सच के सिपाही

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में लड़े गए भीषण युद्ध में भारतीय सेना (Indian Army) ने पाकिस्तानी सैनिकों को भगा-भगाकर मारा था। इस युद्ध में हमारे जवानों ने ऐसा पराक्रम दिखाया था, जिसकी मिसाल दी जाती है।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में लड़े गए कारगिल युद्ध (Kargil War) में देश के जवानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर भारत मां की रक्षा की थी। हमारे देश के जवान भारतीय सरहद की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

भारत और पाकिस्तान के बीच साल 1999 में लड़े गए कारगिल युद्ध (Kargil War) में वायुसेना (Indian Air Force) दुश्मनों पर कहर बनकर टूटी थी। हमारी वायुसेना और उनके घातक लड़ाकू जहाजों ने पाकिस्तानी सैनिकों को दिन में तारे दिखा दिए थे।

भारतीय सेना (Indian Army)  के जवान भारत मां की रक्षा के लिए किसी भी हद तक गुजर सकते हैं। ऐसा एक नहीं बल्कि कई मौकों पर देखने को मिल चुका है। सेना के जवान हर हाल में अपने देश की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।

Kargil War: 8 नवंबर, 1960 को एक किसान परिवार में जन्में लक्ष्मण सिंह अपने गांव में मकान बनवा रहे थे तभी पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध छिड़ गया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच साल 1971 में भीषण युद्ध लड़ा गया था। बांग्लादेश की आजादी के लिए लड़े गए इस युद्ध में भारतीय सेना (Indian Army) ने पाकिस्तानी सेना को धूल चटा दिया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच साल 1999 में भीषण कारगिल युद्ध (Kargil War) लड़ा गया था। इस युद्ध में हमारे वीर सपूतों ने दुश्मनों को  बुरी तरह से हराया था। पाक ने एलओसी (LoC) पर धोखे से कारिगल के महत्वूपर्ण इलाकों पर कब्जा कर लिया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में पाकिस्तान को बुरी हार का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तान को हराकर भारत इस युद्ध की बदौलत पहली बार वैश्विक ताकत बनकर उभरा था।

War of 1971: युद्ध में शामिल होने वाले सेवानिवृत्त कै. भूपाल सिंह गढ़िया और हवलदार जगत सिंह खेतवाल ने युद्ध के दिनों को याद करते हुए कई बातें साझा की है।

भारतीय सेना (Indian Army) के गोपनीय रेजिमेंट के लिए काम करने वाले कई तिब्बती सैनिकों ने अपना बलिदान दिया है। भारत के स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (एसएफएफ) के कमांडो नीमा तेंजिन (Nyima Tenzin) उनमें से एक थे।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1965 में लड़े गए युद्ध (War of 1965) के पीछे की कई वजहें बताई जाती हैं। भारतीय सेना (Indian Army) ने इस युद्ध में पाकिस्तान को बुरी तरह से हराया था।

भारत और चीन के बीच 1962 में भीषण युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में इंडियन एयरफोर्स (Indian Air Force) का इस्तेमाल नहीं किया गया था। नतीजन भारत को हार का मुंह देखना पड़ा था।

कैप्टन विजयंत थापर को कारगिल के 'हीरो' में शामिल किया जाता है। तोलोलिंग पोस्ट जीत जाने के बाद उन्होंने अपनी मां तृप्ति थापर को फोन किया था।

हेवी वेहिकल फैक्टरी (आवड़ी) में निर्मित विजयंत टैंक में गोलाबारी करने की अपार शक्ति के साथ-साथ चौतरफा घूम फिरकर मार गिराने की क्षमता रखता है।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में लड़ा गया युद्ध (War of 1971) बेहद ही भीषण माना जाता है। इस युद्ध में भारतीय सेना (Indian Army) पाकिस्तानी सेना को बुरी तरह से पटखनी दी थी।

दो देशों को बीच सीमा का निर्धारण दो तरह से होता है जिनमें से एक है लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC)  और दूसरा इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) है। एलओसी, पीओके और जम्मू-कश्मीर के बीच की रेखा है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दंतेवाड़ा में नक्सलियों (Naxals) के खिलाफ हथियार उठाने वाली महिला फाइटर्स (Women Fighters) अब आईईडी (IED) भी डिफ्यूज कर रही हैं।