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WHO की चीफ साइंटिस्ट डॉ. सौम्या स्वामीनाथन (Soumya Swaminathan) ने 15 सितंबर को एक बयान में कहा कि सामान्य जीवन में लौटने के लिए 2022 से पहले पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन (Covid-19 vaccine) का मिल पाना मुश्किल है।

इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि कोरोना वायरस हवा के जरिए भी फैल रहा है। अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने इस पर अपना बयान जारी किया है। WHO ने हवा से कोरोना संक्रमण के फैलने के दावे को स्वीकार कर लिया है।

कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है। WHO ने कहा है कि दुनिया अब एक नए और खतरनाक फेज में पहुंच गई है। WHO ने कहा कि भले ही अलग-अलग देशों में महामारी का अलग-अलग फेज हो, लेकिन वैश्विक स्तर पर वायरस फैलने की स्पीड बढ़ रही है।

कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (World Health Organization) ने कहा है कि जिन देशों में संक्रमण कम हुआ है, अगर वहां जरा भी कोताही बरती गई तो खतरा फिर से बढ़ सकता है।

डब्ल्यूएचओ (WHO) ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप मलेरिया के इलाज में काम आने वाली जो दवा कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचाव के लिए ले रहे है‚ उसके असर के बारे में कोई स्पष्ट वैज्ञानिक आधार नहीं मिला है।

कोरोना (COVID-19) के बढ़ते खतरे के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने बड़ी चेतावनी दी है। WHO के महानिदेशक ने कहा कि पूर्वी यूरोप, लैटिन अमेरिका और कुछ एशियन देशों में कोरोना का बढ़ता संक्रमण चिंता का विषय है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने कोरोना वायरस (COVID-19) के संक्रमण को लेकर चेताया है कि अभी दुनिया में और भी विकट समय आनेवाला है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पर चीन की तरफदारी करने का आरोप लगाते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने 14 अप्रैल को फंडिंग रोकने का ऐलान कर दिया।

दुनियाभर में कोरोना वायरस (Coronavirus) का खौफ बढ़ता ही जा रहा है। कई देशों की सरकारों ने एहतियातन लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है।

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