Indian Navy

दुनियाभर में कोरोना वायरस (COVID-19) अपना पैर पसारता जा रहा है। कोरोना ने अब भारतीय नौसेना (Indian Navy) में सेंध लगा दी है। मुंबई में 21 नौसैनिकों की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

देश भर में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बरकरार है। सरकार, प्रशासन डॉक्टर्स, मेडिकल स्टाफ, पुलिस, सुरक्षा बल और हमारी सेनाएं इस मुश्किल वक्त में देश और देश के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी हैं।

समुद्र के भीतर दुश्मनों के नापाक इरादे को नाकाम करने के लिए भी जल सेना पूरी तरह सक्षम है। इसके लिए नेवी के पास एक से बढ़ कर एक ताकतवर पनडुब्बी हैं। इन्हीं में से एक है समुद्र में दुश्मनों के होश ठिकाने लगाने वाली स्कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी आईएनएस 'करंज' (INS 'Karanj')।

भारतीय सेना (Indian Army) के बाद अब भारतीय नौसेना (Indian Navy) में भी महिला अधिकारियों को स्थाई कमीशन मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए केंद्र की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें महिला अधिकारियों की शारीरिक सीमाओं का हवाला दिया गया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की यात्रा से पहले सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) ने नौसेना (Indian Navy) के लिए अमेरिका से 24 मल्टीरोल हेलीकॉप्टर, रोमियो (MH-60R) खरीदने का फैसला किया है।

अगले तीन साल में भारत सैन्य इतिहास में सबसे बड़े पुनर्गठन में थलसेना (Army), वायुसेना (Air Force) और नौसेना (Navy) के संचालन को एकीकृत करने वाले सैन्य कमानों (Military commands) का संचालन शुरू कर देगा।

गरुड़ कमांडो को लगभग ढाई साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद तैयार किया जाता है। कमांडो ट्रेनिंग में इन्हें उफनती नदियों और आग से गुजरना, बिना सहारे पहाड़ पर चढ़ना पड़ता है। भारी बोझ के साथ कई किलोमीटर की दौड़ और घने जंगलों में रात गुजारनी पड़ती है।

नरवणे, एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया और नौसेना अध्यक्ष करमबीर सिंह तीनों ने एनडीए (NDA) का 56वां कोर्स एक साथ किया था। 

आईएनएस सुमित्रा देश के तटीय क्षेत्रों पर नजर रखने के लिए सबसे बड़ा निगरानी पोत है। खास बात यह भी है कि यह पोत स्वदेशी है यानी इसका निर्माण देश में ही हुआ है। अपनी श्रेणी के इस चौथे तोप का निर्माण सरकारी कंपनी गोवा शिपयार्ड में हुआ है।

बयान में कहा गया, 'आतंकी हमलों की आशंका को देखते हुए गुजरात के सभी बंदरगाहों पर कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। मुंद्रा बंदरगाह पर काम करने वाले सभी लोगों को सलाह दी जाती है कि सावधान और सतर्क रहें। किसी भी अनहोनी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस या नजदीकी सुरक्षा अधिकारी को सूचित करें।'

आग बुझाने के दौरान कमांडर चौहान के फेफड़ों में धुंआ और गैस भर जाने से वह बेहोश होकर गिर गए। उन्हें वहां से निकालकर तुरंत कारवाड़ स्थित नेवी हॉस्पिटल ले जाया गया। पर, उन्हें बचाया नहीं जा सका।

यह भी पढ़ें