इसके खिलाफ काफी सबूत हैं। साथ ही पुलिस आस-पास के थानों से भी नक्सली विजय का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है।

गिरफ्तार तीनों नक्सलियों (Naxalites) में से एक के खिलाफ जिले के ही कर्ना थाने में मामला दर्ज है। 2018 में हुये नक्सल कांड के वांछित इस नक्सली को पुलिस काफी दिनों से ढूंढ रही थी।

दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों (Naxalites) की घर वापसी के लिए थाना, शिविरों और ग्राम पंचायतों में संबंधित इलाकों के सक्रिय नक्सलियों का नाम चस्पा कर उनसे सरेंडर कर सम्मान पूर्वक जीवन यापन करने का अनुरोध किया जा रहा है।

नक्सलियों (Naxalites) का दावा है कि मृतक हेमंत बंडी ने 2018 में मुठभेड़ से पहले नक्सलियों की गतिविधि की सूचना पुलिस को दी थी। हालांकि मृतक बंडी कई सालों से मानसिक बीमार था और अधिकांशत: घर पर ही रहता था।

पूना नर्कोम अभियान से प्रभावित होकर तथा शोषण, अत्याचार, भेदभाव और स्थानीय आदिवासियों के साथ होने वाली हिंसा से त्रस्त होकर 44 नक्सलियों (Naxalites) ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया।

गुप्त सूचना मिली थी कि एक नक्सली हथियारों की सप्लाई के लिए पिंडीग की तरफ जा रहा है। इसी के आलोक में एक टीम बनाकर पुलिस ने नक्सली हिंदुवा होरो (Naxali) को गिरफ्तार कर लिया है।

नक्सलियों (Naxalites) ने बीएसपी के कार्य में लगे कर्मचारियों को निशाना बनाते हुये सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे आईईडी ब्लास्ट किया। इस हमले में वहां काम करने वाले दो कर्मचारी घायल हो गये।

मृतक बोयराम लुगुन पालुहासा जंगल में चल रहे सरकारी काम के तहत एक ठेकेदार के लिए बतौर मुंशी काम कर रहे थे। माओवादियों (Maoists) ने उन्हें जंगल से बंधक बनाकर गोईलकेरा-चाईबासा मार्ग पर ले जाकर गोली मारी।

पुलिस ने छानबीन के दौरान नक्सली बंधना टोपनो (Naxali Bandhana) को हथियार व गोलाबारूद के साथ सोगा पहाड़ी के जंगल से पकड़ा है। 

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